2026 में छंटनी का डर: Amazon से Netflix तक, दुनिया भर में नौकरियों पर संकट; जानिए किन कंपनियों में कितनी कटौती

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साल 2026 में दुनिया भर के कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने की चिंता लगातार चर्चा में है। तकनीकी कंपनियों से लेकर बैंकिंग, रिटेल, ऑटोमोबाइल, मनोरंजन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों तक कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या घटाने, कामकाज के ढांचे में बदलाव करने और खर्च कम करने की योजनाओं पर काम कर रही हैं। कई कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश बढ़ा रही हैं, जबकि कुछ अपने संगठन को सरल बनाने और संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।

India Today Jobs के 23 सितंबर 2026 तक के विश्लेषण के मुताबिक, 1 जनवरी से 23 सितंबर के बीच विभिन्न कंपनियों में लगभग 1.76 लाख नौकरियों में कटौती की रिपोर्ट सामने आई थी। यह आंकड़ा तकनीक, वित्त, रिटेल, मैन्युफैक्चरिंग, मनोरंजन और अन्य क्षेत्रों से संबंधित कंपनियों की सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट की गई संख्याओं पर आधारित था। इसे दुनिया भर में हुई हर छंटनी का पूरा आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

अक्टूबर में Netflix और Kroger जैसी कंपनियों की ओर से सामने आई घोषणाओं ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है। Netflix ने लगभग 1,000 कर्मचारियों से जुड़ी कटौती की घोषणा की, जबकि Kroger ने अगले तीन वर्षों में करीब 3,000 कॉरपोरेट पद समाप्त करने की योजना बताई। इन घोषणाओं से साफ होता है कि कर्मचारियों की संख्या में बदलाव केवल टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है।

हालांकि, सभी कंपनियों में छंटनी के कारण एक जैसे नहीं हैं। कहीं बढ़ती लागत और कमजोर मांग वजह है, तो कहीं संगठनात्मक बदलाव, महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा भर्ती और नई तकनीकों में निवेश का असर दिखाई देता है।

Amazon में 16,000 पदों की कटौती, व्यापक पुनर्गठन योजना भी चर्चा में

Amazon ने जनवरी 2026 में लगभग 16,000 कॉरपोरेट पदों में कटौती की घोषणा की थी। कंपनी ने संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाने और नौकरशाही कम करने को इस कदम का हिस्सा बताया था। यह घोषणा कंपनी में पहले हुई कटौती के बाद सामने आई थी। व्यापक कॉरपोरेट पुनर्गठन योजना के तहत कुल मिलाकर करीब 30,000 पद प्रभावित होने की बात कही गई थी।

Amazon का मामला यह भी दिखाता है कि किसी कंपनी की छंटनी की योजना को समझने के लिए घोषित कटौती और पहले से चल रहे पुनर्गठन को अलग-अलग देखना जरूरी है। अलग-अलग समय पर घोषित संख्याओं को जोड़कर उन्हें नई छंटनी का आंकड़ा मानना सही नहीं होगा।

कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस ने पहले कहा था कि महामारी के दौरान Amazon ने जरूरत से अधिक कर्मचारियों की भर्ती कर ली थी। कंपनी अब अपने संगठन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही Amazon डेटा सेंटर, चिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड 220 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी भी कर रही है।

इस स्थिति में एक ओर कंपनी नई तकनीकों में भारी निवेश कर रही है, वहीं दूसरी ओर उसके कर्मचारियों की संख्या और संगठनात्मक संरचना में बदलाव हो रहे हैं। हालांकि, केवल इन दोनों घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कंपनी की हर छंटनी AI के कारण हो रही है।

Dell और Atlassian में भी कर्मचारियों की संख्या घटी

मार्च 2026 में Dell की कर्मचारी संख्या में भी बड़ी गिरावट की जानकारी सामने आई। Reuters की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के वित्त वर्ष 2026 के दौरान उसके कर्मचारियों की संख्या में लगभग 11,000 की कमी आई, जो करीब 10 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा वित्त वर्ष के दौरान कर्मचारियों की संख्या में आई गिरावट को दर्शाता है; इसे अपने आप में किसी एक दिन घोषित की गई छंटनी के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

इसी अवधि में सॉफ्टवेयर कंपनी Atlassian ने लगभग 1,600 पदों में कटौती की घोषणा की। कंपनी ने इस कदम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटरप्राइज सेल्स में निवेश के लिए संसाधन उपलब्ध कराने से जोड़ा।

इन दोनों कंपनियों के मामलों में अंतर है। Dell का आंकड़ा वित्त वर्ष के दौरान कर्मचारियों की संख्या में दर्ज कमी से संबंधित था, जबकि Atlassian ने पदों में कटौती की घोषणा की थी। इसलिए इन आंकड़ों को पढ़ते समय उनकी प्रकृति और समयावधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

