
बिग बॉस के सातवें सीजन में तनीषा मुखर्जी और अरमान कोहली का रिश्ता काफी चर्चा में रहा था। शो के दौरान दोनों की नजदीकियों ने खूब सुर्खियां बटोरीं। उस समय उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की बातें हुईं, लेकिन अब इस रिश्ते को लेकर सामने आई नई टिप्पणी ने पुरानी चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है। खबर के मुताबिक, तनीषा ने इस रिश्ते को प्यार के बजाय ‘ट्रॉमा बॉन्डिंग’ से जोड़कर देखा है।
रियलिटी शो ‘बिग बॉस 7’ में तनीषा मुखर्जी और अरमान कोहली के बीच बढ़ी नजदीकियां उस सीजन की सबसे चर्चित कहानियों में से एक थीं। शो के दौरान दोनों को कई बार साथ देखा गया। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे रोमांटिक रिश्ते में बदलती नजर आई और घर के बाहर भी उनके अफेयर की चर्चा होती रही। हालांकि, साल 2014 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आईं। अब कई साल बाद तनीषा ने शो में बिताए अपने समय और अरमान के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात की है।
तनीषा ने रिश्ते को बताया ‘ट्रॉमा बॉन्डिंग’
तनीषा के मुताबिक, बिग बॉस के घर में प्रतियोगियों को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें वे भावनात्मक रूप से एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं। एक ही माहौल में रहना, मुश्किलों का सामना करना और लगातार एक-दूसरे के साथ समय बिताना उनके बीच गहरा जुड़ाव पैदा कर सकता है। लेकिन तनीषा का मानना है कि ऐसे हालात में बनने वाला भावनात्मक रिश्ता हमेशा सामान्य परिस्थितियों में बनने वाले रिश्ते जैसा नहीं होता।
उन्होंने अपने अनुभव को ‘ट्रॉमा बॉन्डिंग’ से जोड़कर देखा। उनका कहना है कि जब लोग किसी तनावपूर्ण माहौल में साथ रहते हैं, तो उनके बीच एक अलग तरह का भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सकता है। उस समय यह जुड़ाव प्यार जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन परिस्थितियों से बाहर निकलने के बाद उसकी वास्तविकता अलग नजर आने लगती है।
तनीषा की बातों से यह भी स्पष्ट होता है कि वह अपने पुराने रिश्ते को केवल प्यार की कहानी के रूप में नहीं देखतीं। उनके अनुसार, बिग बॉस के घर का माहौल और वहां पैदा होने वाली परिस्थितियां उनके अनुभव को समझने के लिए महत्वपूर्ण थीं।
अरमान के साथ सहज महसूस करती थीं तनीषा
तनीषा ने बताया कि अरमान कोहली के साथ उनकी नजदीकियां बढ़ने के पीछे एक वजह यह भी थी कि दोनों का फिल्मी दुनिया से संबंध था। अरमान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े परिवार से आते थे। ऐसे में तनीषा को उनके साथ बातचीत करने और समय बिताने में एक तरह की सहजता महसूस हुई।
अभिनेत्री के अनुसार, घर में दूसरे प्रतियोगियों के बीच अरमान के साथ उनकी यह समानता उन्हें अलग तरह का जुड़ाव महसूस कराती थी। शो के दौरान बने माहौल में दोनों को एक-दूसरे के करीब आने के मौके मिले। हालांकि, तनीषा का कहना है कि उस समय उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि इस तरह के रियलिटी शो का किसी व्यक्ति की भावनाओं और सोच पर कितना असर पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जब वह बिग बॉस में शामिल हुई थीं, तब उन्हें इस शो की कार्यप्रणाली और उसके भावनात्मक प्रभावों का ज्यादा अनुभव नहीं था। बाद में उन्हें महसूस हुआ कि ऐसे कार्यक्रमों में परिस्थितियां प्रतियोगियों के आपसी संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।
शो से बाहर आने के बाद समझ आया अनुभव का असर
