China’s yuanहाल ही में वैश्विक वित्तीय बाज़ारों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला है, जिसने अर्थशास्त्रियों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। चीन के केंद्रीय बैंक, ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ (PBOC) ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन (जिसे रेनमिनबी भी कहा जाता है) की दैनिक संदर्भ दर (daily reference rate) को पिछले तीन वर्षों के उच्चतम स्तर पर निर्धारित किया है। यह कदम न केवल चीनी मुद्रा की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में चीन की बदलती भूमिका का भी संकेत है।ऐतिहासिक संदर्भ और ताज़ा घटनाक्रमगुरुवार को, PBOC ने युआन की मध्य-बिंदु दर (midpoint rate) को 6.8349 प्रति अमेरिकी डॉलर पर तय किया। यह फरवरी 2023 के बाद से युआन का सबसे मजबूत स्तर है। इस नीतिगत निर्णय के पीछे का संदर्भ समझना आवश्यक है। यह घोषणा बुधवार को ऑफशोर युआन में आई 0.22 प्रतिशत की सराहना (appreciation) के बाद आई है। पिछले कुछ हफ्तों में युआन ने काफी उतार-चढ़ाव (volatility) का सामना किया है, लेकिन इस हालिया मजबूती ने बाज़ार में एक नई स्थिरता और आत्मविश्वास का संचार किया है।दोपहर की ट्रेडिंग के दौरान, ऑफशोर युआन 6.803 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जो यह स्पष्ट करता है कि बाज़ार की ताकते आधिकारिक संदर्भ दर से भी अधिक तेजी से युआन को ऊपर ले जा रही हैं। युआन की मजबूती के प्रमुख कारकयुआन की इस वृद्धि के पीछे कई सूक्ष्म और वृहद आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं:1. चीन का निर्यात और व्यापार अधिशेष:चीन की अर्थव्यवस्था का आधार उसका मजबूत विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र रहा है। महामारी के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन की अहम भूमिका बनी रही है। चीन का निरंतर व्यापार अधिशेष (trade surplus) देश में विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाता है, जिससे युआन की मांग और मूल्य में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है।2. अमेरिकी डॉलर का कमजोर पड़ना:मुद्रा बाज़ार एक तुलनात्मक खेल है। जब अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आती है, तो अन्य वैश्विक मुद्राओं को बढ़ने का अवसर मिलता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों में बदलाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण डॉलर का प्रभुत्व पिछले कुछ समय से दबाव में है। डॉलर की यह कमजोरी युआन के लिए ‘सफेद घोड़े’ की तरह साबित हुई है।3. विदेशी निवेशकों का विश्वास:चीन के वित्तीय बाज़ारों को खोलने और विदेशी निवेश के लिए नियमों को सरल बनाने की प्रक्रिया ने विदेशी बैंकों और निवेशकों को आकर्षित किया है। कई वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने युआन के प्रति ‘बुलिश’ (तेजी का) रुख अपनाया है। वे न केवल वर्तमान मजबूती को देख रहे हैं, बल्कि भविष्य में भी युआन के और मजबूत होने की भविष्यवाणी कर रहे हैं।वैश्विक वित्तीय संस्थानों का दृष्टिकोणदुनिया भर के प्रमुख बैंक अब युआन को एक सुरक्षित और आकर्षक निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में, कई विश्लेषण रिपोर्टों में यह सुझाव दिया गया है कि चीनी अर्थव्यवस्था की ‘लचीलापन’ (resilience) युआन को और मजबूती प्रदान करेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन अपनी निर्यात गति को बनाए रखता है और घरेलू खपत को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों पर ध्यान केंद्रित करता है, तो युआन का 6.80 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाना एक सामान्य प्रक्रिया बन सकती है। यह विदेशी मुद्रा व्यापार में युआन के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है।अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावयुआन का मजबूत होना दोधारी तलवार की तरह हो सकता है: सकारात्मक पक्ष:एक मजबूत युआन चीन की क्रय शक्ति को बढ़ाता है। इससे आयात सस्ता हो जाता है, जिससे देश में मुद्रास्फीति (inflation) को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही, यह वैश्विक स्तर पर चीन की सॉफ्ट पावर और उसकी मुद्रा की स्वीकार्यता को बढ़ाता है। चुनौतियां: दूसरी ओर, अत्यधिक मजबूत मुद्रा निर्यातकों के लिए हानिकारक हो सकती है। यदि चीनी सामान विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो जाएगा, तो निर्यात में गिरावट आ सकती है, जो चीनी अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। इसलिए, PBOC की भूमिका बहुत चुनौतीपूर्ण है—उन्हें युआन को इतना स्थिर रखना है कि वैश्विक विश्वास बना रहे, लेकिन इतना महंगा भी नहीं कि निर्यात का इंजन धीमा पड़ जाए। भविष्य की राह: अस्थिरता से स्थिरता की ओरयुआन में हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद, लंबे समय का चार्ट यह दिखाता है कि पिछले साल की शुरुआत से युआन का रुझान ऊपर की ओर रहा है। यह एक क्रमिक सुधार है। वैश्विक बाज़ार अब उन दिनों को पीछे छोड़ चुके हैं जब युआन को केवल एक ‘कृत्रिम रूप से प्रबंधित’ मुद्रा के रूप में देखा जाता था। आज, इसे मांग और आपूर्ति के साथ-साथ चीन की आर्थिक ताकत के आधार पर आंका जा रहा है।अगले कुछ महीनों में, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या युआन 6.80 के स्तर को और नीचे तोड़ पाता है। भू-राजनीतिक समीकरण, अमेरिका की ब्याज दरें, और वैश्विक व्यापारिक समझौते आने वाले समय में युआन की दिशा तय करेंगे।PBOC द्वारा युआन की दर को मजबूत करना केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह चीन के बदलते आर्थिक आत्मविश्वास का प्रतीक है। जबकि दुनिया अभी भी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है, चीन का अपनी मुद्रा को मजबूती प्रदान करना एक संकेत है कि बीजिंग न केवल अपनी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए तैयार है, बल्कि वैश्विक मुद्रा बाज़ार में अपनी जगह को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी अग्रसर है।निवेशकों और वैश्विक कंपनियों के लिए, यह समय युआन पर बारीकी से नजर रखने का है। मुद्रा की यह मजबूती संकेत है कि वैश्विक आर्थिक शक्ति का संतुलन धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार बदल रहा है।