जो योगी-मोदी के खिलाफ जाएगा, उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा’, बोले सुल्तानपुर से BJP विधायक विनोद सिंह

सुल्तानपुर शहर सीट से भाजपा के विधायक विनोद सिंह (Photo- ITG)

सुल्तानपुर : (viral video) उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर और राजनीतिक चेतावनियों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में सुल्तानपुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और पूर्व मंत्री विनोद सिंह का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस वायरल वीडियो में विधायक एक सार्वजनिक मंच से बेहद सख्त और आक्रामक लहजे में विपक्षी समर्थकों, स्थानीय ग्राम प्रधानों और एक विशेष समुदाय (मुस्लिम) को सीधे तौर पर चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में विधायक साफ तौर पर कहते दिख रहे हैं, “जो योगी-मोदी के खिलाफ जाएगा, उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” इस बयान के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) सहित कांग्रेस ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है।

वायरल वीडियो की इनसाइड स्टोरी: क्या है पूरा माजरा?

मिली जानकारी के अनुसार, यह वीडियो सुल्तानपुर जिले के किसी ग्रामीण इलाके में आयोजित एक समीक्षा बैठक या जनसभा का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि भाजपा विधायक विनोद सिंह मंच पर खड़े होकर माइक थामे हुए हैं और सामने बैठे जनसमूह को संबोधित कर रहे हैं।

भाषण के दौरान विधायक का रुख अचानक कड़ा हो गया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सरकार विरोधी गतिविधियों या विपक्षी दलों के पक्ष में माहौल बनाने वाले तत्वों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र के ग्राम प्रधानों (गांव के मुखियाओं) और अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय के कुछ लोगों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वे यह न भूलें कि प्रदेश और देश में किसकी सरकार चल रही है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों का विरोध कर रहे हैं या उनके खिलाफ रणनीति बना रहे हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।

‘सत्ता का रौब’ या ‘चुनावी खुन्नस’?

इस वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों या स्थानीय चुनावों में कुछ गांवों से भाजपा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की वजह से विधायक के भीतर यह नाराजगी देखने को मिली है।

वीडियो में विधायक यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक बिना किसी भेदभाव के पहुंच रहा है, लेकिन जब बात समर्थन और वोट की आती है, तो कुछ लोग गुमराह होकर सरकार के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। विनोद सिंह ने मंच से कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि व्यवस्था और सत्ता के खिलाफ जाने वालों को प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर इसका “खामियाजा” उठाना ही पड़ेगा।

विपक्ष ने खोला मोर्चा, कहा- “यह लोकतंत्र की हत्या है”

भाजपा विधायक का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, विपक्ष ने इसे हाथों-हाथ लपक लिया। समाजवादी पार्टी के स्थानीय और प्रदेश स्तरीय नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की है।

सपा के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा:

“यह भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के अहंकार की पराकाष्ठा है। एक जनप्रतिनिधि, जिसने संविधान की शपथ ली है, वह सरेआम एक विशेष समुदाय और निर्वाचित ग्राम प्रधानों को धमका रहा है। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी पसंद की विचारधारा और पार्टी चुनने का अधिकार है। क्या अब उत्तर प्रदेश में भाजपा को वोट न देने पर बुलडोजर चलाया जाएगा या कानूनी रूप से प्रताड़ित किया जाएगा? चुनाव आयोग और प्रदेश के राज्यपाल को इस बेहद आपत्तिजनक और डराने वाले बयान का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।”

कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विकास के दावों की हवा निकल चुकी है, इसीलिए अब भाजपा के विधायक डर और धमकी के बल पर राजनीति चमकाना चाहते हैं।

विधायक खेमे की सफाई

इस बीच, मामले के तूल पकड़ने के बाद विधायक विनोद सिंह के करीबियों और स्थानीय भाजपा संगठन की तरफ से अनौपचारिक सफाई सामने आने लगी है। विधायक समर्थकों का तर्क है कि इस वीडियो को संदर्भ से काटकर (Out of Context) पेश किया जा रहा है।

उनका कहना है कि विधायक जी का इरादा किसी को डराने का नहीं था, बल्कि वे उन लोगों को सचेत कर रहे थे जो सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन विकास कार्यों में बाधा डालने के लिए अपराधियों और भू-माफियाओं का साथ देते हैं। हालांकि, खुद विधायक विनोद सिंह ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक लिखित बयान या वीडियो स्पष्टीकरण जारी नहीं किया है।

सुल्तानपुर की राजनीति में बढ़ेगी तपिश

सुल्तानपुर जिला हमेशा से उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक बड़ा केंद्र रहा है। यहां भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलती रही है। विनोद सिंह सुल्तानपुर के एक रसूखदार और कद्दावर नेता माने जाते हैं, और उनका इस तरह का आक्रामक बयान आने वाले दिनों में जिले की जमीनी राजनीति को और अधिक ध्रुवीकृत (Polarize) कर सकता है।

स्थानीय मतदाताओं और आम जनता के बीच इस बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहां कुछ लोग इसे विधायक का ‘बोल्ड और स्पष्ट’ अंदाज बता रहे हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग इस बात से आहत है कि एक जनप्रतिनिधि को मंच से ऐसी विभाजनकारी और धमकी भरी भाषा का उपयोग शोभा नहीं देता। अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो विवाद पर भाजपा आलाकमान क्या रुख अपनाता है और क्या विपक्ष इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाने की तैयारी करता है।

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