
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसकी जिंदगी में आए बदलाव चर्चा में हैं। कभी स्कॉर्पियो और महंगे होटलों में नजर आने वाली श्रद्धा अब पुलिस हिरासत और जेल की प्रक्रिया से गुजर रही है। करीब 11 दिनों तक पुलिस से बचने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने उसे महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी पकड़ा गया।
स्कॉर्पियो से शुरू हुई फरारी की कहानी
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। वह 28 वर्षीय कारोबारी थे और रेस्टोरेंट तथा कैफे का कारोबार करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई और श्रद्धा दुबे, उसकी बहन तथा ड्राइवर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
मामले में नाम आने के बाद श्रद्धा दुबे फरार हो गई। पुलिस के मुताबिक, वह अपनी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर के साथ स्कॉर्पियो से लखनऊ से निकली थी। बाद में उसकी महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन बहराइच जिले में नेपाल सीमा के पास रूपईडीहा इलाके में कस्टम कार्यालय की पार्किंग में खड़ी मिली।
गाड़ी मिलने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि आरोपी नेपाल की ओर चले गए हैं। इसके बाद जांच एजेंसियों ने मोबाइल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे तकनीकी सुरागों के आधार पर उनकी तलाश शुरू की।
नेपाल से आगरा और फिर नागपुर तक पहुंची पुलिस
पुलिस की जांच में सामने आया कि श्रद्धा और उसके साथ मौजूद लोग लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, तीनों कुछ समय नेपाल में रहे और फिर भारत लौट आए। इसके बाद उनके उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से होते हुए महाराष्ट्र पहुंचने की जानकारी मिली।
जांच के दौरान आगरा के एक होटल से भी अहम सुराग मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा अपने साथियों के साथ आगरा के ओम पैलेस होटल में करीब 24 घंटे तक रुकी थी। होटल के सीसीटीवी फुटेज में उसके साथ एक युवक और एक युवती दिखाई देने की बात सामने आई।
पुलिस टीम जब तक आगरा में मिले सुरागों के आधार पर वहां पहुंची, तब तक आरोपी आगे निकल चुके थे। इसके बाद जांच नागपुर तक पहुंची, जहां पुलिस ने एक फ्लैट में छापा मारकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, लगातार ठिकाने बदलने और अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल करने से उनकी तलाश चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
महंगे होटलों के बजाय छोटे ठिकानों पर रुकने का दावा
श्रद्धा की फरारी को लेकर सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया कि उसने पहचान उजागर होने से बचने के लिए बड़े और लग्जरी होटलों के बजाय छोटे होटलों में रुकने की कोशिश की।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह टैक्सी बदल-बदलकर यात्रा करती थी। एक वाहन से कुछ दूरी तय करने के बाद दूसरे वाहन का इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है। इससे पुलिस के लिए उसकी लगातार बदलती लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हुआ।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि श्रद्धा ने पहचान छिपाने के लिए अपना पहनावा बदला था। हालांकि, फरारी के दौरान उसके हर ठिकाने और यात्रा के पूरे क्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी जरूरी है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों को किन लोगों ने मदद दी और वे किन-किन जगहों पर रुके थे।
नागपुर में गिरफ्तारी के बाद जेल पहुंची श्रद्धा
20 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। उनकी जानकारी देने वालों के लिए घोषित इनाम भी बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति आरोपी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा से पूछताछ की गई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। अब उसकी जिंदगी का वह दौर शुरू हो गया है, जिसमें उसे अदालत और जेल से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
स्कॉर्पियो, टैक्सी और होटलों से जुड़ी तस्वीरें इस मामले में चर्चा का विषय जरूर बनी हैं, लेकिन किसी आरोपी के रहन-सहन या फरारी के तरीके से अपराध साबित नहीं होता। मामले में आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगा।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?
शिवा शर्मा लखनऊ में रेस्टोरेंट और कैफे का कारोबार करते थे। 9 अक्टूबर की रात वह हजरतगंज क्षेत्र के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई।
शिवा के परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी मौत सामान्य हादसा नहीं थी और इस मामले में हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
दूसरी ओर, श्रद्धा ने पहले सामने आए वीडियो बयानों में हत्या के आरोप से इनकार किया था और दावा किया था कि शिवा खुद बालकनी से कूदे थे। उसके इस दावे और परिवार के आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
पोस्टमार्टम में गिरने से लगी चोटों के कारण मौत की पुष्टि हुई थी, लेकिन इससे अपने आप यह तय नहीं होता कि गिरना हादसा था, आत्महत्या थी या किसी ने धक्का दिया था। घटनाक्रम स्पष्ट करने के लिए पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, फोन रिकॉर्ड और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच करनी होगी।
पुलिस अब किन सवालों के जवाब तलाश रही है?
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां कई पहलुओं पर काम कर रही हैं। इनमें शिवा शर्मा की मौत से पहले उनके और श्रद्धा के बीच हुए विवाद, कथित आर्थिक लेन-देन, आभूषणों से जुड़ा विवाद और फरारी के दौरान मदद करने वाले लोगों की भूमिका शामिल है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन-किन स्थानों पर रुके और उन्हें यात्रा या ठहरने में किसने मदद दी। इन सभी पहलुओं की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
फिलहाल, श्रद्धा दुबे शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी है। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को पूछताछ का अवसर मिला है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और आरोपों की अंतिम सच्चाई अदालत में सबूतों के परीक्षण के बाद ही तय होगी।