तनीषा ने बताया कि बिग बॉस के घर से बाहर निकलने के बाद उन्हें अपने अनुभवों को समझने और उनसे उबरने में समय लगा। उनके मुताबिक, इस पूरे अनुभव से बाहर आने में करीब छह महीने लगे। उन्होंने यह भी बताया कि शो के बाद उन्हें मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ी।
अभिनेत्री के इस बयान से पता चलता है कि उनके लिए बिग बॉस का अनुभव केवल कैमरों के सामने बिताया गया समय नहीं था। घर के भीतर बनी परिस्थितियों का भावनात्मक असर शो खत्म होने के बाद भी बना रहा। उन्हें धीरे-धीरे यह समझना पड़ा कि उस माहौल में बने रिश्तों और भावनाओं को सामान्य जीवन के संदर्भ में किस तरह देखा जाए।
तनीषा ने अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि शो में प्रवेश करने से पहले उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह किन परिस्थितियों का सामना करने जा रही हैं। उनके मुताबिक, वह उस समय काफी मासूम थीं और लोगों के व्यवहार में इस तरह के प्रभाव या हेरफेर को पहचानने का अनुभव नहीं रखती थीं।
बिग बॉस के माहौल पर भी उठाए सवाल
तनीषा की बातों में केवल अरमान के साथ उनके रिश्ते का जिक्र नहीं था, बल्कि उन्होंने रियलिटी शो के माहौल पर भी सवाल उठाए। उनका मानना है कि जब प्रतियोगियों को लगातार तनावपूर्ण और भावनात्मक परिस्थितियों में रखा जाता है, तो उनके बीच बनने वाली दोस्ती और नजदीकियों पर भी उसका असर पड़ता है।
ऐसे माहौल में प्रतियोगियों को एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताना पड़ता है। वे अपने अनुभव साझा करते हैं और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहारा बनते हैं। इससे उनके बीच भावनात्मक संबंध बन सकते हैं। हालांकि, तनीषा के अनुसार, शो से बाहर आने के बाद जब व्यक्ति उस माहौल से दूर होता है, तो उसे अपने रिश्तों को अलग नजरिए से देखने का मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि आज के युवा ऐसे अनुभवों और परिस्थितियों को पहले के मुकाबले बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। अपने बारे में बात करते हुए तनीषा ने माना कि जिस माहौल में वह पली-बढ़ी थीं, वहां उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करने का ज्यादा अनुभव नहीं मिला था।
2014 में खत्म हो गया था रिश्ता
तनीषा मुखर्जी और अरमान कोहली का रिश्ता साल 2013 में बिग बॉस के सातवें सीजन के दौरान चर्चा में आया था। शो के दौरान दोनों की नजदीकियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। शो खत्म होने के बाद भी दोनों के रिश्ते को लेकर खबरें आती रहीं, लेकिन साल 2014 में उनके अलग होने की खबर सामने आई।
अब इतने साल बाद तनीषा ने अपने अनुभव पर दोबारा बात की है। उनके हालिया बयान से यह साफ है कि वह उस रिश्ते को आज पहले से अलग नजरिए से देखती हैं। उन्होंने बिग बॉस के घर में बनी भावनात्मक नजदीकियों को तनावपूर्ण परिस्थितियों से जोड़ते हुए बताया कि उस अनुभव से उबरने में उन्हें समय और पेशेवर मदद की जरूरत पड़ी।
तनीषा के बयान के बाद बिग बॉस 7 में उनके और अरमान कोहली के रिश्ते की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है। हालांकि, अभिनेत्री की बातों को उनके व्यक्तिगत अनुभव और नजरिए के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उनके बयान से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि रिश्ते में शामिल हर भावना झूठी थी। तनीषा ने मुख्य रूप से उस माहौल के भावनात्मक प्रभाव और उससे बाहर आने के अपने अनुभव पर बात की है।
