‘द ओडिसी’ के लिए क्रिसट्रोफ़र नोलन ने IMAX वालों से स्पेशल कैमरा बनवाया था.

क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों का इंतज़ार सिर्फ इसलिए नहीं होता कि वो बड़ी होती हैं, बल्कि इसलिए होता है क्योंकि वो सिनेमा को एक अलग स्तर पर ले जाती हैं। उनकी हर फिल्म एक अनुभव होती है—कुछ ऐसा जिसे सिर्फ देखा नहीं, महसूस किया जाता है। अब Christopher Nolan अपनी नई फिल्म The Odyssey के साथ फिर उसी स्तर को पार करने की कोशिश कर रहे हैं। और इस बार उन्होंने जो किया है, वो शायद पहले किसी ने नहीं किया।

अगर इस फिल्म को एक लाइन में समझना हो, तो यह एक आदमी के घर लौटने की कहानी है—लेकिन यह कहानी जितनी सीधी लगती है, उतनी है नहीं। यह जिद, संघर्ष, अकेलेपन और इंसानी जज़्बे की कहानी है। “No one can stand between me and home, not even the Gods”—यह डायलॉग फिल्म के पूरे भाव को समेट देता है।

यह फिल्म ग्रीक मायथोलॉजी के उस प्रसिद्ध महाकाव्य पर आधारित है जिसे लगभग 2800 साल पहले होमर ने लिखा था। Odyssey सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक लंबी गाथा है जिसे 24 भागों में बांटा गया था। लेकिन नोलन ने इस विशाल कथा में से एक बेहद भावनात्मक हिस्सा चुना है—ओडिसियस की घर वापसी।

ओडिसियस, इथाका का राजा, वही योद्धा था जिसने ट्रॉय युद्ध जीतने में सबसे अहम भूमिका निभाई थी। ट्रोजन हॉर्स का आइडिया उसी का था—एक लकड़ी का विशाल घोड़ा जिसमें छिपे सैनिकों ने ट्रॉय शहर को अंदर से तबाह कर दिया। युद्ध खत्म हुआ, जीत मिल गई, लेकिन असली कहानी तब शुरू हुई जब ओडिसियस अपने घर लौटने निकला।

ट्रेलर की शुरुआत ही आपको उस संघर्ष में धकेल देती है। Matt Damon का ओडिसियस एक टूटी नाव में समुद्र की लहरों से जूझता दिखता है। उसका शरीर थका हुआ है, चेहरा उम्र से झुका हुआ है, लेकिन उसकी आंखों में एक ही चीज़ है—घर लौटने की इच्छा। उसकी पत्नी पेनेलोपे (Anne Hathaway) और बेटे टेलेमैकस (Tom Holland) से मिलने की उम्मीद ही उसे जिंदा रखती है।

लेकिन यह सफर आसान नहीं है। ट्रॉय से इथाका की दूरी भले ही ज्यादा न हो, लेकिन रास्ता खतरों से भरा है। सबसे बड़ा खतरा है पॉलिफेमस—एक विशाल सायक्लॉप्स, जिसकी सिर्फ एक आंख है। यह वही राक्षस है जिससे ओडिसियस का सामना होता है। कहानी के अनुसार, ओडिसियस और उसके सैनिक एक गुफा में जाते हैं, जहां उन्हें खाने-पीने का सामान मिलता है। लेकिन वह गुफा सायक्लॉप्स की होती है। जब वह लौटता है और देखता है कि उसका खाना खत्म हो चुका है, तो वह गुस्से में सैनिकों को मारना शुरू कर देता है।

ट्रेलर में इस सीन की झलक भी मिलती है—एक विशालकाय हाथ में एक इंसान, जैसे कोई खिलौना हो। यह दिखाता है कि खतरा कितना बड़ा है। ओडिसियस किसी तरह उसे चकमा देकर वहां से निकलता है, लेकिन जाते-जाते एक गलती कर बैठता है—वह अपना नाम बता देता है।

यहीं से उसकी असली मुश्किलें शुरू होती हैं। पॉलिफेमस, समुद्र के देवता पोसाइडन का बेटा होता है। और जब वह अपने पिता से बदला लेने की गुहार लगाता है, तो पोसाइडन ओडिसियस की यात्रा को एक अंतहीन संघर्ष में बदल देता है। समुद्र, जो उसे घर तक पहुंचाना था, वही उसकी सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है।

