

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती हुई एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक सरकारी एम्बुलेंस के भीतर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे एक गंभीर मरीज की सांसें उखड़ रही थीं, लेकिन उसे तत्काल जीवनदायिनी ऑक्सीजन देने के बजाय एम्बुलेंस कर्मी और अटेंडेंट ऑक्सीजन सिलेंडर का जाम हो चुका लॉक (वॉल्व) खोलने के लिए उस पर हथौड़े बरसाते नजर आए।
मरीज तड़पता रहा और जिम्मेदार लोग इमरजेंसी टूल्स की जगह हथौड़े का जुगाड़ ढूंढकर सिलेंडर पीटते रहे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सूबे की ‘हाईटेक’ एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
एम्बुलेंस में जिंदगी की जंग और ‘हथौड़ा मार’ जुगाड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मुरादाबाद के एक सरकारी अस्पताल से रेफर किए गए या अस्पताल लाए जा रहे एक बेहद गंभीर मरीज से जुड़ी है। मरीज को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते उसे तुरंत एम्बुलेंस के अंदर वेंटिलेटर या ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जाना बेहद जरूरी था।
जैसे ही मरीज को एम्बुलेंस के भीतर लिटाया गया और ऑक्सीजन सप्लाई चालू करने की कोशिश की गई, तो पता चला कि ऑक्सीजन सिलेंडर का मुख्य रेगुलेटर या लॉक पूरी तरह जाम है। इमरजेंसी स्थिति में जहां हर एक सेकंड की कीमत मरीज की जान के बराबर होती है, वहां एम्बुलेंस में लॉक खोलने वाला सही टूल (Spanner या चाबी) उपलब्ध ही नहीं था। इसके बाद जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। एम्बुलेंस कर्मी और मरीज के साथ मौजूद अटेंडेंट ने सिलेंडर चालू करने के लिए भारी-भरकम हथौड़ा निकाल लिया और सिलेंडर के लॉक पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया।
वीडियो में कैद हुई सिस्टम की लाचारी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एम्बुलेंस के स्ट्रेचर पर लेटा मरीज तड़प रहा है। उसकी सांसें फूल रही हैं और वह बेबसी में डॉक्टरों या स्टाफ की तरफ देख रहा है। ठीक उसी के सिरहाने रखा ऑक्सीजन सिलेंडर चालू करने के लिए एक युवक पूरी ताकत से उस पर हथौड़ा मार रहा है। हथौड़े की तेज आवाज पूरी एम्बुलेंस में गूंज रही है।
वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी अमानवीय और लापरवाह घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और इंटरनेट पर अपलोड कर दिया। वीडियो वायरल होते ही जनता का गुस्सा भड़क उठा। लोगों का कहना है कि जहां मामूली सी चिंगारी या घर्षण (Friction) से ऑक्सीजन सिलेंडर में भयंकर विस्फोट हो सकता है, वहां इतनी बड़ी लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती थी।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
इस बेहद संवेदनशील मामले का वीडियो प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचते ही हड़कंप मच गया। मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया है।
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार:
“यह वीडियो बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। आपातकालीन सेवाओं (108/102 एम्बुलेंस) में सभी उपकरणों का दुरुस्त होना और उनके संचालन के लिए सही उपकरणों का होना अनिवार्य है। इस मामले की विस्तृत जांच के लिए एक त्रिसदस्यीय कमेटी का गठन किया जा रहा है। एम्बुलेंस के नोडल अधिकारी और संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल
इस घटना ने उत्तर प्रदेश में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के दावों की कलई खोलकर रख दी है। आम जनता और स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों ने प्रशासन से कुछ तीखे सवाल पूछे हैं:
- रखरखाव की कमी: क्या एम्बुलेंस को ड्यूटी पर भेजने से पहले उसके ऑक्सीजन सिलेंडर, लाइफ सपोर्ट सिस्टम और आवश्यक उपकरणों की रूटीन चेकिंग नहीं की जाती?
- सुरक्षा से खिलवाड़: क्या एम्बुलेंस स्टाफ को यह ट्रेनिंग नहीं दी जाती कि हाई-प्रेशर ऑक्सीजन सिलेंडर पर हथौड़े जैसी भारी वस्तु से प्रहार करना कितना आत्मघाती साबित हो सकता है?
- मरीज की जान की कीमत: यदि हथौड़ा मारने के फेर में मरीज को समय पर ऑक्सीजन न मिलती और कोई अनहोनी हो जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
फिलहाल प्रशासन मामले को दबाने और जांच की बात कह रहा है, लेकिन मुरादाबाद की इस ‘हथौड़ा मार’ एम्बुलेंस ने यह साबित कर दिया है कि कागजों पर दौड़ने वाली चमचमाती एम्बुलेंसें जमीनी स्तर पर कितनी लाचार और असहाय हैं।