Intuit और Meta में भी बड़ी कटौती की घोषणाएं

मई 2026 में वित्तीय सॉफ्टवेयर कंपनी Intuit ने करीब 3,000 नौकरियों में कटौती की योजना की घोषणा की। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि यह निर्णय संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया था, न कि कर्मचारियों की जगह AI को नियुक्त करने के लिए।

यह उदाहरण बताता है कि किसी कंपनी में AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने और कर्मचारियों की छंटनी होने के बीच सीधा संबंध मान लेना सही नहीं है। कंपनियां अपने कामकाज के ढांचे, लागत और कारोबारी प्राथमिकताओं को बदलने के लिए भी पदों में कटौती कर सकती हैं।

Meta ने भी लगभग 8,000 कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली कटौती की घोषणा की थी। इस तरह तकनीकी क्षेत्र की अलग-अलग कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या घटाने के पीछे अलग-अलग कारोबारी फैसले और प्राथमिकताएं सामने आईं।

कर्मचारियों के लिए इन घोषणाओं का सबसे बड़ा असर अनिश्चितता के रूप में दिखाई देता है। किसी कंपनी में हजारों पदों में कटौती की खबर आने के बाद वहां काम कर रहे दूसरे कर्मचारियों के मन में भी यह सवाल उठ सकता है कि भविष्य में उनके विभाग या पद पर क्या असर पड़ेगा।

ऑटोमोबाइल उद्योग में Volkswagen और Jaguar Land Rover की योजनाएं

नौकरियों में कटौती की चर्चा केवल सॉफ्टवेयर और तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं है। ऑटोमोबाइल उद्योग में भी कंपनियां अपने कामकाज और कर्मचारियों की संख्या में बदलाव की योजना बना रही हैं।

Volkswagen के परिवर्तन कार्यक्रम के तहत दुनिया भर में अतिरिक्त 50,000 नौकरियों में कमी की योजना बताई गई है। यह कंपनी में पहले से चल रहे लगभग 50,000 पदों से संबंधित कार्यक्रम के अतिरिक्त है। हालांकि, इन दोनों संख्याओं को जोड़कर यह कहना सही नहीं होगा कि 2026 में ही कुल 1 लाख कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है। ये नियोजित कटौतियां हैं और इन्हें पूरी हो चुकी छंटनी के आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

Volkswagen के सामने ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा, चीनी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं से चुनौती, टैरिफ और नई तकनीकों के अनुरूप बदलाव करने की लागत जैसे दबाव हैं। ऐसे माहौल में कंपनी अपने संचालन और कर्मचारियों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा कर रही है।

Jaguar Land Rover ने भी दो वर्षों में करीब 4,000 नौकरियों में कटौती की योजना की घोषणा की है। इस मामले में भी प्रस्तावित समयावधि को ध्यान में रखना जरूरी है। योजना के तहत बताई गई संख्या को किसी एक वर्ष में पूरी हो चुकी छंटनी नहीं माना जा सकता।

Uber में करीब 3,300 पदों पर असर की योजना

मोबिलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी Uber ने सितंबर 2026 में लगभग 3,300 नौकरियों में कटौती की योजना की घोषणा की थी। यह संख्या उसके कुल कर्मचारियों की करीब 10 प्रतिशत बताई गई।

कंपनी ने संगठनात्मक बदलाव और प्रबंधन के स्तरों को कम करने की जरूरत का उल्लेख किया। Uber आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वायत्त वाहनों से जुड़ी तकनीकों में निवेश भी कर रही है।

इस मामले में भी यह जरूरी है कि कटौती के कारणों को केवल AI तक सीमित न किया जाए। कंपनी की ओर से बताए गए संगठनात्मक बदलाव और प्रबंधन के ढांचे को सरल बनाने की योजना भी इस निर्णय का हिस्सा थी।

Uber जैसे कारोबार में तकनीकी बदलाव के साथ-साथ बाजार की स्थिति और कंपनी की संचालन संबंधी जरूरतें भी कर्मचारियों की संख्या को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अलग-अलग कंपनियों की घोषणाओं को एक ही कारण से जोड़ना वास्तविक स्थिति को अधूरा दिखा सकता है।

Netflix ने लगभग 1,000 कर्मचारियों से जुड़ी कटौती की घोषणा की

अक्टूबर 2026 में मनोरंजन और स्ट्रीमिंग कंपनी Netflix ने करीब 1,000 कर्मचारियों को प्रभावित करने वाली कटौती की घोषणा की। रिपोर्ट के अनुसार, इसका असर प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी, कानूनी मामलों और मानव संसाधन समेत कई विभागों पर पड़ा।

