

BharatNews/ अटारी-वाघा बॉर्डर (अमृतसर): भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अटारी-वाघा बॉर्डर पर रविवार (7 जून 2026) की शाम एक ऐतिहासिक और रोंगटे खड़े कर देने वाले पल की साक्षी बनी। ऑस्कर और ग्रैमी पुरस्कार विजेता दिग्गज संगीतकार ए.आर. रहमान (A.R. Rahman), मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) और सुरीली आवाज के धनी गायक मोहित चौहान (Mohit Chauhan) ने वाघा बॉर्डर पर आयोजित एक विशेष कॉन्सर्ट में शिरकत की। इस दौरान जब ए.आर. रहमान की जादुई आवाज में ‘वंदे मातरम’ (मां तुझे सलाम) का उद्घोष हुआ, तो वहां मौजूद हजारों दर्शकों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वीर जवानों का जोश सातवें आसमान पर पहुंच गया।
यह पहली बार है जब वाघा बॉर्डर जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थान पर इस स्तर के किसी लाइव म्यूजिकल कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया है। कलाकारों ने अपने देशभक्ति गीतों से भारतीय सेना और देश के वीर जवानों को एक बेहद भावुक और यादगार ट्रिब्यूट (श्रद्धांजलि) दिया।
जब ‘मां तुझे सलाम’ से गूंज उठी भारत-पाकिस्तान सीमा
अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर शाम होने वाली ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी के बारे में तो पूरी दुनिया जानती है, लेकिन इस बार की शाम बेहद जुदा थी। कॉन्सर्ट की शुरुआत होते ही पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
- ऐतिहासिक प्रस्तुति: जैसे ही ए.आर. रहमान ने अपने प्रतिष्ठित और कालजयी गीत ‘मां तुझे सलाम… वंदे मातरम’ की धुन छेड़ी, स्टेडियम में मौजूद हर एक दर्शक अपनी सीट से खड़ा हो गया। सीमा पर भारत माता के जयकारों की गूंज पाकिस्तान की सीमा के पार तक सुनाई दे रही थी।
- जवानों का जज्बा: सामने बैठे बीएसएफ (BSF) के जवान और अधिकारी भी संगीत की इस लहर में झूमते नजर आए। रहमान ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उन जवानों के त्याग और तपस्या को नमन किया, जो शून्य से नीचे के तापमान और तपती धूप में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।
इम्तियाज अली और मोहित चौहान ने बांधा समां
इस ऐतिहासिक कॉन्सर्ट में ए.आर. रहमान का साथ देने के लिए फिल्म इंडस्ट्री की दो और दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।
- निर्देशक इम्तियाज अली: ‘रॉकस्टार’ और ‘तमाशा’ जैसी फिल्मों के निर्देशक इम्तियाज अली इस आयोजन को लेकर बेहद भावुक दिखे। उन्होंने मंच से जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सीमाओं पर खड़े इन वीरों की वजह से ही देश के भीतर लोग शांति से सो पाते हैं और कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर पाते हैं।
- गायक मोहित चौहान: अपनी मखमली आवाज के लिए जाने जाने वाले मोहित चौहान ने भी इस शाम को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने रहमान के संगीत निर्देशन में गाए अपने कुछ मशहूर देशभक्ति और रूहानी गीतों से समां बांध दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, फैन्स हुए इमोशनल
जैसे ही इस कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, यह तुरंत इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा।
- भावुक हुए फैन्स: वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ए.आर. रहमान पियानो बजाते हुए पूरी ऊर्जा के साथ गा रहे हैं और पृष्ठभूमि में तिरंगा लहरा रहा है। फैन्स कमेंट सेक्शन में लिख रहे हैं कि इस प्रस्तुति को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए।
- इतिहास रचने की बात: संगीत समीक्षकों और प्रशंसकों का कहना है कि वाघा बॉर्डर पर इस तरह का लाइव परफॉर्मेंस देना अपने आप में एक इतिहास रचने जैसा है। संगीत के जरिए देशभक्ति की ऐसी अलख पहले कभी नहीं देखी गई।
देश के वीरों को एक अनोखा सलाम
इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना था। ए.आर. रहमान ने हमेशा से अपने संगीत में देशप्रेम को एक खास जगह दी है, चाहे वह फिल्म ‘रंग दे बसंती’ का संगीत हो या उनका इंडिपेंडेंट एलबम ‘वंदे मातरम’। लेकिन इस बार सीधे सीमा पर जाकर जवानों के बीच गाना उनके खुद के करियर के लिए भी एक बेहद अनूठा और बड़ा अनुभव रहा।
कॉन्सर्ट के अंत में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने ए.आर. रहमान, इम्तियाज अली और मोहित चौहान को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और सीमा पर आकर जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। यह शाम न केवल वहां मौजूद लोगों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है।

