

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद अजब-गजब और हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है। यहां एक दूल्हे को अपनी शादी के बाद हनीमून ट्रिप पर अकेले जाने के बजाय पूरे परिवार को साथ ले जाना भारी पड़ गया। नवविवाहिता इस बात से इतनी नाराज हुई कि मामला पहले परिवार परामर्श केंद्र (Family Counseling Center) और अब सीधे अदालत की चौखट तक पहुंच गया है। प्राइवेसी (निजता) न मिलने और वैवाहिक जीवन की शुरुआत में ही ससुराल वालों की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी से भड़की दुल्हन ने अब पति से तलाक (Divorce) की मांग की है।
ऑनलाइन वेबसाइट से तय हुई थी ‘हाई-प्रोफाइल’ शादी
मिली जानकारी के अनुसार, यह अनोखा मामला मेरठ के बहसूमा थाना इलाके के रामराज और दिल्ली के पटेल नगर से जुड़ा हुआ है। रामराज की रहने वाली लड़की काफी पढ़ी-लिखी (ग्रेजुएट) है, जबकि दिल्ली के पटेल नगर निवासी लड़के ने सिंगापुर से हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट (Hospitality Management) की पढ़ाई की है। दोनों का रिश्ता एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए तय हुआ था।
दोनों परिवारों की रजामंदी के बाद बड़े ही धूमधाम से दोनों की शादी संपन्न हुई। शादी के बाद रीति-रिवाजों के बीच जब दोनों ने अपने भविष्य और शादी के शुरुआती खूबसूरत पलों को संजोने के लिए हनीमून की प्लानिंग शुरू की, तो दुल्हन काफी उत्साहित थी। लेकिन उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी यह सुनहरी ट्रिप एक पारिवारिक टूर में बदलने वाली है।
हनीमून पर साथ हो लिए सास-ससुर और भाई-बहन
शादी के कुछ ही दिनों बाद जब हनीमून पर जाने का वक्त आया, तो पति ने पत्नी को सरप्राइज देने के बजाय एक ऐसा फैसला सुनाया जिसने दुल्हन के होश उड़ा दिए। पति ने अकेले जाने के बजाय अपने माता-पिता (सास-ससुर) और अपने भाई-बहनों की टिकटें भी साथ ही बुक करा लीं। पति का तर्क था कि वह पूरे परिवार को खुश देखना चाहता है, इसलिए सबको साथ लेकर जाएगा।
दुल्हन न चाहते हुए भी लोक-लाज और शादी के शुरुआती दिनों के लिहाज के कारण मना नहीं कर सकी और पूरा परिवार एक साथ ट्रिप पर रवाना हो गया।
प्राइवेसी का संकट और बढ़ता विवाद
हनीमून डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद दुल्हन की बची-खुची उम्मीदें भी टूट गईं। नवविवाहिता का आरोप है कि पूरी ट्रिप के दौरान उसे अपने पति के साथ बिल्कुल भी पर्सनल स्पेस या प्राइवेसी नहीं मिल पाई। पूरा समय सास-ससुर की सेवा, परिवार के साथ उठने-बैठने और सामूहिक कार्यक्रमों में ही बीत गया। एक नवविवाहित जोड़े के रूप में वे दोनों एक-दूसरे को समझने और वक्त बिताने के लिए तरसते रहे।
हनीमून ट्रिप से लौटते ही दुल्हन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने घर आते ही इस बात का कड़ा विरोध किया। दुल्हन का साफ तौर पर कहना था कि:
“हनीमून पूरी तरह से पति और पत्नी के लिए एक निजी समय होता है, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करते हैं। पूरे परिवार को साथ ले जाकर पति ने हमारी प्राइवेसी का मजाक बना दिया और मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कराया।”
काउंसलिंग फेल, पति को अपनी गलती का अहसास नहीं
घर लौटने के बाद दोनों के बीच दूरियां इस कदर बढ़ीं कि बात सीधे कोर्ट और परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गई। दुल्हन ने साफ कर दिया है कि वह ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं रह सकती जो प्राइवेसी और शादी के बुनियादी सिद्धांतों को नहीं समझता।
इस मामले में अब तक तीन से चार बार काउंसलिंग (मध्यस्थता) कराई जा चुकी है। परामर्श केंद्र में सोमवार को हुई काउंसलिंग के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। काउंसलर्स के मुताबिक, पति का अभी भी यही मानना है कि उसने कुछ गलत नहीं किया। उसका कहना है कि वह केवल एक ‘अच्छा बेटा’ बनने और अपने परिवार को खुश रखने की कोशिश कर रहा था। पति के इस अड़ियल रुख के कारण दोनों के बीच समझौता होना नामुमकिन सा लग रहा है।
आधुनिक सोच और पुरानी परंपराओं का टकराव
यह मामला आज के समय में युवा पीढ़ी की बदलती सोच और पर्सनल स्पेस को लेकर उनकी संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि शादी के बाद प्राइवेसी हर जोड़े का कानूनी और नैतिक अधिकार है। जहां पुराना समाज संयुक्त परिवार की परंपरा के तहत ऐसी बातों को नजरअंदाज कर देता था, वहीं आज की पढ़ी-लिखी लड़कियां अपने अधिकारों और आत्मसम्मान को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं हैं।
फिलहाल, कोर्ट और परामर्श केंद्र ने दोनों को सोचने के लिए कुछ और दिनों का समय दिया है। लेकिन दुल्हन के कड़े रुख को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि महज एक ‘फैमिली हनीमून ट्रिप’ के चक्कर में बसा-बसाया घर उजड़ने की कगार पर पहुंच गया है और कानूनी तौर पर तलाक होना लगभग तय माना जा रहा है।
