अपने ही खेतों से भरी पहली उड़ान: जेवर की बेटी डॉ. हिरा राशिद की सफलता और संघर्ष की पूरी कहानी

UTTAR PRADESH

नोएडा: “माननीय मुख्यमंत्री जी नमस्कार, मेरा नाम डॉ. हिरा राशिद है और मुझे यह कहते हुए बेहद गर्व महसूस हो रहा है कि जिस भूमि पर मेरे पिताजी अन्न उगाते थे, आज उसी भूमि से उड़ान भरकर मैं आपसे मिलने आई हूं।”

CM योगी ने घर पर किया जेवर के किसानों का स्वागत.(Photo:ITG)

जब लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर जेवर से आए किसानों के दल में से एक युवा लड़की ने माइक संभाला और ये शब्द कहे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें गर्व और भावुकता से नम हो गईं। यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि जेवर क्षेत्र की रहने वाली डॉ. हिरा राशिद थीं। डॉ. हिरा की यह बात सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण अंचल में आए उस अभूतपूर्व बदलाव की गवाही थी, जो जमीन से उठकर आसमान छूने का हौसला देती है।

कौन हैं डॉ. हिरा राशिद?

डॉ. हिरा राशिद जेवर (गौतम बुद्ध नगर) के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता उसी जमीन पर खेती करते थे, जिसे देश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक—नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के निर्माण के लिए अधिगृहीत किया गया था। हिरा ने अपने बचपन को उस दौर में देखा है जब जेवर एक बेहद पिछड़ा ग्रामीण इलाका माना जाता था, जहां मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव था।

आज हिरा एक योग्य डॉक्टर (MBBS) हैं और उनके परिवार के त्याग की भूमि पर बने एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली यात्री बनने का गौरव उन्हें हासिल हुआ है।

बिना कोचिंग के NEET निकाला, AMU से किया MBBS

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद के दौरान डॉ. हिरा ने अपने जीवन के कड़े संघर्ष और जेवर की बदलती तस्वीर की कहानी साझा की। हिरा ने बताया कि एक समय था जब उनके पूरे इलाके में ठीक से इंटरनेट तक नहीं चलता था। पढ़ाई-लिखाई के लिए न तो कोई अच्छे स्कूल-कॉलेज थे और न ही कोचिंग संस्थान। स्थिति यह थी कि स्कूल जाने के लिए समय पर बसें भी नसीब नहीं होती थीं।

इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद हिरा ने हार नहीं मानी। उन्होंने बिना किसी महंगी कोचिंग या बाहरी मदद के, केवल अपनी कड़ी मेहनत और सेल्फ स्टडी (आत्म-अध्ययन) के दम पर NEET 2021 परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से सफलतापर्वक अपनी MBBS की डिग्री पूरी की और डॉक्टर बनीं। हिरा के मुताबिक, जैसे-जैसे जेवर में एयरपोर्ट का काम आगे बढ़ा, वैसे-वैसे पूरे इलाके का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरा, सड़कें बनीं और बिजली-इंटरनेट जैसी सुविधाएं उनके घरों तक पहुंचीं, जिसने उनकी पढ़ाई को भी एक नई दिशा दी।

‘सपना सच होने जैसा अनुभव’

सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पैसेंजर सर्विस की आधिकारिक शुरुआत हुई। विकास के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें देने वाले जेवर के करीब 170 से अधिक किसानों और ग्रामीणों को इस पहली फ्लाइट से सफर करने का मौका मिला। इन यात्रियों में डॉ. हिरा राशिद आकर्षण और प्रेरणा का मुख्य केंद्र रहीं।

लॉन्च-डे फ्लाइट से लखनऊ पहुंचने के बाद सभी ग्रामीण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पहुंचे, जहां सीएम योगी ने खुद आगे बढ़कर बेहद आत्मीयता से जेवर के किसानों का स्वागत किया। किसानों ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहा कि जो लोग कल तक खेतों में हल चलाते थे, आज वे सीधे अपने खेतों से उड़कर राजधानी पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने इसे एक ऐसा सपना बताया, जो उनके जीते जी सच हो गया है।

विकास का श्रेय और भविष्य की कामना

मुख्यमंत्री से बातचीत में डॉ. हिरा राशिद ने जेवर में हुए इस कायाकल्प का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जेवर के स्थानीय भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीतियां पारदर्शी और किसानों के हित में न होतीं, तो शायद जेवर की तस्वीर कभी नहीं बदल पाती।

मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए डॉ. हिरा ने कहा, “यह सब आपकी वजह से ही मुमकिन हो पाया है, इसलिए मैं आपकी बहुत शुक्रगुजार हूं। हम चाहते हैं कि आप भविष्य में प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करें।” हिरा की इस बेबाक और आत्मीय बात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।

सीएम योगी ने जताया आभार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर के किसानों की उदारता और विकास में उनके योगदान की जमकर सराहना की। सीएम ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण देश के विकास में एक मील का पत्थर है और इसका पूरा श्रेय उन किसानों को जाता है, जिन्होंने बिना किसी बड़े विवाद के अपनी कीमती जमीनें राष्ट्र निर्माण के लिए सौंप दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर के किसानों ने यह साबित किया है कि सही नेतृत्व और आपसी विश्वास से बड़े से बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जा सकता है।

विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, किसानों को इस पहली ऐतिहासिक उड़ान का हिस्सा बनाना उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक तरीका था। जिन किसानों ने हवाई चप्पल पहनकर अपनी जमीनों पर पसीना बहाया, आज वे ही हवाई जहाज में बैठकर अपनी तरक्की का जश्न मना रहे हैं।

जेवर की बदलती किस्मत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल गौतम बुद्ध नगर, बल्कि बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जैसे पश्चिमी यूपी के कई जिलों की किस्मत चमकने वाली है। हिरा राशिद जैसी बेटियां इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास केवल सड़कें और इमारतें नहीं बनाता, बल्कि ग्रामीण युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के अवसर और पंख भी प्रदान करता है।

डॉ. हिरा राशिद की यह उड़ान केवल एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा नहीं थी, बल्कि यह उनके परिवार के त्याग, उनकी अपनी मेहनत और बदलते उत्तर प्रदेश की एक नई और बुलंद तस्वीर थी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *