गुलशन कुमार से टाइगर श्रॉफ तक: जब बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड ने तानी बंदूक

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बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच टकराव की कहानी नई नहीं है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसा दौर भी देखा, जब बड़े सितारों, फिल्म निर्माताओं और संगीत कारोबार से जुड़े लोगों को धमकियां मिलती थीं। कभी फिल्मों के वित्तपोषण और कारोबार को लेकर अंडरवर्ल्ड का नाम चर्चा में रहता था, तो कभी अभिनेताओं और निर्देशकों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आती थीं। समय बदला, पुलिस और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की, लेकिन फिल्मी हस्तियों को धमकी मिलने की घटनाएं पूरी तरह चर्चा से बाहर नहीं हुईं।

हाल ही में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की घटना ने एक बार फिर बॉलीवुड की सुरक्षा और अंडरवर्ल्ड से जुड़े पुराने मामलों की याद दिला दी है। इस घटना में टाइगर सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर को चोट लगने की खबर सामने आई। पुलिस हमलावरों की पहचान और वारदात के पीछे की वजह की जांच कर रही है। किसी गिरोह की भूमिका को लेकर सामने आए दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बॉलीवुड के इतिहास में गुलशन कुमार, राकेश रोशन और सलमान खान जैसे नाम अलग-अलग समय पर धमकियों या हमलों से जुड़े मामलों में चर्चा में रहे हैं। इन घटनाओं ने यह सवाल उठाया कि आखिर मनोरंजन जगत को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण रहे और समय के साथ धमकियों का स्वरूप किस तरह बदला।

बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का पुराना रिश्ता

बॉलीवुड और मुंबई के अंडरवर्ल्ड के बीच संपर्क की चर्चा 1960 के दशक से होती रही है। उस दौर में हाजी मस्तान जैसे अपराध जगत के नाम फिल्मी हस्तियों के साथ मेलजोल और फिल्म कारोबार में दिलचस्पी को लेकर चर्चा में रहते थे। उस समय फिल्म निर्माण के लिए वित्त जुटाना एक बड़ी चुनौती थी और कुछ कारोबारी तथा अनौपचारिक वित्तीय नेटवर्क फिल्मों में पैसा लगाते थे।

1990 के दशक तक आते-आते यह रिश्ता कई मामलों में धमकियों, जबरन वसूली और हिंसा से जुड़ गया। फिल्म निर्माता, कलाकार और संगीत कारोबार से जुड़े लोग अपराधी गिरोहों के निशाने पर आने लगे। विदेश से फोन पर धमकियां देने और पैसे की मांग करने की घटनाएं भी सामने आती रहीं।

उस दौर में दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और अबू सलेम जैसे नाम मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े मामलों में प्रमुखता से सामने आते थे। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी कथित दखलअंदाजी को लेकर कई जांच और रिपोर्टें सामने आईं।

गुलशन कुमार की हत्या ने देश को झकझोर दिया

12 अगस्त 1997 को टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की मुंबई के अंधेरी इलाके में एक मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला बॉलीवुड और संगीत उद्योग पर अपराध जगत के प्रभाव की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया।

गुलशन कुमार की हत्या ने फिल्म और संगीत कारोबार से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए। मामले की जांच में अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के नाम सामने आए और इस हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान खींचा।

गुलशन कुमार की हत्या सिर्फ एक कारोबारी या संगीत निर्माता की हत्या नहीं थी, बल्कि इसने यह चिंता भी बढ़ाई कि मनोरंजन उद्योग से जुड़ी बड़ी हस्तियां भी अपराधियों के निशाने पर हो सकती हैं।

राजीव राय और राकेश रोशन पर भी हुए हमले

1997 में ही फिल्म निर्देशक राजीव राय पर भी हमला हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके कार्यालय के बाहर हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। उनके साथ मौजूद सुरक्षा कर्मी की जवाबी कार्रवाई के बाद वह बच निकले। उस समय इस हमले को अंडरवर्ल्ड से जोड़कर देखा गया था।

