
मुंबई: अजय देवगन की आगामी मास-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘चौहान’ (Chauhaan) इन दिनों सिनेमाघरों में आने से पहले ही विवादों के केंद्र में आ गई है। 25 जून को बड़े धमाके के साथ रिलीज किए गए इस फिल्म के अनाउंसमेंट टीज़र में मेकर्स ने अब चुपचाप दो बड़े और चौंकाने वाले बदलाव कर दिए हैं। यूट्यूब पर अपडेट किए गए नए वर्जन से न सिर्फ मशहूर अभिनेता मोहम्मद जीशान अयूब (Mohammad Zeeshan Ayyub) की आवाज को पूरी तरह से हटा दिया गया है, बल्कि फिल्म के एक अहम सैन्य संवाद में भी फेरबदल किया गया है।
इस ‘साइलेंट एडिटिंग’ के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या हैं ये बदलाव और इनके पीछे की असली वजह क्या मानी जा रही है।
टीज़र में किए गए दो बड़े ‘साइलेंट’ बदलाव
जियो स्टूडियोज (Jio Studios) और आनंद एल. राय की कलर येलो प्रोडक्शंस (Colour Yellow Productions) के बैनर तले बन रही इस फिल्म के 2 मिनट से कुछ ज्यादा लंबे टीज़र में विजुअल्स तो वही हैं, लेकिन ऑडियो ट्रैक में दो महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं:
जीशान अयूब की आवाज गायब: मूल टीज़र की शुरुआत एक बेहद गंभीर और कड़क मोनोलॉग (नैरेशन) से होती थी, जिसे जीशान अयूब ने आवाज दी थी। इस शुरुआती लाइन के बाद बाकी का वॉयसओवर अजय देवगन संभालते हैं। लेकिन अब यूट्यूब पर उपलब्ध अपडेटेड टीज़र में जीशान की जगह किसी अन्य अज्ञात डबिंग आर्टिस्ट की आवाज डाल दी गई है।
सैन्य रैंक में बदलाव (‘मेजर’ बना ‘कर्नल’): वॉयसओवर बदलने के साथ ही संवाद में इस्तेमाल की गई मिलिट्री रैंक को भी बदल दिया गया है। पहले वर्जन में जिस किरदार को “मेजर” कहकर संबोधित किया गया था, नए अपडेटेड वर्जन में उसे बदलकर “कर्नल” कर दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि ये बदलाव फिलहाल केवल यूट्यूब वर्जन तक ही सीमित हैं, जबकि इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया हैंडल पर पुराना टीज़र (जीशान की आवाज के साथ) ही दिख रहा है।
आखिर क्यों हटाना पड़ा जीशान अयूब का वॉयसओवर?
फिल्म ‘चौहान’ की कहानी कश्मीर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जो वहां के संघर्ष, अशांति और भारतीय सेना के सामने आने वाली चुनौतियों को दिखाती है। टीज़र के रिलीज होते ही इंटरनेट पर इसे लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिसके चलते मेकर्स को बैकफुट पर आना पड़ा। आवाज हटाए जाने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजहें सामने आ रही हैं:
‘पैलेट गन’ और कश्मीर चित्रण पर भारी ट्रोलिंग
टीज़र में प्रदर्शनकारियों पर ‘पैलेट गन’ के इस्तेमाल को दिखाने और कश्मीर के स्थानीय लोगों को सुरक्षाबलों के सामने टकराव की स्थिति में पेश करने पर सोशल मीडिया के एक बड़े धड़े ने आपत्ति जताई थी। आलोचकों और कश्मीर के कुछ एक्टिविस्ट्स ने इसे “असंवेदनशील और विभाजनकारी” नैरेटिव करार दिया।
जीशान अयूब की विचारधारा पर उठे सवाल
मोहम्मद जीशान अयूब फिल्म इंडस्ट्री में अपनी संजीदा, सामाजिक और वैचारिक रूप से संवेदनशील फिल्मों के चयन के लिए जाने जाते हैं। वे अक्सर सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहते हैं। ऐसे में इस तरह के उग्र और विवादास्पद राष्ट्रवाद वाले प्रोजेक्ट में उनका वॉयसओवर सुनना उनके फैंस और नेटिजंस को हैरान कर गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि या तो जीशान ने खुद इस प्रोजेक्ट से दूरी बना ली या मेकर्स ने उन्हें विवाद से बचाने के लिए रिप्लेस कर दिया।
‘क्षत्रिय परिषद’ का तीखा विरोध
विवाद सिर्फ कश्मीर नैरेटिव तक ही सीमित नहीं रहा। ‘क्षत्रिय परिषद’ ने भी इस फिल्म के टाइटल और डायलॉग—“पठानों से कह देना, चौहान आ रहा है” पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। संगठन का आरोप था कि राजनीतिक लाभ और कमर्शियल विवाद खड़ा करने के लिए राजपूत चौहान वंश के गौरवशाली और ऐतिहासिक नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
मेकर्स और अजय देवगन ने साधी चुप्पी
इन तमाम बदलावों और विवादों के बीच फिल्म की टीम ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। अजय देवगन, निर्देशक नीरज यादव या निर्माता आनंद एल. राय और ज्योति देशपांडे की तरफ से अब तक इन एडिट्स को लेकर कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। जब मीडिया हाउसेज ने प्रोडक्शन टीम से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
नितिन पाठक द्वारा एडिटेड और नीरज यादव द्वारा निर्देशित यह हाई-बजट फिल्म 1 अक्टूबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। एक्शन के लीजेंड स्वर्गीय वीरू देवगन की जयंती पर घोषित की गई इस फिल्म से मेकर्स को बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। लेकिन रिलीज से इतने समय पहले ही टीज़र में हुए इस बदलाव ने यह साफ कर दिया है कि आज के दौर में मेकर्स किसी भी तरह के बड़े विवाद या बॉयकाट ट्रेंड से बचने के लिए तुरंत ‘डैमेज कंट्रोल’ मोड में आने से पीछे नहीं हट रहे हैं।