मेटा अलर्ट का कमाल: मेरठ पुलिस ने महज 8 मिनट में बचाई सुसाइड करने जा रहे युवक की जान

(Photo: Representational)

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से तकनीक की सतर्कता और पुलिस की तत्परता का एक बेहद सराहनीय मामला सामने आया है। मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) से मिले एक इमरजेंसी सुसाइड अलर्ट पर बिजली की तेजी से एक्शन लिया। पुलिस ने महज 8 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंचकर उसकी जान बचा ली। युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसे समय रहते अस्पताल पहुंचाकर बचा लिया गया।

यह पूरी सफलता उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच साल 2022 से चल रहे ‘विशेष समन्वय तंत्र’ (Coordination Mechanism) की बदौलत संभव हो सकी है।

ब्रेकअप के बाद डिप्रेशन में था युवक, इंस्टाग्राम पर डाला वीडियो

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा मामला मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले एक 25 वर्षीय युवक का हाल ही में ब्रेकअप (रिश्ता टूटना) हुआ था, जिसके चलते वह गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से जूझ रहा था। इसी हताशा में रविवार (7 जून) की शाम उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।

युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह सफेद रंग का कोई संदिग्ध तरल पदार्थ (जहर) पीता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो के साथ उसने एक बेहद भावुक और विचलित करने वाला कैप्शन भी लिखा था— “Ab tum khush rehna apni life mein (अब तुम अपनी जिंदगी में खुश रहना)”

शाम 6:53 पर चमका ‘मेटा अलर्ट’, 8 मिनट में पहुंचे देवदूत

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हुआ, मेटा के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेफ्टी सिस्टम ने इसे ‘Self-Harm’ (खुद को नुकसान पहुंचाना) श्रेणी में डिटेक्ट कर लिया।

  • शाम 06:53 बजे: मेटा मुख्यालय से एक सुसाइड अलर्ट ईमेल उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय (लखनऊ) के सोशल मीडिया केंद्र को भेजा गया। इसमें युवक का प्रोफाइल, पंजीकृत मोबाइल नंबर और लाइव जियो-लोकेशन (Geographical Location) शामिल थी।
  • मुख्यालय का एक्शन: डायरेक्टर जनरल ऑफ प्रदेश पुलिस (DGP) के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने बिना एक सेकंड गंवाए यह डेटा तुरंत मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और सरधना थाने की टीम से साझा किया।
  • सटीक रेस्क्यू: सरधना थाना पुलिस लोकेशन को ट्रैक करते हुए महज 8 मिनट के भीतर (शाम करीब 7:01 बजे) युवक के घर के भीतर दाखिल हो गई।

नाजुक हालत में मिला युवक, अस्पताल में बची जान

जब पुलिस युवक के कमरे में पहुंची, तो उसकी हालत बेहद नाजुक थी और वह बेसुध पड़ा हुआ था। उसके पास ही संदिग्ध जहरीले पदार्थ की बोतल भी बरामद हुई। पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए परिजनों की मदद से उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। समय पर इलाज मिलने के कारण डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर निकाल लिया।

पूछताछ और काउंसलिंग के दौरान युवक ने स्वीकार किया कि वह अपने निजी रिश्ते के टूटने के कारण बेहद परेशान था, जिसके चलते उसने यह जानलेवा कदम उठाया था। पुलिस ने युवक और उसके परिवार को भविष्य के लिए उचित मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन और काउंसलिंग प्रदान की है।

यूपी में इस तकनीक से अब तक बच चुकी हैं 3,000 से ज्यादा जिंदगियां

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जब भी कोई यूजर आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा पोस्ट, फोटो या वीडियो डालता है, तो मेटा तुरंत उसकी जानकारी पुलिस को फ्लैश करता है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस जीवनरक्षक तकनीक की ताकत वाकई बेमिसाल है:

समयावधिमेटा अलर्ट पर एक्शन से बचाई गई कुल जिंदगियां
01 जनवरी 2023 से 31 मई 2026 तक3,011 लोगों को समय रहते रेस्क्यू किया गया

मेरठ पुलिस की इस 8 मिनट की मुस्तैदी की सोशल मीडिया पर चौतरफा तारीफ हो रही है। इस घटना ने साबित कर दिया है कि अगर आधुनिक तकनीक और कानून व्यवस्था का सही तालमेल हो, तो कई हंसते-खेलते परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है।

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