Saurabh Netravalkar finished with figures of 3/19. ©AFPUnited States national cricket team ने नेपाल दौरे पर लगातार दो हार के बाद शानदार वापसी करते हुए Scotland national cricket team को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। यह मुकाबला पूरी तरह अमेरिका के नाम रहा, जहां गेंदबाज़ी में Saurabh Netravalkar और Rushil Ugarkar ने कहर बरपाया, जबकि बल्लेबाज़ी में शीर्ष क्रम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।नेपाल दौरे पर अमेरिकी टीम लगातार दो मुकाबले हार चुकी थी, जिसके बाद टीम पर दबाव काफी बढ़ गया था। आलोचक यह सवाल उठाने लगे थे कि क्या अमेरिका की टीम बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने में सक्षम है या नहीं। लेकिन स्कॉटलैंड के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में अमेरिकी खिलाड़ियों ने हर विभाग में शानदार खेल दिखाकर सभी सवालों का जवाब दे दिया।मैच की शुरुआत स्कॉटलैंड के टॉस जीतने के साथ हुई। कप्तान ने पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया क्योंकि शुरुआती ओवरों में पिच बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी दिखाई दे रही थी। स्कॉटलैंड की टीम को उम्मीद थी कि अगर वे बोर्ड पर 250 के आसपास का स्कोर खड़ा कर लें तो अमेरिकी बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाया जा सकता है। लेकिन अमेरिकी गेंदबाज़ों की योजनाएं बिल्कुल अलग थीं।अमेरिका के युवा तेज गेंदबाज़ Rushil Ugarkar ने मैच के पहले ही ओवर में स्कॉटलैंड को बड़ा झटका दे दिया। उन्होंने ओपनर चार्ली मैक्रीथ को एलबीडब्ल्यू आउट कर पवेलियन भेज दिया। यह विकेट अमेरिका के लिए बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि शुरुआती सफलता ने स्कॉटलैंड के बल्लेबाज़ों पर दबाव बना दिया।हालांकि शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद George Munsey ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी जारी रखी। उन्होंने कुछ शानदार चौके लगाकर रन गति को बनाए रखा। शुरुआती छह ओवरों में स्कॉटलैंड ने 37 रन बना लिए थे और ऐसा लग रहा था कि टीम अच्छी स्थिति में पहुंच रही है। लेकिन यहीं से मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया।अमेरिकी कप्तान ने गेंद Saurabh Netravalkar को थमाई और उन्होंने आते ही स्कॉटलैंड की बल्लेबाज़ी पर शिकंजा कस दिया। नेत्रवलकर ने अपनी अनुशासित लाइन और लेंथ से बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। लगातार डॉट गेंदों के कारण स्कॉटिश बल्लेबाज़ दबाव में आ गए।नेत्रवलकर ने सबसे पहले जॉर्ज मुंसी का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। मुंसी तेजी से रन बना रहे थे, लेकिन लगातार डॉट गेंदों के दबाव में उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की और विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। यह विकेट अमेरिका के लिए बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि इसके बाद स्कॉटलैंड की रन गति अचानक धीमी पड़ गई।इसके तुरंत बाद नेत्रवलकर ने स्कॉटलैंड के कप्तान Richie Berrington को भी आउट कर दिया। कप्तान के जल्दी आउट होने से स्कॉटिश टीम पूरी तरह दबाव में आ गई। अमेरिकी गेंदबाज़ लगातार सही जगह पर गेंदबाज़ी कर रहे थे और बल्लेबाज़ रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।Michael English भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और स्लिप में कैच देकर पवेलियन लौट गए। नेत्रवलकर ने अपने शुरुआती सात ओवरों में मात्र 16 रन देकर 3 विकेट झटके। उनका यह स्पेल मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।एक समय स्कॉटलैंड का स्कोर बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका था और ऐसा लग रहा था कि टीम 120 रन तक भी नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन ऑलराउंडर Mark Watt ने संघर्षपूर्ण बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को संभालने की कोशिश की।मार्क वॉट ने बेहद समझदारी के साथ बल्लेबाज़ी की। शुरुआत में उन्होंने समय लिया और फिर धीरे-धीरे बड़े शॉट लगाने शुरू किए। उन्होंने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और अमेरिकी गेंदबाज़ों को परेशान करने की कोशिश की। उनके साथ Matt Cross ने भी महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई।दोनों बल्लेबाज़ों के बीच साझेदारी बनने लगी थी और स्कॉटलैंड की टीम धीरे-धीरे सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ रही थी। लेकिन अमेरिका के स्पिनर Harmeet Singh ने मैट क्रॉस का विकेट लेकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। यह विकेट भी मैच में बेहद अहम साबित हुआ क्योंकि इसके बाद स्कॉटलैंड की पारी फिर लड़खड़ा गई।