
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी दमदार अदाकारी के साथ-साथ अपने बेबाक अंदाज और सादगी के लिए भी पहचाने जाते रहे हैं। उनके निजी जीवन से जुड़ी एक भावुक कहानी इन दिनों चर्चा में है। टेलीविजन अभिनेत्री सई देवधर ने बताया है कि नाना पाटेकर उनके परिवार के बेहद करीब थे। उनके माता-पिता से नाना की दोस्ती उस दौर से थी, जब वह फिल्म इंडस्ट्री में बड़े सितारे नहीं बने थे। सई के मुताबिक, नाना उनकी मां को अपनी बहन मानते थे और अपनी कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा उनके बैंक खाते में भेजा करते थे।
सई ने यह बातें ‘टेली टॉक इंडिया’ के साथ बातचीत में साझा कीं। उनके मुताबिक, नाना पाटेकर उनके लिए सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसे थे। वह उन्हें मुंहबोले मामा कहती थीं। सई ने बताया कि उनके परिवार का नाना से रिश्ता बहुत पुराना था और उनकी मां की अभिनेता से निधन से कुछ दिन पहले ही बात हुई थी। ऐसे में उनके जाने की खबर परिवार के लिए बेहद दुखद रही।
स्टार बनने से पहले से थी परिवार से दोस्ती
सई देवधर ने बताया कि उनके माता-पिता और नाना पाटेकर की दोस्ती उस समय से थी, जब नाना को आज जैसी पहचान नहीं मिली थी। वह अक्सर रात में उनके घर आ जाया करते थे। इसके बाद सभी को खाना खिलाने या आइसक्रीम खाने बाहर ले जाते थे। सई के लिए ये छोटी-छोटी यादें आज भी बेहद खास हैं।
उनके मुताबिक, नाना का परिवार के साथ रिश्ता औपचारिक नहीं था। वह घर के सदस्य की तरह आते-जाते थे और बच्चों के साथ भी खूब समय बिताते थे। सई और नाना के बेटे मल्हार भी साथ-साथ बड़े हुए। इस वजह से दोनों परिवारों के बीच अपनापन और गहरा हो गया था। सई की बातों से पता चलता है कि नाना ने अपने जीवन में पुराने रिश्तों को महत्व दिया और प्रसिद्धि मिलने के बाद भी उनसे दूरी नहीं बनाई।
मां को बहन मानकर भेजते थे कमाई का 10 फीसदी हिस्सा
सई देवधर ने नाना पाटेकर के जीवन का वह पहलू भी बताया, जो उनके संवेदनशील स्वभाव को सामने लाता है। सई के माता-पिता एक चॉल में रहते थे। उस समय नाना का उनके परिवार से गहरा जुड़ाव था। सई के मुताबिक, नाना उनकी मां को अपनी बहन मानते थे और इसी रिश्ते के चलते अपनी कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा उनके बैंक खाते में भेजते थे।
यह मदद केवल पैसों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अपनापन और भरोसा भी था। नाना ने इस रिश्ते को किसी औपचारिक पहचान का मोहताज नहीं बनाया। सई की बातों से यह भी जाहिर होता है कि उनके परिवार के लिए नाना का साथ कितना मायने रखता था। किसी व्यक्ति के सफल होने के बाद उसके पुराने रिश्ते अक्सर पीछे छूट जाते हैं, लेकिन सई के मुताबिक, नाना ने अपने करीबी लोगों के साथ जुड़ाव बनाए रखा।
फिल्म ‘प्रहार’ से भी जुड़ी हैं यादें
सई देवधर का परिवार फिल्मी दुनिया से भी जुड़ा रहा है। उनके माता-पिता सिनेमा के क्षेत्र में काम करते थे और नाना पाटेकर के साथ उनका पेशेवर रिश्ता भी था। सई ने नाना की फिल्म ‘प्रहार’ में भी काम किया था। इस फिल्म से जुड़ी यादें उनके परिवार और अभिनेता के रिश्ते को समझने का एक अहम हिस्सा हैं।
सई के मुताबिक, नाना और उनके माता-पिता के बीच इतनी नजदीकी थी कि वे केवल काम के दौरान मिलने वाले लोग नहीं थे। उनके घर आना, साथ खाना खाना और बच्चों को बाहर घुमाने ले जाना रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा था। यही वजह है कि सई आज भी नाना को किसी बड़े स्टार के बजाय परिवार के अपने सदस्य के रूप में याद करती हैं।
कभी बच्चों जैसे, तो कभी अचानक हो जाते थे नाराज
सई ने नाना पाटेकर के स्वभाव के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि नाना कभी-कभी बच्चों की तरह व्यवहार करते थे और छोटी-सी बात पर अचानक नाराज भी हो जाते थे। हालांकि, उनके मुताबिक, नाना दिल के सच्चे इंसान थे। उनके व्यवहार में बेबाकी थी और वह अपनी बात सीधे तरीके से रखने के लिए जाने जाते थे।
नाना की यही शख्सियत उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी। पर्दे पर गंभीर और प्रभावशाली किरदार निभाने वाले अभिनेता का निजी जीवन भी कई रंगों से भरा था। अपने करीबी लोगों के साथ उनका मजाकिया अंदाज, बच्चों के साथ समय बिताना और जरूरत के समय परिवार की मदद करना उनकी यादों का हिस्सा बना हुआ है। सई के लिए नाना के साथ बिताए गए पल किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं।
आखिरी बातचीत की याद ने बढ़ाया दुख
सई ने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी मां की नाना पाटेकर से निधन से करीब चार दिन पहले बात हुई थी। परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत इतनी यादगार बन जाएगी। सई अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए भी नाना को आमंत्रित करना चाहती थीं। लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई।
सई के लिए यह सदमा इसलिए भी गहरा था, क्योंकि नाना से उनका रिश्ता कई साल पुराना था। वह उन्हें अपने मुंहबोले मामा के रूप में देखती थीं। ऐसे में उनके जाने से केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि परिवार का करीबी सदस्य भी दूर हो गया। सई ने कहा कि उन्हें नाना की हंसी बहुत याद आएगी।
सई देवधर भी हैं फिल्म और टीवी की जानी-मानी हस्ती
सई देवधर टेलीविजन और फिल्म जगत से जुड़ी अभिनेत्री हैं। उनके परिवार का भी सिनेमा से पुराना नाता रहा है। उन्होंने अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और निर्देशन से जुड़े काम भी किए हैं। उनके लिए नाना पाटेकर की यादें केवल फिल्म इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ कलाकार से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि बचपन और परिवार के अनुभवों से भी जुड़ी हैं।
सई द्वारा साझा की गई कहानी नाना पाटेकर के जीवन के उस पक्ष को सामने लाती है, जो आमतौर पर उनकी फिल्मों और सार्वजनिक छवि के पीछे छिपा रहता है। चॉल में रहने वाले परिवार से दोस्ती निभाना, सई की मां को बहन मानना और अपनी कमाई का हिस्सा उनके खाते में भेजना उनके रिश्ते की गहराई को दिखाता है। सई की यादों में नाना एक ऐसे इंसान के रूप में मौजूद हैं, जिनकी पहचान सिर्फ उनकी अदाकारी से नहीं, बल्कि पुराने रिश्तों के प्रति उनके लगाव से भी बनी रही।
नोट: नाना पाटेकर के निधन और उससे जुड़ी परिस्थितियों के बारे में खबरें सामने आई हैं। उनके निधन की जांच से संबंधित रिपोर्टों में पुलिस की प्रक्रिया का भी उल्लेख है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच की जानकारी को ध्यान में रखना जरूरी ह