Netflix का उदाहरण इस बात को रेखांकित करता है कि कर्मचारियों की संख्या में बदलाव केवल उन कंपनियों में नहीं हो रहा है, जो सीधे तकनीकी उत्पाद बनाती हैं। मनोरंजन और डिजिटल कंटेंट के कारोबार में काम करने वाली कंपनियां भी अपने विभागों और संचालन की समीक्षा कर रही हैं।

हालांकि, इस घोषणा से संबंधित आंकड़ा लगभग 1,000 कर्मचारियों का है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इससे अधिक संख्या या कंपनी के प्रत्येक विभाग पर पड़ने वाले सटीक प्रभाव का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए।

Kroger अगले तीन वर्षों में करीब 3,000 कॉरपोरेट पद समाप्त करने की योजना बना रही है

अक्टूबर में अमेरिकी सुपरमार्केट चेन Kroger ने अगले तीन वर्षों में करीब 3,000 कॉरपोरेट नौकरियां समाप्त करने की योजना की घोषणा की। कंपनी अपने कामकाज में दक्षता बढ़ाने और AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

रिटेल कारोबार में तकनीकी बदलाव के साथ ग्राहकों के खरीदारी करने के तरीके में परिवर्तन, डिस्काउंट स्टोरों से प्रतिस्पर्धा और ऑनलाइन खुदरा बाजार का दबाव भी कंपनियों की कारोबारी रणनीति को प्रभावित करता है।

Kroger की योजना यह दिखाती है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने और कर्मचारियों की संख्या घटाने से संबंधित फैसले अब खुदरा कारोबार में भी चर्चा का विषय हैं। लेकिन कंपनी की तीन साल की योजना को तत्काल पूरी हो चुकी छंटनी के रूप में पेश करना गलत होगा।

रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यह लगभग 3,000 कॉरपोरेट पदों को अगले तीन वर्षों में समाप्त करने की योजना है। इसलिए इसके प्रभाव को समझने के लिए घोषित समयावधि को ध्यान में रखना आवश्यक है।

Dow और Nike में भी हुई कटौती की घोषणाएं

2026 में सामने आई चुनिंदा घोषणाओं में रसायन क्षेत्र की कंपनी Dow और रिटेल कंपनी Nike का नाम भी शामिल है।

जनवरी में Dow ने लगभग 4,500 नौकरियों में कटौती की जानकारी दी थी। वहीं, Nike ने इसी महीने करीब 775 पदों में कटौती की घोषणा की।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि कर्मचारियों की संख्या में बदलाव अलग-अलग उद्योगों में हो रहा है। रसायन उद्योग और खेल परिधान के कारोबार की परिस्थितियां तकनीकी कंपनियों से अलग हैं, इसलिए इनकी छंटनी को एक ही वजह से जोड़ना उचित नहीं होगा।

कंपनियों के फैसलों के पीछे लागत, कारोबारी मांग, संचालन का ढांचा और भविष्य की रणनीति जैसे कई कारक हो सकते हैं। उपलब्ध आंकड़े यह बताते हैं कि कटौती की घोषणाएं कई क्षेत्रों में हुई हैं, लेकिन हर कंपनी के निर्णय का कारण अलग से समझना जरूरी है।

Microsoft में भी करीब 4,800 पदों का आंकड़ा सामने आया

जुलाई 2026 में Microsoft से जुड़ी करीब 4,800 नौकरियों में कटौती का आंकड़ा भी सामने आया। यह कंपनी के तकनीक और गेमिंग कारोबार से संबंधित रिपोर्ट की गई कटौतियों में शामिल था।

इस तरह 2026 में कर्मचारियों की संख्या में बदलाव की चर्चा में Amazon, Dell, Atlassian, Intuit, Meta, Microsoft और Uber जैसी तकनीकी कंपनियों के साथ अन्य उद्योगों की कंपनियां भी शामिल रहीं।

हालांकि, इन आंकड़ों को जोड़ते समय सावधानी जरूरी है। कुछ संख्याएं घोषित छंटनी से संबंधित हैं, कुछ योजनाबद्ध पदों में कमी से और कुछ कर्मचारियों की संख्या में दर्ज गिरावट को दर्शाती हैं। सभी आंकड़े एक ही अवधि, एक ही परिभाषा या एक ही तरह की घोषणा पर आधारित नहीं हैं।

AI कितनी नौकरियां खत्म कर रहा है?

