BHARAT / Madhya Pradesh के खरगोन जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां शादी से पहले हल्दी की रस्म के बाद एक दुल्हन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इलाके की दुकानों से हल्दी समेत मसालों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।मामला खरगोन के कसरावद इलाके का बताया जा रहा है। मृतक युवती की पहचान 21 वर्षीय राखी के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राखी की शादी 26 अप्रैल को होने वाली थी। शादी से पहले 22 अप्रैल को घर में हल्दी की रस्म आयोजित की गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर हल्दी लगाने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।‘मामला संज्ञान में आने के बाद हमने फौरन कार्रवाई की है. कसरावद बेल्ट में कई जगहों से हल्दी के सैंपल लिए गए और लैब में जांच के लिए भेजे गए. जांच की रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा की मौत कैसे हुई.’‘उन्हें हल्दी लगने के बाद अचानक गले, मुंह और होंठ पर सूजन आ गया. लड़की से बोला भी नहीं जा रहा था. फिर हम लोग खरगोन जिला अस्पताल ले गए. जहां उन्होंने बताया कि गले की जांच की मशीन नहीं है और इंदौर के लिए रेफर कर दिया. हमने गाड़ी के लिए बोला, तो कहा गया कि भईया गाड़ी नहीं है आपको प्राइवेट करना होगा.’टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार से पहले शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया. उधर कसरावद पुलिस थाने के प्रभारी राजेंद्र बर्मन ने बताया कि इस मामले के संबंध में थाने को कोई जानकारी नहीं मिली है.हालांकि खरगोन की DM भव्या मित्तल ने फूड सेफ्टी ऑफिसर्स को जांच के सख्त आदेश दिए हैं. इनमें पूरे जिले में एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाने और हल्दी के अलावा अन्य मसालों के सैंपल लेकर उनकी जांच करने के निर्देश शामिल हैं.परिजनों का दावा है कि हल्दी लगाने के बाद राखी के शरीर पर लाल चकत्ते निकल आए। इसके बाद उसके चेहरे, गले और होंठों पर सूजन आने लगी। परिवार के मुताबिक उसे सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी थी। हालत गंभीर होने पर उसे तुरंत पास के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। ye pade डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवती को इंदौर रेफर कर दिया। बताया गया कि उसका इलाज Maharaja Yeshwantrao Hospital में भी हुआ और बाद में एक निजी अस्पताल में भी भर्ती कराया गया। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस चौहान ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि हल्दी की रस्म में 15 से 20 अन्य लोगों ने भी वही हल्दी लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि युवती की तबीयत आखिर किस वजह से बिगड़ी, यह जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।वहीं फूड सेफ्टी विभाग ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक कसरावद क्षेत्र की कई दुकानों से हल्दी और अन्य मसालों के नमूने लिए गए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं हल्दी में किसी तरह की मिलावट या हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं थे।राखी के पिता गजु नाथ ने बताया कि हल्दी लगाने के बाद उनकी बेटी की हालत तेजी से बिगड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं और उन्हें इंदौर रेफर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि निजी अस्पताल में इलाज का खर्च बहुत ज्यादा बताया गया, जिसके बाद वे बेटी को वापस MY अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई।गजु नाथ ने आगे बताया,‘हमने MY में एडमिट किया, इलाज किया गया. लेकिन हम बाद में प्राइवेट हॉस्पिटल में भी इलाज कराने के लिए ले गए. जहां उन्होंने कहा कि इलाज में 4-5 लाख रुपये लग जाएंगे. ऐसा करो कि इन्हें वापस MY ले जाओ. MY ले जाते समय रास्ते में ही बेटी का निधन हो गया.’रिपोर्ट्स के अनुसार युवती के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया। वहीं स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें इस मामले में औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। खरगोन की जिलाधिकारी Bhavya Mittal ने फूड सेफ्टी अधिकारियों को पूरे जिले में विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब हल्दी समेत अन्य मसालों की गुणवत्ता की भी जांच करवा रहा है।