
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बीजेपी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में खड़गे ने अमित शाह की उम्र और राजनीतिक अनुभव को लेकर तंज कसते हुए कहा कि जब वह पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे। उनके इस बयान को बीजेपी और शाह पर सीधे राजनीतिक निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।
खड़गे ने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने इशारों में कहा कि आज जो नेता कांग्रेस को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाने की कोशिश करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि देश के लिए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लंबे समय तक काम किया है।
गोवा में बोलते हुए खड़गे ने बीजेपी की राजनीति और उसके नेताओं की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति या राष्ट्रवाद का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस का इतिहास देश की आजादी के आंदोलन से लेकर आज तक देश के निर्माण से जुड़ा रहा है।
अमित शाह पर निशाना साधते हुए खड़गे ने अपने राजनीतिक सफर की तुलना उनके सफर से की। उन्होंने कहा, “जब मैं पहली बार विधायक बना तब अमित शाह बच्चे थे।” इस बयान के जरिए खड़गे ने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका राजनीतिक अनुभव अमित शाह से कई दशक पुराना है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मल्लिकार्जुन खड़गे लंबे समय से बीजेपी पर कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ राजनीतिक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते रहे हैं। गोवा के अपने संबोधन में भी उन्होंने बीजेपी की विचारधारा और उसके नेताओं के बयानों को लेकर सवाल उठाए।
खड़गे ने कहा कि देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सत्ता में रहते हुए विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने बीजेपी की राष्ट्रवाद की राजनीति पर भी सवाल खड़े किए। खड़गे का कहना था कि देशभक्ति किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। भारत के निर्माण में अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों के लोगों का योगदान रहा है। ऐसे में किसी एक दल द्वारा खुद को राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा प्रतिनिधि बताना उचित नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कांग्रेस के पुराने नेताओं और उनके योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आजादी के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में भी योगदान दिया। उनके मुताबिक कांग्रेस को राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है।
अमित शाह के खिलाफ खड़गे का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। दोनों दल राष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ राज्यों में भी एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं। गोवा में खड़गे के बयान को भी इसी राजनीतिक संघर्ष की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
खड़गे ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए यह बताने की कोशिश की कि वह कई दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने विधायक, सांसद और विभिन्न महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों को निभाया है। वर्तमान में वह कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पार्टी की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठाते हैं।
उनका अमित शाह को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में भी सुर्खियां बटोर रहा है। खड़गे का यह अंदाज उनके पहले के कई भाषणों में भी देखने को मिला है, जहां वह बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं पर सीधे राजनीतिक हमले करते रहे हैं।
बीजेपी की ओर से खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है। आमतौर पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच ऐसे बयानों को लेकर तीखी बयानबाजी होती रही है। एक तरफ कांग्रेस बीजेपी पर सत्ता के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाती है, वहीं बीजेपी कांग्रेस पर परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती रही है।
गोवा में खड़गे के संबोधन का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा उनका अमित शाह की उम्र और राजनीतिक अनुभव को लेकर किया गया तंज रहा। “जब मैं पहली बार विधायक बना तब अमित शाह बच्चे थे” वाली टिप्पणी के जरिए उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को सामने रखा और बीजेपी नेतृत्व पर निशाना साधा।
हालांकि राजनीतिक बयानों के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि खड़गे और शाह दोनों ही भारतीय राजनीति के प्रभावशाली नेता हैं और दोनों की राजनीतिक यात्राएं अलग-अलग परिस्थितियों में आगे बढ़ी हैं। खड़गे ने अपने बयान के जरिए जहां अपने अनुभव को रेखांकित किया, वहीं अमित शाह पर उनके हमले ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक बहस को और धार दे दी है।
गोवा का यह कार्यक्रम कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि पार्टी लगातार बीजेपी के खिलाफ अपने राजनीतिक मुद्दों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। खड़गे ने अपने भाषण में पार्टी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय रहने और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाने का संदेश दिया।
कुल मिलाकर, मल्लिकार्जुन खड़गे का अमित शाह पर “जब मैं पहली बार विधायक बना तब अमित शाह बच्चे थे” वाला तंज उनके भाषण का सबसे चर्चित हिस्सा बन गया। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव के जरिए बीजेपी नेतृत्व पर निशाना साधा और साथ ही राष्ट्रवाद को लेकर बीजेपी के दावों पर सवाल उठाए। आने वाले दिनों में इस बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आती है तो राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

