प्रयागराज में सुबह की सैर पर निकले बुजुर्ग की सरेराह गोली मारकर हत्या, भरण-पोषण के विवाद में बेटे पर ही मर्डर का आरोप

प्रयागराज में बुजुर्ग की हत्या से सनसनी. (Photo: Pankaj Srivastava/ITG)

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज से एक बेहद सनसनीखेज और दिलदहला देने वाली वारदात सामने आई है। कर्नलगंज थाना क्षेत्र में शनिवार (13 जून 2026) सुबह-सुबह टहलने निकले 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। बीच सड़क पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राहगीरों में अफरा-तफरी फैल गई।

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से जो चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, उसके मुताबिक इस खूनी खेल के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि बुजुर्ग का अपना सगा बेटा ही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिता-पुत्र के बीच चल रहे भरण-पोषण (Maintenance) के मुकदमे की रंजिश के चलते इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।

सुबह 7 बजे गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा इलाका

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक बुजुर्ग की पहचान 70 वर्षीय राम दुलारे कोरी (कुछ रिकॉर्ड्स में कोइरी) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से शिवकुटी थाना क्षेत्र के लाल की सराय मोहल्ले के रहने वाले थे और पेशे से टाइल्स लगाने (टाइल्स मिस्त्री) का काम करते थे। रोज की तरह शनिवार सुबह भी वह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे।

सुबह करीब 7:00 बजे जब राम दुलारे कर्नलगंज थाना अंतर्गत लल्ला चुंगी चौराहे (इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुलिस चौकी के ठीक पास) पर पहुंचे और वहां खड़े थे, तभी अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहां धमक पड़े। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने बिना वक्त गंवाए सीधे राम दुलारे को निशाना बनाते हुए उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली सीधे बुजुर्ग के सीने में जा लगी और वह लहुलूहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़े।

दिनदहाड़े और पुलिस चौकी के इतने नजदीक फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों में खलबली मच गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर बाइक से तेजी से फरार हो गए।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

घटना की सूचना मिलते ही कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह यादव और इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से लहूलुहान और अचेत पड़े राम दुलारे को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

CCTV ने खोला राज: भरण-पोषण के विवाद में बेटे ने ही उतारा मौत के घाट

इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुलिस चौकी के पास सरेराह हुए इस कत्ल के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया। कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने लल्ला चुंगी चौराहे और आसपास की दुकानों व रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले में एक बेहद हैरान करने वाला मोड़ आया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में सामने आया है कि राम दुलारे की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनके अपने ही बेटे ने अपने एक साथी के साथ मिलकर की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राम दुलारे और उनके बेटे के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। बुजुर्ग ने अपने बेटे के खिलाफ परिवार न्यायालय (Family Court) में भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) के लिए एक वाद (मुकदमा) दाखिल किया था।

हाल ही में अदालत ने इस मुकदमे का फैसला बुजुर्ग राम दुलारे के पक्ष में सुनाया था। कोर्ट के आदेश के मुताबिक बेटे को अपने बुजुर्ग पिता को नियमित तौर पर गुजारा भत्ता देना था। बेटा इस फैसले से बेहद नाराज था और पिता से रंजिश रख रहा था। कोर्ट के आदेश के बाद भरण-पोषण का खर्च न देना पड़े, इसी विवाद के चलते बेटे ने अपने पिता को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रची और शनिवार सुबह अपने साथी के साथ बाइक पर आकर पिता के सीने में गोली उतार दी।

हमलावरों की पहचान हुई, पुलिस दे रही है दबिश

इस दुस्साहसिक हत्याकांड के बाद कर्नलगंज इलाके में तनाव और डर का माहौल है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP कर्नलगंज) विमल किशोर मिश्रा ने मीडिया को बताया:

“घटना शनिवार सुबह करीब 7 बजे लल्ला चुंगी चौराहे के पास हुई। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से हमलावरों की साफ पहचान कर ली गई है। हत्या के पीछे पारिवारिक और भरण-पोषण के मुकदमे का विवाद सामने आ रहा है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की आधिकारिक गिरफ्तारी और उनसे गहन पूछताछ के बाद ही हत्या की पूरी साजिश और घटनाक्रम का शत-प्रतिशत आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। बहरहाल, बुढ़ापे में जिस बेटे को पिता का सहारा बनना चाहिए था, उसी के द्वारा कोर्ट के कुछ रुपयों के फैसले के कारण पिता की जान लेने की इस घटना ने पूरे प्रयागराज को झकझोर कर रख दिया है।

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