
नई दिल्ली, 16 अगस्त 2026: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। इस मौके पर उन्होंने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और व्यापक संबंधों को मजबूत करने की इच्छा भी व्यक्त की।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने यह संदेश भारत में स्थित ईरानी दूतावास के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाया। अपने संदेश में उन्होंने भारत के स्वतंत्रता दिवस को दोनों देशों के पुराने और व्यापक संबंधों को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का किया जिक्र
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संदेश में भारत और ईरान के बीच मौजूद ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपर्क और आपसी संबंध द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी ऐतिहासिक संपर्क रहा है। पेजेशकियन ने इन्हीं संबंधों को भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया।
आपसी विश्वास के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर
ईरानी राष्ट्रपति ने भारत के साथ अपने देश के संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि तेहरान आपसी विश्वास और सम्मान के माहौल में दोनों देशों के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक प्रभावी कदम उठाने के लिए तैयार है।
उनके संदेश से यह संकेत मिलता है कि ईरान भारत के साथ अपने व्यापक संबंधों को आने वाले समय में और मजबूत करना चाहता है। दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक, ऊर्जा, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं।

पेजेशकियन ने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत तथा विस्तृत करने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को साझा हितों और पारस्परिक विश्वास के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही।
भारत की प्रगति और समृद्धि की कामना
ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की समृद्धि, प्रगति, कल्याण और खुशहाली की कामना की।
उन्होंने भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के और मजबूत तथा विकसित होने की भी इच्छा जताई। उनके संदेश में दोनों देशों के बीच संबंधों को भविष्य में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दिखाई दी।
भारत और ईरान के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं रिश्ते?
भारत और ईरान के संबंध रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संपर्क के साथ-साथ क्षेत्रीय और आर्थिक हित भी जुड़े हुए हैं।
ईरान भारत के लिए मध्य एशिया और उससे आगे के क्षेत्रों तक पहुंच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं, भारत ईरान के साथ व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को लेकर लंबे समय से सहयोग करता रहा है।
दोनों देशों के बीच चाबहार बंदरगाह भी महत्वपूर्ण सहयोग परियोजनाओं में शामिल है। यह बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग उपलब्ध करा सकता है।
पेजेशकियन के संदेश में क्या रहा खास?
ईरानी राष्ट्रपति के संदेश की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने की स्पष्ट इच्छा जताई। उन्होंने आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों को भविष्य के सहयोग का आधार बताया।
पेजेशकियन ने भारत की स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ दोनों देशों के पुराने संबंधों को याद किया और इनके भविष्य में और मजबूत होने की उम्मीद जताई।
मुख्य बातें एक नजर में
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने PM मोदी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
- भारत ने 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।
- पेजेशकियन ने भारत-ईरान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया।
- ईरान ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
- आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर संबंध आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- ईरानी राष्ट्रपति ने भारत की समृद्धि, प्रगति और खुशहाली की कामना की।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वतंत्रता दिवस पर भेजा गया संदेश भारत और ईरान के बीच संबंधों की अहमियत को दर्शाता है। संदेश में दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ भविष्य में सहयोग बढ़ाने की इच्छा पर जोर दिया गया है।
