शतक के बाद बोले केएल राहुल, “टी20 और टेस्ट के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं था”

KL Rahul stroked his 12th Test ton ©Getty

KHEL / अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने अपनी पारी के बाद कहा कि हाल ही में समाप्त हुए टी20 क्रिकेट से टेस्ट क्रिकेट में खुद को ढालना एक चुनौतीपूर्ण काम था, लेकिन उन्हें खुशी है कि वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर बल्लेबाजी कर सके और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे पाए।

राहुल ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद कहा कि मौसम की परिस्थितियां काफी कठिन थीं और तेज गर्मी के कारण बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उन्होंने स्वीकार किया कि दिन के अंत तक वह पूरी तरह थक चुके थे।

राहुल ने कहा, “मुझे खुशी है कि मुझे बीच में समय बिताने का मौका मिला और मैं कुछ ही दिनों के अंतराल में टी20 से टेस्ट क्रिकेट में सफलतापूर्वक बदलाव कर सका। मौसम बहुत गर्म था और दिन खत्म होने तक मैं पूरी तरह थक चुका था।”

उन्होंने बताया कि मैच से पहले टीम ने जो अभ्यास सत्र किए थे, उनमें ही यह स्पष्ट हो गया था कि पिच धीमी और नीची रहने वाली है। इसी कारण बल्लेबाजों को अपनी तकनीक और मानसिकता दोनों में बदलाव करना पड़ा।

राहुल ने कहा, “पिच शुरुआत में धीमी और नीची थी। अभ्यास के दौरान हमें इसका अंदाजा हो गया था। हमने कुछ अच्छे ट्रेनिंग सत्र किए और खुद को इस तरह तैयार किया कि गेंद को थोड़ा देर से खेलें और टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता में वापस आएं। इसके बाद मैदान पर उतरकर पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट खेलने का आनंद मिला।”

भारतीय बल्लेबाज ने यह भी स्वीकार किया कि टी20 क्रिकेट खेलने के तुरंत बाद टेस्ट मैच में उतरने पर बल्लेबाज अक्सर जरूरत से ज्यादा बदलाव करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। राहुल ने अपनी स्वाभाविक शैली को बरकरार रखने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “मेरा मन शॉट खेलने का भी था और मुझे नहीं लगता कि यह कोई गलत बात है। मैं खुद से भी यही कह रहा था कि पिछले मैच और इस टेस्ट के बीच ज्यादा समय नहीं था। ऐसे में कई बार खिलाड़ी जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है और पूरी तरह अलग तरीके से बल्लेबाजी करने की कोशिश करता है।”

राहुल ने आगे कहा कि उन्होंने खुद को शॉट खेलने से नहीं रोका और गेंदबाजों के अनुसार अपने विकल्प चुने।

“मैंने कोशिश की कि अपने खेल को सीमित न करूं। मैंने कुछ ऐसे शॉट भी खेले जो शायद सामान्य परिस्थितियों में नहीं खेलता, लेकिन इससे मुझे कोई निराशा या गुस्सा नहीं आया। मैं अपने फैसलों से संतुष्ट था और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करता रहा।”

राहुल ने अपनी पारी में धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। शुरुआती चरण में उन्होंने संयम बरता, जबकि बाद में परिस्थितियां आसान होने पर रन गति बढ़ाई। उनकी शतकीय पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

पिच के व्यवहार पर बात करते हुए राहुल ने माना कि आने वाले दिनों में बल्लेबाजी और कठिन हो सकती है। उनके अनुसार सतह पर दरारें दिखाई देने लगी हैं और ऊपरी मिट्टी ढीली हो रही है, जिससे गेंदबाजों को अतिरिक्त मदद मिल सकती है।

राहुल ने कहा, “यह विकेट अच्छी गेंदबाजी को मदद देगा। पिच पर दरारें खुलने लगी हैं और ऊपर की मिट्टी ढीली है। आगे चलकर असमान उछाल देखने को मिल सकता है, जिसका तेज गेंदबाजों को फायदा मिलेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि स्पिनरों की भूमिका मैच में काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है। राहुल के अनुसार जो स्पिनर लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करेंगे तथा विकेट को खेल में बनाए रखेंगे, उन्हें सफलता मिलने की पूरी संभावना है।

भारतीय टीम के स्पिन विकल्पों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि Washington Sundar और Manav Suthar विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा, “जो स्पिनर गेंद को ऊपर से फेंकेंगे और लगातार बल्लेबाजों को खेलने पर मजबूर करेंगे, उन्हें पुरस्कार मिलेगा। दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वॉशिंगटन सुंदर और बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ मानव सुथार काफी प्रभावी साबित हो सकते हैं।”

राहुल की यह शतकीय पारी ऐसे समय आई है जब भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में नए दौर से गुजर रही है। अनुभवी खिलाड़ियों के संन्यास के बाद टीम को शीर्ष क्रम में स्थिरता की जरूरत थी और राहुल ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। उनकी पारी ने न केवल भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट से सीधे टेस्ट क्रिकेट में आने के बावजूद वह अपनी तकनीक और अनुभव के दम पर परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं।

पहले दिन के खेल के बाद भारत मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है और राहुल का मानना है कि यदि गेंदबाज सही क्षेत्रों में लगातार दबाव बनाए रखें तो विकेट से उन्हें भरपूर सहायता मिल सकती है। ऐसे में दूसरे दिन भारतीय टीम मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी।

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