2026 में नौकरी जाने की चर्चा के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबसे प्रमुख विषयों में से एक बन गया है। कंपनियां AI टूल का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, काम करने के तरीकों में बदलाव कर रही हैं और यह देख रही हैं कि किन कार्यों के लिए मानवीय हस्तक्षेप जरूरी है।

कुछ कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती को AI में निवेश से जोड़ा है। उदाहरण के लिए, Atlassian ने AI और एंटरप्राइज सेल्स में निवेश के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। Kroger भी अपने कामकाज में AI के इस्तेमाल को बढ़ाने की योजना बना रही है।

लेकिन Intuit ने स्पष्ट किया था कि उसकी करीब 3,000 नौकरियों में कटौती की योजना AI के कारण नहीं थी। कंपनी ने इसे संचालन को सुव्यवस्थित बनाने से जोड़ा था।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि 2026 में हुई सभी छंटनी का कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। कंपनियां बढ़ती लागत, कमजोर मांग, महामारी के दौरान जरूरत से ज्यादा भर्ती, संगठनात्मक जटिलता और बदलते कारोबारी मॉडल के कारण भी कर्मचारियों की संख्या घटा सकती हैं।

AI किसी काम के कुछ हिस्सों को स्वचालित कर सकता है, लेकिन इससे यह जरूरी नहीं कि कंपनी के हर विभाग में नौकरियां खत्म हो जाएं। कुछ विभागों में पद कम हो सकते हैं, जबकि दूसरे विभागों में नई भूमिकाएं बन सकती हैं। वास्तविक असर कंपनी, काम के प्रकार और तकनीक के इस्तेमाल पर निर्भर करता है।

नौकरी जाने का असर केवल प्रभावित कर्मचारियों तक सीमित नहीं

जब किसी कंपनी में हजारों पदों में कटौती की घोषणा होती है, तो उसका असर केवल नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहता। जिन लोगों की नौकरी बनी रहती है, वे भी भविष्य में संभावित बदलावों को लेकर चिंतित हो सकते हैं।

कर्मचारियों को यह आशंका हो सकती है कि आगे किसी दूसरे विभाग में कटौती होगी या उनके काम की जिम्मेदारियां बढ़ा दी जाएंगी। संगठनात्मक बदलाव के बाद रिपोर्टिंग व्यवस्था और काम का तरीका भी बदल सकता है।

हालांकि, हर कंपनी और हर कर्मचारी का अनुभव एक जैसा नहीं होता। केवल छंटनी के आंकड़ों से यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी विशेष कार्यस्थल पर कर्मचारियों की मनोदशा या काम करने की परिस्थितियों पर कितना असर पड़ा है।

जिन लोगों की नौकरी चली जाती है, उनके सामने आय में अचानक कमी, नई नौकरी तलाशने और करियर की अगली दिशा तय करने जैसी चुनौतियां आती हैं। परिवारों को खर्चों की समीक्षा करनी पड़ सकती है और बचत का अधिक समय तक इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

इसी वजह से छंटनी के आंकड़े केवल पदों की संख्या बताते हैं। वे नौकरी जाने के बाद परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव, नई नौकरी तलाशने में लगने वाले समय और भविष्य को लेकर पैदा होने वाली अनिश्चितता की पूरी तस्वीर नहीं दिखाते।

2026 में छंटनी की तस्वीर क्या बताती है?

23 सितंबर 2026 तक India Today Jobs के विश्लेषण में लगभग 1.76 लाख रिपोर्ट की गई नौकरियों में कटौती का उल्लेख था। यह एक सीमित अवधि के दौरान उपलब्ध संख्याओं पर आधारित तस्वीर थी, न कि पूरी दुनिया में हुई हर छंटनी का अंतिम आंकड़ा।

अक्टूबर में Netflix और Kroger की घोषणाओं ने इस तस्वीर में नए आंकड़े जोड़े। फिर भी, घोषित पदों में कटौती, भविष्य में समाप्त किए जाने वाले पद और कर्मचारियों की संख्या में दर्ज गिरावट को अलग-अलग समझना जरूरी है।

इन आंकड़ों से यह पता चलता है कि कंपनियों के कामकाज में व्यापक बदलाव हो रहे हैं। लेकिन इनके आधार पर यह भविष्यवाणी नहीं की जा सकती कि अगली छंटनी किस कंपनी में होगी, कितने कर्मचारियों की नौकरी जाएगी या किसी खास पद को AI के कारण समाप्त कर दिया जाएगा।

कुछ कंपनियां पुनर्गठन के बाद दोबारा विस्तार कर सकती हैं। कुछ कर्मचारियों को दूसरे क्षेत्रों में नए अवसर मिल सकते हैं। कुछ नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है, जबकि कुछ पद समाप्त भी हो सकते हैं। इन बदलावों का असर उद्योग, देश और व्यक्ति की परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग होगा।

2026 में नौकरियों से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता यही है कि कर्मचारियों को बदलते कारोबारी फैसलों, नई तकनीकों और लागत कम करने की योजनाओं के बीच अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में रोजगार की तस्वीर किस दिशा में जाएगी, यह कंपनियों के वास्तविक फैसलों और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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