लखनऊ में इकाना स्टेडियम पर एलडीए का एक्शन… निर्माण से रखरखाव तक होगी जांच

15 दिन में कमेटी को देनी होगी रिपोर्ट. (File Photo: ITG)

लखनऊ :उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ‘भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम’ एक बार फिर विवादों और चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार सुर्खियां किसी हाई-प्रोफाइल क्रिकेट मैच या आईपीएल (IPL) मुकाबले की वजह से नहीं, बल्कि स्टेडियम के निर्माण, रखरखाव और संचालन में शर्तों के कथित उल्लंघन को लेकर हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने स्टेडियम प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इसके पूरे कामकाज की विस्तृत जांच के लिए एक हाई-लेवल विशेष समिति का गठन कर दिया है।

प्राधिकरण के इस बड़े एक्शन के बाद खेल और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर बनी यह कमेटी अगले 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर स्टेडियम के भविष्य और उसके अनुबंध (Concession Agreement) पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

जांच के दायरे में इकाना: 20 बिंदुओं पर होगी चेकिंग

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और उससे जुड़े स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है। यह टीम न सिर्फ कागजी दस्तावेजों को खंगालेगी, बल्कि ग्राउंड लेवल पर जाकर स्टेडियम परिसर का फिजिकल इंस्पेक्शन (भौतिक सत्यापन) भी करेगी। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे ‘ड्रोन कैमरों’ का भी सहारा लिया जाएगा।

एलडीए की यह कमेटी मुख्य रूप से 20 तय बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित रखेगी, जिनमें शामिल हैं:

  • कमर्शियल गतिविधियों की जांच: अनुबंध की धारा 20.9 के तहत यह देखा जाएगा कि स्टेडियम परिसर में कौन-सी गतिविधियां अनुमन्य (Permissible) हैं और कौन-सी गैर-अनुमन्य। खेल के अलावा वहां हो रहे व्यावसायिक आयोजनों, म्यूजिकल कंसर्ट्स और दुकानों के संचालन की वैधता जांची जाएगी।
  • सुरक्षा और रखरखाव: खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, टर्फ (पिच), अभ्यास क्षेत्र और सबसे महत्वपूर्ण आपातकालीन अनुरक्षण व्यवस्था (Emergency Maintenance) मानकों के अनुरूप है या नहीं।
  • लाइसेंस और विज्ञापन: परिसर में लगे बड़े-बड़े विज्ञापनों, होर्डिंग्स के प्रदर्शन और विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक लाइसेंसों के वैध नियमों की कड़ाई से पड़ताल होगी।

एनजीटी की नोटिस और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन

यह पहली बार नहीं है जब इकाना स्टेडियम प्रशासन किसी विवाद में फंसा हो। इससे पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी बड़े पैमाने पर भूजल दोहन (Groundwater Extraction) और पर्यावरण संबंधी नियमों की अनदेखी करने पर देश के 6 बड़े स्टेडियमों के साथ इकाना को भी कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी किया था। एनजीटी ने पूछा था कि आदेशों का पालन न करने की स्थिति में क्यों न स्टेडियम की सभी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी जाए। एलडीए की जांच में अब इन पर्यावरणीय शर्तों के पालन की स्थिति को भी गंभीरता से परखा जाएगा।

क्या रद्द हो जाएगा अनुबंध?

इकाना स्टेडियम का निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और इकाना स्पोर्ट्स सिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत साल 2014 में हुए एक 35 वर्षीय दीर्घकालिक समझौते के तहत किया गया था। इस अनुबंध के मुताबिक, स्टेडियम प्रबंधन को साफ-सफाई, पार्किंग, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ लहजे में स्पष्ट किया है:

“सरकारी या विकास प्राधिकरण की जमीन पर बने किसी भी व्यावसायिक और खेल प्रतिष्ठान को तय नियमों और अनुबंध की शर्तों का पालन करना ही होगा। हमें कुछ शिकायतें और अनियमितताओं की जानकारियां मिली थीं, जिसके बाद इस समिति का गठन किया गया है। अगर जांच में शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो भारी जुर्माना लगाने, परिसर को सील करने या फिर अंतिम कदम के रूप में अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) को पूरी तरह रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

विभाग / संस्थामुख्य जिम्मेदारीजांच की समय सीमासंभावित कार्रवाई
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)10 सदस्यीय कमेटी द्वारा 20 बिंदुओं पर भौतिक व तकनीकी जांच।15 कार्यदिवसजुर्माना, सीलिंग या अनुबंध निरस्तीकरण।
इकाना स्टेडियम प्रबंधनखेल एवं गैर-अनुमन्य (कमर्शियल) गतिविधियों का ब्यौरा देना।नियमों के अनुसार संचालन में सुधार।

क्रिकेट फैंस में चिंता, एलडीए ने दिया भरोसा

चूंकि इकाना स्टेडियम आईपीएल की लोकप्रिय फ्रेंचाइजी ‘लखनऊ सुपर जायंट्स’ (LSG) का आधिकारिक होम ग्राउंड है और यहां कई ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले जा चुके हैं, ऐसे में इस अचानक हुई जांच से खेल प्रेमियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बन गई है। हालांकि, एलडीए प्रशासन ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का मकसद खेल गतिविधियों को रोकना या स्टेडियम को बंद करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर बने इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार हो। अब सभी की नजरें 15 दिन बाद आने वाली कमेटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

इकाना स्टेडियम के इतिहास और उसके निर्माण से जुड़े इस खास Lucknow Ekana Stadium Video को आप देख सकते हैं, जो यह समझने में मदद करता है कि सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर के मानकों की अनदेखी अतीत में किस तरह की गंभीर घटनाओं का कारण बनी है, जिसके चलते वर्तमान में एलडीए को यह सख्त कदम उठाना पड़ा है।

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