NEET UG 2026: राजस्थान से शुरू हुई कथित पेपर लीक की कहानीBHARATNEWS / NEET UG 2026 को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार कथित पेपर लीक की कहानी Rajasthan के सीकर जिले से शुरू हुई, जहां एक टीचर को परीक्षा खत्म होने के बाद ऐसा दस्तावेज मिला जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। मामला इतना गंभीर निकला कि शिकायत पहले स्थानीय पुलिस तक पहुंची, फिर National Testing Agency यानी NTA तक और अब जांच केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंच चुकी है।3 मई की शाम और एक संदिग्ध कागज़रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 मई की शाम सीकर के एक टीचर के हाथ एक कथित “गेस पेपर” लगा। बताया गया कि यह दस्तावेज उन्हें उनके मकान मालिक ने दिखाया और सामान्य तरीके से पूछा कि क्या यह असली लग रहा है। शुरुआत में यह एक साधारण गेस पेपर जैसा लगा, लेकिन जब टीचर ने उसमें लिखे सवालों की तुलना NEET UG 2026 के असली प्रश्नपत्र से की तो वे चौंक गए।आरोप है कि उस कथित गेस पेपर के कई सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए थे। इससे टीचर को शक हुआ कि कहीं पेपर पहले से लीक तो नहीं हुआ। इसी शक ने आगे चलकर पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर के विवाद में बदल दिया।आधी रात को पुलिस स्टेशन पहुंचे टीचररिपोर्ट्स के अनुसार 4 मई की रात करीब 1:30 बजे, परीक्षा खत्म होने के कई घंटे बाद, वह टीचर सीकर के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके हाथ में कथित गेस पेपर और कुछ अन्य दस्तावेज थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि NEET परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी हुई हो सकती है।हालांकि शुरुआत में मामला गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बाद में कहा कि टीचर की बात सुनी गई थी और उन्हें शिकायत लिखकर देने को कहा गया था। लेकिन रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि टीचर को लगा कि उनकी बात को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।उस समय टीचर काफी घबराए हुए बताए गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इतने बड़े मामले को किसके सामने रखा जाए और कौन उनकी बात पर भरोसा करेगा। उन्होंने कुछ पत्रकारों से भी संपर्क किया, लेकिन शुरुआती दौर में उनके आरोपों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया।कोचिंग सेंटर मालिक से संपर्कजब पुलिस और मीडिया से तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब टीचर ने अपने कोचिंग सेंटर के मालिक से संपर्क किया। दोनों ने मिलकर पूरे मामले पर चर्चा की और तय किया कि इसकी जानकारी सीधे NTA को दी जानी चाहिए। ye pade इसके बाद 7 मई की रात करीब 9:30 बजे NTA को आधिकारिक शिकायत भेजी गई। इस शिकायत में टीचर ने दावा किया कि उनके पास कथित पेपर लीक से जुड़े पर्याप्त सबूत हैं और वे जांच में पूरा सहयोग देने को तैयार हैं।उन्होंने लिखा कि वे फॉरेंसिक जांच के लिए अपना मोबाइल फोन जमा कराने के लिए भी तैयार हैं। शिकायत में कहा गया कि उनके पास करीब 60 पन्नों की एक PDF फाइल है, जिसमें केमिस्ट्री के लगभग 90 सवाल और बायोलॉजी के कई पन्नों के प्रश्न शामिल हैं।टीचर का कहना था कि यह दस्तावेज हाथ से लिखा हुआ प्रतीत होता है और इसमें मौजूद कई सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खाते हैं।स्वतंत्र जांच की मांगअपनी शिकायत में टीचर ने NTA से आग्रह किया कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए। उन्होंने लिखा कि पूरे घटनाक्रम से ऐसा लगता है कि प्रश्नपत्र तक गैर-कानूनी पहुंच बनाई गई, उसे आगे भेजा गया और कई लोगों तक फैलाया गया।टीचर ने अपने पत्र में लिखा कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो लाखों छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कथित लीक की पुष्टि होती है तो यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा सुरक्षा विफलताओं में से एक हो सकती है। फिलहाल जांच में यह सामने आया है कि टीचर को कथित गेस पेपर परीक्षा खत्म होने के बाद मिला था, परीक्षा से पहले नहीं। इसी आधार पर शुरुआती जांच में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है।अधिकारियों का कहना है कि टीचर ने मामले को सामने लाने में अहम भूमिका निभाई। अगर उन्होंने शिकायत नहीं की होती तो संभव है कि इतने बड़े स्तर पर हुई कथित धांधली सामने ही नहीं आती।मामला पहुंचा केंद्रीय एजेंसियों तकटीचर की शिकायत के बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया। इसके बाद मामला राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG तक पहुंचा और अब इसकी जांच Central Bureau of Investigation यानी CBI तक जा चुकी है।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित गेस पेपर कहां से आया, किसने तैयार किया और क्या इसका सीधा संबंध असली प्रश्नपत्र से है। डिजिटल डिवाइस, मोबाइल डेटा और PDF फाइल की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है।छात्रों और अभिभावकों में चिंताNEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है। हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर यह परीक्षा देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसे आरोप छात्रों और अभिभावकों का भरोसा हिला देते हैं।सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है। कई छात्र परीक्षा दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि पहले जांच पूरी होनी चाहिए और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए।पहले भी उठ चुके हैं सवालयह पहली बार नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा प्रबंधन, परिणाम और पेपर लीक को लेकर कई आरोप लग चुके हैं। हालांकि NTA हर बार पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रक्रिया का दावा करता रहा है। लेकिन इस नए मामले ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा में साइबर सुरक्षा, प्रिंटिंग सिस्टम और पेपर वितरण प्रक्रिया को और मजबूत करने की जरूरत हैअब सबकी नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर है। अगर कथित पेपर लीक की पुष्टि होती है तो यह मामला देशभर में बड़ा राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दा बन सकता है। साथ ही लाखों छात्रों के भविष्य को देखते हुए सरकार और NTA पर भी बड़ा दबाव बनेगा। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।