Officials said the prisoner was eventually hit by a bullet fired during the brawl. (Screen grab)

पंजाब के होशियारपुर से सामने आया एक सनसनीखेज मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। एक अंडरट्रायल कैदी, हथकड़ी और रस्सी से बंधा होने के बावजूद, पुलिसकर्मी पर अचानक जानलेवा हमला कर देता है। इसके बाद सड़क पर जो कुछ हुआ, वह किसी फिल्मी एक्शन सीन से कम नहीं था। बीच सड़क पर पुलिसकर्मी और कैदी के बीच हुई खतरनाक भिड़ंत CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इस संघर्ष का अंत कैदी की मौत और पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने के साथ हुआ।

घटना शनिवार दोपहर की है, जब होशियारपुर सेंट्रल जेल से तीन कैदियों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस के मुताबिक, अदालत में पेशी से पहले कैदियों की नियमित मेडिकल जांच कराना प्रक्रिया का हिस्सा होता है। इसी सिलसिले में चार पुलिसकर्मी तीन अंडरट्रायल कैदियों को लेकर अस्पताल पहुंचे थे।

इन कैदियों में शामिल था नसीब सिंह, जो हत्या, हत्या की कोशिश और NDPS एक्ट समेत सात गंभीर मामलों में आरोपी था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नसीब सिंह लंबे समय से जेल में बंद था और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे।

अस्पताल से लौटते वक्त बदला माहौल

मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पुलिस टीम कैदियों को वापस जेल ले जा रही थी। सभी को एक ई-रिक्शा में बैठाया गया था। वरिष्ठ कांस्टेबल जसदीप सिंह नसीब सिंह के साथ बैठे हुए थे। बताया जा रहा है कि रास्ते में अचानक नसीब सिंह ने भागने की कोशिश की।

पुलिस के अनुसार, उसने पहले ई-रिक्शा के अंदर ही हंगामा शुरू किया। देखते ही देखते उसने अपने पास मौजूद एक तेजधार हथियार से कांस्टेबल जसदीप सिंह पर हमला कर दिया। यह हमला इतना अचानक था कि पुलिसकर्मी संभल भी नहीं पाया।

कुछ ही सेकंड में ई-रिक्शा रुक गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। CCTV फुटेज में साफ दिखाई देता है कि दोनों एक-दूसरे से बंधे होने के बावजूद बुरी तरह संघर्ष कर रहे हैं। कभी पुलिसकर्मी आरोपी को दबाने की कोशिश करता है तो कभी आरोपी खुद को छुड़ाकर भागने की कोशिश करता नजर आता है।

रस्सी से बंधे होने के बावजूद हमला

घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि आरोपी और पुलिसकर्मी दोनों रस्सी से जुड़े हुए थे। आमतौर पर पुलिस हिरासत में कैदियों को इस तरह बांधा जाता है ताकि वे भाग न सकें। लेकिन इसी बंधन के बीच नसीब सिंह ने हमला कर दिया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों संकरी गली में गिरते-पड़ते लड़ रहे हैं। आसपास मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए समझ नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है। कुछ लोग दूर खड़े होकर तमाशा देखते रहे, जबकि कुछ ने डर के कारण पास जाने की हिम्मत नहीं की।

इस दौरान आरोपी लगातार कांस्टेबल की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश भी करता रहा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर आरोपी रिवॉल्वर छीनने में सफल हो जाता तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।

गोली चलने से पलटा पूरा मामला

संघर्ष के दौरान अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पुलिस का कहना है कि झड़प के बीच सर्विस रिवॉल्वर से फायर हुआ, जिसमें नसीब सिंह को गोली लग गई।

गंभीर रूप से घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं कांस्टेबल जसदीप सिंह भी इस संघर्ष में बुरी तरह घायल हो गए। उनके चेहरे, हाथों और पैरों पर चोटें आईं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जसदीप सिंह अस्थमा के मरीज हैं, फिर भी उन्होंने आरोपी को काबू में करने की पूरी कोशिश की। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

CCTV फुटेज ने खोले कई राज

घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में दिख रहा है कि संघर्ष काफी देर तक चलता रहा। आरोपी पूरी ताकत से पुलिसकर्मी को घायल कर भागने की कोशिश कर रहा था।

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग घायल कांस्टेबल की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं।

इस वीडियो ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हिरासत में मौजूद एक कैदी के पास तेजधार हथियार आया कहां से?

पुलिस जांच में जुटी

होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संदीप कुमार मलिक ने बताया कि मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT का गठन कर दिया गया है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास हथियार कैसे पहुंचा।

पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने रास्ते में कहीं से हथियार उठाया था या किसी ने उसे पहले से हथियार उपलब्ध कराया था। अस्पताल परिसर और रास्ते के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी घटना में सुरक्षा चूक की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अगर आरोपी पहले से हथियार लेकर चल रहा था तो यह पुलिस सुरक्षा में बड़ी लापरवाही मानी जाएगी।

सात मामलों का आरोपी था नसीब सिंह

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, नसीब सिंह कोई मामूली अपराधी नहीं था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, ड्रग्स तस्करी और हिंसक अपराधों सहित सात मामले दर्ज थे।

जांच एजेंसियों का मानना है कि वह लंबे समय से फरार होने की योजना बना रहा हो सकता है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अस्पताल ले जाने की सूचना पहले से किसी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचाई गई थी।

कुछ अधिकारियों को शक है कि आरोपी ने भागने की कोशिश पहले से प्लान की थी। इसी वजह से वह मौका मिलते ही पुलिसकर्मी पर टूट पड़ा।

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर गंभीर अपराधियों को ले जाते समय अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं। लेकिन यहां आरोपी केवल एक वरिष्ठ कांस्टेबल के साथ ई-रिक्शा में मौजूद था।

लोग पूछ रहे हैं कि हत्या और NDPS जैसे गंभीर मामलों में आरोपी को ले जाते समय पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। कुछ पूर्व पुलिस अधिकारियों ने भी कहा है कि ऐसे कैदियों को ले जाने के दौरान अधिक सतर्कता जरूरी होती है।

इसके अलावा आरोपी को अस्पताल ले जाने और वापस लाने के दौरान हथियारों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल Media पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे “रियल लाइफ एक्शन सीन” बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि यह पुलिस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करता है।

कई लोगों ने घायल कांस्टेबल जसदीप सिंह की बहादुरी की सराहना की। यूजर्स का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी हिम्मत नहीं दिखाते तो आरोपी भाग सकता था और किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था।

वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी गंभीर पृष्ठभूमि वाले आरोपी को संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल क्यों नहीं था।

पोस्टमॉर्टम के बाद आगे की कार्रवाई

मृतक आरोपी नसीब सिंह के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।

SIT टीम अब CCTV फुटेज, पुलिसकर्मियों के बयान, अस्पताल स्टाफ और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गोली गलती से चली या आत्मरक्षा में फायर किया गया।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कई सवाल छोड़ गई यह घटना

होशियारपुर की यह घटना केवल एक अपराध या पुलिस मुठभेड़ की कहानी नहीं है। यह पुलिस सुरक्षा व्यवस्था, कैदी प्रबंधन और कानून व्यवस्था से जुड़े कई बड़े सवाल भी छोड़ गई है।

कैसे एक कैदी हथियार हासिल कर लेता है?
कैसे पुलिस हिरासत के दौरान इतनी बड़ी हिंसक घटना हो जाती है?
क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक हुई?
और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा?

By ABHI KK

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