
कानपुर : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से सामने आए एक वायरल वीडियो ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। बिठूर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अभिजीत सिंह सांगा का एक फूड इंस्पेक्टर को फोन पर सरेआम हड़काने और देख लेने की धमकी देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मुद्दा दे दिया है।
इस पूरे विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सत्ताधारी दल पर तीखा तंज कसा है। अखिलेश यादव ने सीधा आरोप लगाया कि विधायक जी का यह गुस्सा जनता की भलाई के लिए नहीं था, बल्कि विभागीय कार्रवाई और अवैध वसूली में अपनी ‘हिस्सेदारी’ (कमीशन) तय करने के लिए था।
क्या है पूरा मामला? क्यों भड़के विधायक अभिजीत सिंह सांगा?
यह पूरा विवाद कानपुर के बिठूर विधानसभा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की एक हालिया छापेमारी से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि विभाग की टीम ने क्षेत्र के कुछ स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के यहां औचक चेकिंग की थी। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया। व्यापारियों का आरोप है कि फूड इंस्पेक्टर और उनकी टीम त्योहारों और सामान्य दिनों में जांच के नाम पर उन्हें जानबूझकर परेशान करती है। व्यापारियों ने यह भी दावा किया कि अधिकारी उनके ऊपर भारी-भरकम जुर्माना लगाने या सैंपल फेल करने की धमकी देकर अवैध उगाही और मोटी रिश्वत का दबाव बना रहे थे।
प्रशासनिक रवैये से तंग आकर क्षेत्र के पीड़ित व्यापारी एकजुट हुए और सीधे अपने स्थानीय बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा के पास पहुंचे। व्यापारियों ने रो-रोकर विधायक को अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। व्यापारियों की शिकायत सुनते ही विधायक सांगा तुरंत ‘एक्शन मोड’ में आ गए। उन्होंने किसी बंद कमरे में बात करने के बजाय, भरी महफिल में और सभी व्यापारियों के सामने ही संबंधित फूड इंस्पेक्टर का नंबर डायल कर दिया। फोन उठते ही विधायक का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने अधिकारी को सरेआम गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे डाली। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
वायरल वीडियो की हकीकत: विधायक सांगा की ‘ऑन-कैमरा’ चेतावनी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा का रुख बेहद सख्त और तेवर आक्रामक दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि विधायक ने फोन पर फूड इंस्पेक्टर की क्लास लगाते हुए कहा कि अगर बिठूर विधानसभा क्षेत्र में किसी भी छोटे या बड़े व्यापारी को नाजायज परेशान किया या चेकिंग के नाम पर डराया, तो ठीक नहीं होगा। व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपनी हद में रहकर काम करो, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो।
वीडियो में आगे दिखता है कि जब विधायक फोन पर अधिकारी को अपनी हद में रहने की हिदायत दे रहे थे, तब वहां खड़े व्यापारियों ने तालियां बजाकर और नारेबाजी करके विधायक के इस अंदाज का स्वागत किया। स्थानीय दुकानदारों के लिए भले ही यह एक बड़ी राहत की बात थी कि उनका जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़ा है, लेकिन प्रशासनिक हलकों और राज्य की राजनीति में एक लोकसेवक के लिए इस्तेमाल की गई इस भाषा को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
अखिलेश यादव का करारा पलटवार: “कमीशन फिक्स करने का चल रहा खेल”
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे तुरंत हाथों-हाथ लिया। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इस वीडियो क्लिप को साझा करते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक स्वतंत्रता और बीजेपी के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि अब अधिकारियों को जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार में अपना हिस्सा तय करने के लिए धमका रहे हैं। सपा प्रमुख ने मुख्य रूप से यह आरोप लगाया कि विधायक सांगा ने अपनी हिस्सेदारी और कमीशन फिक्स करने के उद्देश्य से ही फूड इंस्पेक्टर को फोन किया होगा। जब बात नहीं बनी, तो गुस्सा बाहर आ गया।
उन्होंने आगे कहा कि जमीन पर बीजेपी के नेता और अधिकारी मिलकर व्यापारियों से वसूली का खेल चला रहे हैं, जिससे सरकार का भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा पूरी तरह खोखला साबित होता है। विपक्ष का यह भी मानना है कि इस तरह सरेआम अधिकारियों को डराने और धमकाने से प्रशासनिक अमले का मनोबल टूटता है। इसके बाद कोई भी अधिकारी निष्पक्षता से मिलावटखोरों या गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाएगा।
विधायक सांगा की सफाई: “व्यापारियों के उत्पीड़न के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी”
विपक्षी दलों के हमलों और सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बीच बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार और हिस्सेदारी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ जनता और व्यापारियों की रक्षा करना था।
विधायक सांगा के समर्थकों और उनकी टीम ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि खाद्य विभाग के कुछ अधिकारी छोटे दुकानदारों को डराकर अवैध रूप से पैसों की मांग करते हैं, जिसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी था। जब पीड़ित व्यापारी रोते हुए विधायक के पास पहुंचे, तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते अधिकारियों को चेतावनी देना उनका कर्तव्य था। विधायक समर्थकों ने अखिलेश यादव के बयान को हताशा में की गई राजनीति बताया और कहा कि सपा को हर अच्छे काम में भी भ्रष्टाचार ही नजर आता है।