इसके बाद ओडिसियस की यात्रा सिर्फ भौतिक नहीं, मानसिक भी हो जाती है। वह तूफानों से लड़ता है, राक्षसों से भिड़ता है, देवताओं के श्राप झेलता है और कई बार मौत के करीब पहुंच जाता है। रास्ते में उसकी मुलाकात कैलिप्सो से होती है, जो उसे रोकने की कोशिश करती है। फिर उसे अंडरवर्ल्ड तक जाना पड़ता है, जहां वह अपने अतीत और डर से सामना करता है।

नोलन ने इन सभी घटनाओं को सिर्फ एक्शन सीन्स के रूप में नहीं दिखाया, बल्कि उन्हें भावनात्मक और प्रतीकात्मक स्तर पर भी प्रस्तुत किया है। ट्रेलर में दिखाए गए विजुअल्स—समुद्र की उफनती लहरें, बर्फ से ढके काले बीच, और अकेले चलते ओडिसियस—सब उसके अंदर के संघर्ष को दर्शाते हैं।

इथाका में भी हालात आसान नहीं हैं। वहां Robert Pattinson का किरदार एंटिनस, ओडिसियस की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसकी पत्नी और राज्य पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। यानी ओडिसियस को सिर्फ रास्ते की मुश्किलों से ही नहीं, बल्कि घर पहुंचने के बाद की लड़ाई से भी जूझना है।

अब बात करते हैं इस फिल्म की सबसे खास चीज़—इसकी तकनीक। नोलन ने इस फिल्म के लिए IMAX कैमरों का इस्तेमाल किया है, लेकिन सिर्फ वही नहीं। उन्होंने IMAX से खास तौर पर एक नया कैमरा बनवाया। वजह थी—साउंड।

आम तौर पर IMAX कैमरे बहुत शोर करते हैं, जिससे डायलॉग रिकॉर्ड करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन नोलन को यह मंजूर नहीं था। उन्होंने IMAX से कहा कि एक ऐसा कैमरा बनाया जाए जो साउंडप्रूफ हो। इसके लिए एक खास केस तैयार किया गया, जिससे अब एक्टर्स की हल्की-सी फुसफुसाहट भी साफ रिकॉर्ड की जा सकती है।

फिल्म की शूटिंग के दौरान लगभग 20 लाख फीट फिल्म का इस्तेमाल किया गया—जो करीब 609 किलोमीटर के बराबर है। इसकी लागत करीब 30 करोड़ रुपये बैठती है। यह सिर्फ फिल्म रोल की कीमत है। पूरी फिल्म का बजट करीब 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2300 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो नोलन की अब तक की सबसे महंगी फिल्म है।

नोलन की एक और खासियत है—रियल लोकेशन्स पर शूटिंग। इस फिल्म में भी उन्होंने यही किया। समुद्र के सीन असली हैं, जहाज असली है। इसके लिए उन्होंने Draken Harald Hårfagre नाम के जहाज का इस्तेमाल किया। चार महीने तक ओपन सी में शूटिंग की गई।

फिल्म को सात अलग-अलग देशों में शूट किया गया—मोरक्को, ग्रीस, इटली, आइसलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टर्न सहारा और माल्टा। हर लोकेशन का अपना महत्व है। आइसलैंड के काले बीच अंडरवर्ल्ड को दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए, जबकि इटली में ऊंचे पहाड़ों पर शूटिंग की गई, जहां कास्ट और क्रू को रोज़ सैकड़ों फीट चढ़ना पड़ता था।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद नोलन ने शूटिंग तय समय से पहले पूरी कर ली। यह उनकी प्लानिंग और काम करने के तरीके को दिखाता है।

अब जब ट्रेलर सामने आ चुका है, तो यह साफ है कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सिनेमैटिक अनुभव होने वाली है। इसे मोबाइल या लैपटॉप पर देखना शायद उसके साथ न्याय नहीं करेगा। यह फिल्म बड़े पर्दे के लिए बनी है—जहां हर फ्रेम, हर साउंड और हर सीन आपको अपने अंदर खींच ले।

17 जुलाई को जब यह फिल्म रिलीज़ होगी, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि नोलन एक बार फिर दर्शकों की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं या नहीं। लेकिन ट्रेलर को देखकर इतना जरूर कहा जा सकता है कि The Odyssey सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक यात्रा है—एक ऐसी यात्रा जो दर्शकों को भी ओडिसियस के साथ ले जाएगी।

By ABHI KK

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