गाजीपुर में ‘ऑपरेशन वज्रपात’ से थर्राए सोशल मीडिया के गैंगस्टर

UTTAR PRADESH
अपराध और अपराधियों पर गाजीपुर पुलिस का एक्शन (Photo- ITG)

गाजीपुर:उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर दहशत फैलाने वाले और खुद को ‘गैंगस्टर’ के रूप में स्थापित करने की चाह रखने वाले युवाओं के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और निर्णायक अभियान शुरू किया है। इस विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन वज्रपात’ (Operation Vajrapat) नाम दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत गाजीपुर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर सक्रिय अपराधियों, उपद्रवियों और अवैध हथियारों के साथ रील या पोस्ट डालने वाले गिरोहों को चिन्हित करना शुरू कर दिया है।

अब तक की जांच में पुलिस ने जिले के कुख्यात ‘कटरा गैंग’ और ‘महाकाल गैंग’ समेत कुल 49 ऐसे व्हाट्सएप और सोशल मीडिया गैंग्स को अपने रडार पर लिया है, जो युवाओं को अपराध की दलदल में धकेलने और समाज में भय का माहौल बनाने का काम कर रहे थे।

युवाओं को आकर्षित करने और खौफ पैदा करने का ‘डिजिटल खेल’

दरअसल, पिछले कुछ समय से गाजीपुर और आस-पास के जिलों में एक खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा था। कुछ स्थानीय अपराधी और मनबढ़ युवक ‘कटरा गैंग’, ‘महाकाल गैंग’, ‘काल भैरव गैंग’ और ‘डॉन ग्रुप’ जैसे नामों से सोशल मीडिया पर पेज, ग्रुप और अकाउंट्स बना रहे थे। इन ग्रुप्स में बॉलीवुड फिल्मों के बैकग्राउंड म्यूजिक और डायलॉग्स के साथ अवैध कट्टों, पिस्तौल और राइफलों का प्रदर्शन करते हुए वीडियो और रील्स शेयर की जा रही थीं।

इन वीडियो का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अपना खौफ पैदा करना, रंगदारी वसूलने के लिए जमीन तैयार करना और भोले-भाले स्कूली व कॉलेज के छात्रों को अपनी तरफ आकर्षित कर उन्हें अपराध की दुनिया से जोड़ना था। कई बार इन सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए ही विरोधी गुटों को सरेआम धमकियां भी दी जाती थीं, जिसके कारण जिले में गैंगवार और हिंसक झड़पों की आशंका हमेशा बनी रहती थी।

एसपी के निर्देश पर ‘ऑपरेशन वज्रपात’ की शुरुआत

सोशल मीडिया पर बढ़ते इस ‘गैंगस्टर कल्चर’ और अवैध हथियारों के प्रदर्शन को बेहद गंभीरता से लेते हुए गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) ने साइबर सेल, सर्विलांस टीम और सभी थानों की पुलिस को अलर्ट मोड पर डाल दिया। इसी के तहत ‘ऑपरेशन वज्रपात’ का खाका तैयार किया गया।

इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य डिजिटल स्पेस में छिपे इन अपराधियों को ढूंढ निकालना और उन पर ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई करना है जो दूसरों के लिए एक नजीर बने। पुलिस की विशेष विंग अब चौबीसों घंटे सोशल मीडिया पर ऐसे कीवर्ड्स, हैशटैग और ग्रुप्स की मॉनिटरिंग कर रही है जो हथियारों या अपराध को बढ़ावा देते हैं।

कटरा और महाकाल गैंग सहित 49 गिरोह चिन्हित

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और साइबर टीम की गहरी छानबीन के बाद गाजीपुर जिले में सक्रिय ऐसे 49 सोशल मीडिया गैंग्स की पूरी सूची तैयार की गई है। इनमें सबसे प्रमुख नाम ‘कटरा गैंग’ और ‘महाकाल गैंग’ के हैं, जिनके पास अच्छी-खासी संख्या में युवा जुड़े हुए थे।

पुलिस ने इन सभी 49 गैंग्स के एडमिन (Admin), मुख्य कर्ता-धर्ताओं और उनमें शामिल एक्टिव मेंबर्स की प्रोफाइल, उनके असली नाम, घर के पते और उनके आपराधिक इतिहास का पूरा लेखा-जोखा (डोजियर) तैयार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन ग्रुप्स में केवल वीडियो पोस्ट करने वाले ही नहीं, बल्कि उन्हें लाइक, शेयर और कमेंट के जरिए बढ़ावा देने वाले लोग भी पुलिस की रडार पर आ चुके हैं।

धरपकड़ शुरू, जेल भेजे जा रहे हैं ‘रील’ बनाने वाले अपराधी

‘ऑपरेशन वज्रपात’ के शुरू होते ही गाजीपुर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई थानों के अंतर्गत आने वाले इलाकों से दर्जन भर से अधिक ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर टशन दिखा रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से कई अवैध असलहे और कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईटी एक्ट (IT Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर उन्हें सीधे जेल भेजा जा रहा है।

इस सख्त कार्रवाई से सोशल मीडिया के इन ‘वर्चुअल गैंगस्टर्स’ और रील बनाने वाले अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस की कार्रवाई का खौफ इस कदर है कि अभियान की भनक लगते ही कई युवकों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स डिलीट कर दिए हैं या फिर हथियारों वाली पोस्ट हटा दी हैं। हालांकि, साइबर सेल के पास इन सभी का बैकअप डेटा पहले से ही सुरक्षित है।

पुलिस की अपील: अभिभावक रखें बच्चों पर नजर

गाजीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस ऑपरेशन के साथ-साथ आम जनता और विशेष रूप से माता-पिता से एक महत्वपूर्ण अपील की है। पुलिस ने कहा है कि अधिकांश मामलों में देखा जा रहा है कि 16 से 22 साल के युवा और छात्र केवल दिखावे या शौक के चक्कर में इन ग्रुप्स से जुड़ जाते हैं और बाद में बड़े अपराधों का हिस्सा बन जाते हैं।

अभिभावकों को अपने बच्चों के मोबाइल फोन और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखनी चाहिए कि वे किस तरह के लोगों के संपर्क में हैं। गाजीपुर पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि ‘ऑपरेशन वज्रपात’ के तहत किसी भी अपराधी या कानून हाथ में लेने वाले को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी उम्र कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर खौफ का कारोबार करने वालों का अंजाम अब सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखें होगा।

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