शामली/मेरठ।


उत्तर प्रदेश के शामली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और भावुक पारिवारिक ड्रामा सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों से लेकर स्थानीय लोगों तक को हैरान कर दिया है। शामली के चर्चित धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार हुए आयुष मलिक उर्फ अली हसन ने पुलिस पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वे किसी फिल्मी कहानी जैसे प्रतीत होते हैं। तीन बहनों के इकलौते भाई आयुष ने समाज और परिवार के डर से करीब 12 साल तक अपने मुस्लिम बनने की बात को पूरी तरह छुपाए रखा। उसका मानना था कि अगर यह बात सामने आई, तो उसकी बहनों की शादी टूट जाएगी और समाज में परिवार का हुक्का-पानी बंद हो जाएगा।
लेकिन जिंदगी में चांदनी नाम की एक युवती के आने और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर होने के बाद इस राज से पूरी तरह पर्दा उठ गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अवैध धर्मांतरण कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
12 साल पहले बदला था धर्म, घर में छुपाकर रखी थी पहचान
पुलिस पूछताछ और परिजनों के बयानों के अनुसार, आयुष मलिक ने करीब 12 साल पहले (साल 2014 के आस-पास) अपनी मर्जी या किसी के प्रभाव में आकर इस्लाम धर्म कुबूल कर लिया था और अपना नाम ‘मोहम्मद अली ‘ रख लिया था। आयुष अपने परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी तीन बहनें हैं।
धर्म बदलने के बावजूद आयुष घर पर एक सामान्य हिंदू बेटे की तरह ही रहता था। वह घर पर कभी भी अपनी इस नई धार्मिक पहचान को जाहिर नहीं होने देता था। वह बाहर नमाज पढ़ने जाता था और चोरी-छिपे मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करता था, लेकिन परिवार के सामने आते ही वह आयुष बन जाता था।
बहनों की शादी की खातिर रखा ‘मौन व्रत’
जब पुलिस ने आयुष से इतनी लंबी अवधि तक इस बात को छुपाने की वजह पूछी, तो उसने एक भावुक वजह सामने रखी। आयुष ने बताया:
“मैं तीन बहनों का इकलौता भाई हूँ। जब मैंने धर्म बदला, तो उस समय मेरी बहनों की शादी नहीं हुई थी। मुझे अच्छी तरह पता था कि अगर हमारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समाज में यह बात फैल गई कि इकलौते भाई ने धर्म बदल लिया है, तो लोक-लाज के कारण मेरी बहनों से कोई शादी नहीं करेगा। माता-पिता जीते जी मर जाते। इसलिए मैंने तय किया कि जब तक मेरी तीनों बहनों की शादी अच्छे घरों में नहीं हो जाती, मैं इस राज को अपने सीने में ही दफन रखूंगा।”
समय बीतने के साथ आयुष ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और एक-एक करके अपनी तीनों बहनों की शादी करवा दी।
चांदनी से दोस्ती और सोशल मीडिया पोस्ट ने खोला राज
सब कुछ ठीक चल रहा था और बहनों की शादी के बाद आयुष इस राज को हमेशा के लिए छुपाने ही वाला था कि उसकी जिंदगी में चांदनी नाम की एक युवती की एंट्री हुई। आयुष की दोस्ती चांदनी से हुई और दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। आयुष ने चांदनी को अपने अली हसन बनने की पूरी कहानी सच-सच बता दी।
विवाद तब शुरू हुआ जब इस रिश्ते और धर्म परिवर्तन की बात सोशल मीडिया पर आ गई। कुछ दक्षिणपंथी संगठनों और स्थानीय लोगों को जब आयुष के ‘अली हसन’ बनने के दस्तावेजी सबूत (धर्मांतरण प्रमाणपत्र) सोशल मीडिया के जरिए मिले, तो इलाके में तनाव फैल गया। हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ और ‘अवैध धर्मांतरण’ का संदिग्ध मामला बताते हुए शामली पुलिस से शिकायत कर दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शामली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आयुष मलिक उर्फ अली हसन को उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया।
शामली के पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:
- जांच का दायरा: पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि 12 साल पहले आयुष का धर्मांतरण स्वेच्छा से हुआ था या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट, पैसों का लालच या दबाव शामिल था।
- दस्तावेजों की पड़ताल: आयुष के पास से मिले अली हसन नाम के पहचान पत्रों और निकाहनामे/धर्मांतरण प्रमाणपत्रों की कानूनी वैधता जांची जा रही है।
इस घटना के बाद से आयुष के बुजुर्ग माता-पिता सदमे में हैं। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस बेटे को वे 12 साल से ‘आयुष’ समझकर लाड-प्यार दे रहे थे, वह असल में ‘अली हसन’ बन चुका था। फिलहाल पुलिस आरोपी को जेल भेजकर मामले के अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
