
BHARATNEWS / “मैं फंस गई हूं… तुम मत फंसना… ज्यादा बात नहीं कर सकती… सही समय आने पर बात करूंगी…”
यह संदेश 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा का बताया जा रहा है, जिसे उन्होंने अपनी दोस्त मीनाक्षी को भेजा था। कुछ ही समय बाद ट्विशा की मौत की खबर सामने आई। भोपाल में हुई इस घटना ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। मॉडल और अभिनेत्री रह चुकी ट्विशा शर्मा की शादी एक रिटायर्ड जज के बेटे से हुई थी और शादी के महज पांच महीने बाद उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
अब यह मामला केवल एक आत्महत्या का नहीं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना, दहेज उत्पीड़न, पारिवारिक दबाव और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के आरोपों तक पहुंच चुका है। ट्विशा का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठा रहा है।
शादी के पांच महीने बाद मौत
मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का है। ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। वह पढ़ाई में तेज थीं, MBA कर चुकी थीं और दिल्ली में नौकरी भी कर चुकी थीं। इसके अलावा वह मॉडलिंग की दुनिया में भी सक्रिय रही थीं और ‘मिस पुणे’ का खिताब भी जीत चुकी थीं। कुछ फिल्मों और विज्ञापनों में भी उन्होंने काम किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्ष 2024 में ट्विशा की मुलाकात भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। समर्थ पेशे से वकील हैं और उनकी मां गिरीबाला एक रिटायर्ड जज बताई जा रही हैं। दोनों परिवारों की सहमति से दिसंबर 2025 में शादी हुई।
शादी के बाद ट्विशा भोपाल में अपने ससुराल में रहने लगीं। लेकिन पांच महीने बाद 11 मई 2026 को अचानक उनकी मौत की खबर सामने आई। इस घटना ने दोनों परिवारों और आसपास के लोगों को हैरान कर दिया।
आखिरी मैसेज बना सबसे बड़ा सवाल
मौत के बाद ट्विशा का एक चैट मैसेज सामने आया, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। अपनी दोस्त को भेजे गए संदेश में ट्विशा ने लिखा था:
“I’m trapped… तुम मत फंसना… ज्यादा बात नहीं कर सकती…”
अब यही संदेश जांच का सबसे अहम हिस्सा बनता जा रहा है। परिवार का कहना है कि यह मैसेज साफ दिखाता है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थीं और किसी गंभीर परेशानी से गुजर रही थीं।
ट्विशा के करीबी लोगों का कहना है कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थीं और कई बार तनाव में दिखाई देती थीं। हालांकि उन्होंने खुलकर कभी ज्यादा बातें नहीं कीं।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
ट्विशा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार का आरोप है कि दहेज को लेकर भी दबाव बनाया जाता था।
सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि ट्विशा पर गर्भपात कराने का दबाव डाला जा रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विशा दो महीने की प्रेग्नेंट थीं और वह बच्चे को जन्म देना चाहती थीं। लेकिन परिवार का दावा है कि पति और सास इस फैसले के खिलाफ थे।
ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि उनकी बहन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि ट्विशा अपने बच्चे को जन्म देना चाहती थीं, लेकिन ससुराल वालों ने उनके चरित्र पर सवाल उठाए और गर्भपात का दबाव बनाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी विवाद बढ़ता जा रहा है। ट्विशा के परिवार ने रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया है। परिवार का आरोप है कि जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक बेल्ट जो कथित तौर पर सबसे अहम सबूत माना जा रहा था, उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा ही नहीं गया। इसी वजह से परिवार को संदेह है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही।
ट्विशा की मां ने कहा कि उनकी बेटी कभी आत्महत्या नहीं कर सकती। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा जीवन को लेकर बेहद सकारात्मक सोच रखती थीं और ऐसी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाया करती थीं।
परिवार अब दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि भोपाल में उन्हें निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन
न्याय की मांग को लेकर ट्विशा का परिवार मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर धरने पर बैठ गया। परिवार का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान परिवार ने कहा कि वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और सच्चाई सामने नहीं आती।
परिवार ने सरकार से मांग की है:
- दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए
- SIT जांच की निगरानी हो
- ससुराल पक्ष से सख्ती से पूछताछ हो
- सबूतों की निष्पक्ष जांच की जाए
ससुराल पक्ष ने क्या कहा?
दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने सभी आरोपों को गलत बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विशा की सास गिरीबाला ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया कि ट्विशा मानसिक रूप से स्थिर नहीं थीं और उनकी थेरेपी चल रही थी। यह भी कहा गया कि वह कुछ समय के लिए बिना बताए घर से गायब हो जाती थीं।
ससुराल पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग्स की लत से जूझ रही थीं और शादी के बाद नए माहौल में खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रही थीं। उनके अनुसार, इन्हीं कारणों से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। फिलहाल अदालत ने ट्विशा की सास को अग्रिम जमानत दे दी है।
मौत वाले दिन क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 मई की शाम ट्विशा एक ब्यूटी पार्लर से तैयार होकर घर लौटी थीं। इसके बाद उनकी मां का फोन आया और दोनों के बीच बातचीत हुई।
बताया जा रहा है कि बात करते-करते ट्विशा घर की छत पर चली गईं। कुछ समय बाद फोन कट गया। रात करीब साढ़े दस बजे परिवार को सूचना मिली कि ट्विशा ने आत्महत्या कर ली है। ye pade
उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के दो दिन बाद, यानी 13 मई को ट्विशा के परिवार ने पति और सास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। 15 मई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, लेकिन परिवार ने उसे खारिज कर दिया।
SIT जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है। जांच टीम की अगुवाई ACP रजनीश कश्यप कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि:
- दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं
- डिजिटल चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच हो रही है
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी
- परिवार की दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर कानूनी राय ली जा रही है
जांच अधिकारी का कहना है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने न्याय की मांग शुरू कर दी है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक सफल, पढ़ी-लिखी और स्वतंत्र महिला शादी के पांच महीने बाद ऐसी स्थिति में कैसे पहुंच गई।
कुछ लोग इसे महिलाओं पर पारिवारिक और सामाजिक दबाव का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दे रहे हैं।
कई सवाल अब भी बाकी
पूरे मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं:
- ट्विशा ने आखिरी संदेश में “I’m trapped” क्यों लिखा?
- क्या वह वास्तव में मानसिक दबाव में थीं?
- क्या गर्भपात को लेकर विवाद था?
- पोस्टmortem रिपोर्ट में कथित खामियां क्यों हैं?
- क्या जांच में सभी सबूतों को सही तरीके से शामिल किया गया?
इन सवालों के जवाब अब SIT जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में सामने आ सकते हैं। फिलहाल ट्विशा शर्मा मौत मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है, जबकि पुलिस जांच जारी है।
अब सबकी नजर SIT जांच, पोस्टमार्टम विवाद और अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला और बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।