इसके बाद एक बार फिर उगारकर ने शानदार वापसी की। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर स्कॉटलैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। Michael Leask और Jack Jarvis जैसे बल्लेबाज़ उनकी तेज और उछाल भरी गेंदबाज़ी के सामने संघर्ष करते नजर आए।स्कॉटलैंड का स्कोर एक समय 122/8 हो गया था। टीम पूरी तरह संकट में थी, लेकिन मार्क वॉट अभी भी संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कुछ बड़े शॉट लगाकर स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश की। वॉट ने 66 रन की शानदार पारी खेली, जो उनके वनडे करियर का सर्वोच्च स्कोर रहा।हालांकि उगारकर ने आखिरकार उनकी पारी का अंत कर दिया और अपना चौथा विकेट हासिल किया। स्कॉटलैंड की पूरी टीम 43.3 ओवर में 169 रन पर ऑल आउट हो गई। अमेरिका की ओर से उगारकर ने 4 विकेट लिए जबकि नेत्रवलकर ने 3 विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाज़ों ने मिलकर स्कॉटलैंड की बल्लेबाज़ी की रीढ़ तोड़ दी।170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अमेरिकी टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। ओपनर Shayan Jahangir और Smit Patel ने स्कॉटलैंड के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया।स्मित पटेल शानदार लय में नजर आए। उन्होंने लगातार तीसरे मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन किया और शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाज़ी की। उन्होंने Brandon McMullen के एक ओवर में लगातार तीन चौके लगाकर मैच का रुख पूरी तरह अमेरिका की ओर मोड़ दिया।दूसरी ओर शायन जहांगीर भी शानदार टच में दिखे। उन्होंने तेज गेंदबाज़ Safyaan Sharif के खिलाफ बेहतरीन पुल और कवर ड्राइव लगाए। दोनों बल्लेबाज़ों ने स्कॉटलैंड के गेंदबाज़ों को किसी भी तरह की वापसी का मौका नहीं दिया।अमेरिका ने पावरप्ले में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। शायन जहांगीर ने तेज़ 37 रन बनाए जबकि स्मित पटेल ने भी 37 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाज़ों की आक्रामक शुरुआत ने लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज़ Shehan Jayasuriya ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने स्पिन गेंदबाज़ों के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाज़ी की और मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाज़ी देखकर साफ लग रहा था कि अमेरिका किसी भी हालत में यह मुकाबला गंवाना नहीं चाहता।हालांकि जयसूर्या रन आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच पूरी तरह अमेरिका के नियंत्रण में आ चुका था। इसके बाद Milind Kumar और कप्तान Sai Teja Mukkamalla ने शांत बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।अमेरिका ने मात्र 27.1 ओवर में 4 विकेट खोकर 170 रन बना लिए और मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया। यह जीत सिर्फ एक सामान्य जीत नहीं थी बल्कि टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।लगातार दो हार के बाद अमेरिकी टीम पर दबाव काफी बढ़ गया था। लेकिन इस मुकाबले में खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि टीम मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलना जानती है। गेंदबाज़ी में नेत्रवलकर और उगारकर ने कमाल किया, जबकि बल्लेबाज़ों ने लक्ष्य का पीछा बेहद पेशेवर अंदाज़ में पूरा किया।दूसरी ओर स्कॉटलैंड के लिए यह मुकाबला काफी निराशाजनक रहा। टीम की बल्लेबाज़ी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद मध्यक्रम दबाव नहीं संभाल पाया। केवल मार्क वॉट ही संघर्ष करते नजर आए।गेंदबाज़ी में भी स्कॉटलैंड प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा। अमेरिकी बल्लेबाज़ों ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाज़ी की और स्कॉटिश गेंदबाज़ों को कभी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।अगर स्कॉटलैंड को आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना है तो उन्हें बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों विभागों में सुधार करना होगा। खासकर शीर्ष क्रम को जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाज़ी करनी होगी।वहीं अमेरिका के लिए यह जीत आगे के मुकाबलों में आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। टीम ने दिखा दिया है कि उनके पास मैच जिताने वाले गेंदबाज़ भी हैं और आक्रामक बल्लेबाज़ भी। आने वाले मुकाबलों में अगर अमेरिका इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखता है तो वह टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार बनकर उभर सकता है।