इसके बाद दिसंबर 1999 में फिल्म निर्माता मनमोहन शेट्टी पर भी हमले की कोशिश की खबर सामने आई। फिल्म कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह दौर काफी चिंताजनक माना जाता था, क्योंकि धमकियों और जबरन वसूली की घटनाएं लगातार चर्चा में थीं।

21 जनवरी 2000 को फिल्म निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन पर मुंबई के सांताक्रूज इलाके में उनके कार्यालय के बाहर गोलीबारी हुई। उन्हें हाथ और सीने के पास चोटें आईं, लेकिन इलाज के बाद उनकी जान बच गई।

बाद के वर्षों में राकेश रोशन ने बताया था कि उन्हें अपने बेटे ऋतिक रोशन की फिल्मी योजनाओं को लेकर दबाव का सामना करना पड़ा था। हालांकि, किसी हमले के पीछे की वजह तय करने के लिए संबंधित मामले के साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों को ध्यान में रखना जरूरी है।

सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग

बॉलीवुड पर हमलों का सिलसिला बीते वर्षों में भी सुर्खियों में रहा है। 14 अप्रैल 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस घटना में सलमान खान को चोट नहीं आई थी।

मुंबई पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका का आरोप लगाया और कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। सलमान खान को पहले भी धमकियां मिलती रही हैं। इन घटनाओं के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

सलमान खान और बिश्नोई गिरोह के बीच विवाद की पृष्ठभूमि में काले हिरण के शिकार का मामला भी बताया जाता है। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व देता है। हालांकि, धमकियों और हमलों से जुड़े प्रत्येक मामले की परिस्थितियों को अलग-अलग जांच के आधार पर समझना जरूरी है।

दिशा पाटनी और रोहित शेट्टी के मामले भी चर्चा में

सितंबर 2025 में अभिनेत्री दिशा पाटनी के परिवार के घर के बाहर उत्तर प्रदेश के बरेली में गोलीबारी हुई थी। इस घटना ने फिल्मी हस्तियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े किए।

फरवरी 2026 में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के जुहू स्थित आवास के बाहर भी गोलीबारी की घटना सामने आई। पुलिस ने इस मामले में जांच की और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच में कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की गई।

इन घटनाओं ने यह सवाल फिर खड़ा किया कि क्या अपराधी गिरोह फिल्मी हस्तियों को निशाना बनाकर डर पैदा करना और अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहते हैं। हालांकि, किसी खास घटना के पीछे का मकसद जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही तय किया जा सकता है।

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से फिर बढ़ी चिंता

18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। वह फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक, उनकी कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। अभिनेता सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट और ऑडियो के जरिए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। इसमें अनिल पंडित और हरमन संधू के नाम सामने आए और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ाव का दावा किया गया। हालांकि, ऐसे दावों की प्रामाणिकता और हमले में उनकी वास्तविक भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच से ही हो सकती है।

19 अक्टूबर को इस मामले में राजस्थान के कोटा से दो लोगों को गिरफ्तार किए जाने और एक नाबालिग को हिरासत में लेने की खबर भी सामने आई। पुलिस हमले में शामिल लोगों, इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और घटना के पीछे की वजह की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। सरकार ने भी ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेने की बात कही है।

बदला दौर, लेकिन सुरक्षा की चुनौती कायम

गुलशन कुमार की हत्या से लेकर राकेश रोशन पर हमले और सलमान खान के घर के बाहर हुई फायरिंग तक, बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं, जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने पर मजबूर किया।

आज तकनीक, पुलिस की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अलग है, लेकिन धमकियों और गोलीबारी की घटनाएं चिंता पैदा करती हैं। टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग ने एक बार फिर पुरानी घटनाओं की याद दिला दी है।

फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि हमले की योजना किसने बनाई, हमलावरों को किसने निर्देश दिए और कथित गिरोह के दावों में कितनी सच्चाई है। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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