

KhelNesws / लंदन (लॉर्ड्स):क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स (Lord’s) मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया ऐतिहासिक 150वां पुरुष टेस्ट मुकाबला विवादों के घेरे में आ गया है। मैच के चौथे दिन भले ही इंग्लैंड ने बारिश की बाधाओं के बीच जीत दर्ज कर ली, लेकिन यह मुकाबला लॉर्ड्स के इतिहास का दूसरा सबसे छोटा पुरुष टेस्ट मैच साबित हुआ। चारों पारियों को मिलाकर इस पिच पर महज 167.2 ओवरों (लगभग 1004 गेंदें) का खेल ही संभव हो सका, जिसने टेस्ट क्रिकेट की गुणवत्ता और पिच की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे टेस्ट मैच में दोनों टीमों की तरफ से सिर्फ दो अर्धशतक ही लग सके।
इस विवाद पर संज्ञान लेते हुए ‘मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब’ (MCC) ने आधिकारिक बयान जारी कर अपनी गलती स्वीकार की है। उन्होंने माना कि पिच पर उम्मीद से कहीं अधिक ‘असमान उछाल’ (Variable Bounce) था, जो टेस्ट क्रिकेट के मानकों के अनुरूप नहीं था।
MCC का कबूलनामा: ‘हम निराश हैं और जल्द कार्रवाई करेंगे’
मैच के समाप्त होने के तुरंत बाद MCC के मुख्य कार्यकारी और सचिव रॉब लॉसन (Rob Lawson) ने कहा कि क्लब इस पिच के व्यवहार से बेहद निराश है।
रॉब लॉसन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा:
“हम यह पूरी तरह स्वीकार करते हैं कि इस टेस्ट मैच की पिच पर हमारी उम्मीदों से कहीं अधिक असमान उछाल देखने को मिला। हम लॉर्ड्स में खुद को उच्चतम मानकों पर रखते हैं, इसलिए जब कोई सतह उन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती, तो हमें स्वाभाविक रूप से बहुत निराशा होती है।”
खराब पिच के पीछे मौसम का बहाना:
लॉसन ने पिच खराब होने के पीछे अजीबोगरीब मौसम को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि मई के महीने में लंदन में असामान्य रूप से अत्यधिक गर्मी और सूखा मौसम था। इसके तुरंत बाद, मैच शुरू होने से ठीक पहले भारी बारिश और गीली परिस्थितियां बन गईं। मौसम के इस अचानक आए उतार-चढ़ाव के कारण ग्राउंड्समैन को स्क्वायर और विकेट तैयार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि नव-प्रकाशित ‘MCC क्रिकेट रणनीति 2026-29’ के तहत पिच के विकास और सुधार पर तुरंत और तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
सांख्यिकीय विफलता: सांख्यिकीय डेटा प्रदाता ‘क्रिकविज़’ (CricViz) की रेटिंग के अनुसार, साल 2006 में बॉल-बाय-बॉल रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद से यह लॉर्ड्स की सबसे खराब और असंगत पिचों में से एक थी। इस विकेट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैच के पहले दिन 16 विकेट गिरे, जबकि दूसरे दिन 17 बल्लेबाज पवेलियन लौटे।
मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम का बयान: ‘बल्लेबाजों ने दिखाई तकनीकी बहादुरी’
पिच की तीखी आलोचनाओं के बीच इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम अपनी टीम के बल्लेबाजों के बचाव में उतरे। उन्होंने स्काई स्पोर्ट्स से कहा कि ऐसे टर्निंग और खतरनाक ट्रैक पर खेलने के लिए बल्लेबाजों को अपनी पुरानी सोच को छोड़कर लचीला (Adaptable) होना पड़ता है।
मैकुलम ने कहा:
“इस पिच पर सबसे बड़ा खतरा ‘फुल और स्ट्रेट’ (पूरी लंबाई की सीधी) गेंदों से था, जो अचानक नीचे रह जा रही थीं। हमने ड्रेसिंग रूम में बात की थी कि हमें अपने डिफेंस को बिल्कुल सीधा रखना होगा। लेकिन इसके साथ ही, जिस भी गेंद में थोड़ी चौड़ाई (Width) दिखे, उस पर शॉट खेलना जरूरी था। हमें पता था कि यह एक बेहद कम स्कोर वाला मैच है, इसलिए डिफेंस के साथ-साथ स्कोरबोर्ड को चलाते रहना भी अनिवार्य था।”
बल्लेबाजों के अनूठे फुटवर्क और क्रीज मूवमेंट की तारीफ करते हुए मैकुलम ने कहा, “लड़कों ने क्रीज पर गजब की बहादुरी दिखाई। बहादुरी का मतलब आंख बंद करके बल्ला घुमाना नहीं होता। बल्कि चतुरता से अपने गार्ड पोजीशन को बदलना, क्रीज में आगे या पीछे खड़े होना और लेग या ऑफ स्टंप पर जाकर गेंदबाज की लाइन-लेंथ को बिगाड़ना होता है। मुझे खुशी है कि हमारे बल्लेबाजों ने मुश्किल समय में बेहतरीन संवाद और सूझबूझ का परिचय दिया।”
लॉर्ड्स पर आगे का भारी शेड्यूल: बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पिच का इस तरह व्यवहार करना चिंता का विषय इसलिए भी है, क्योंकि चालू समर सीजन (2026) में लॉर्ड्स मैदान पर मैचों का भारी दबाव है:
- इस मैदान पर महिला टी20 विश्व कप (Women’s T20 World Cup) के फाइनल समेत 4 बड़े मुकाबले खेले जाने हैं।
- भारत की महिला टीम इंग्लैंड के खिलाफ यहां एकमात्र टेस्ट मैच खेलेगी।
- भारत की पुरुष टीम का एक वनडे अंतरराष्ट्रीय (ODI) मैच भी इसी मैदान पर होना है।
- इसके अलावा पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच और ‘द हंड्रेड’ (The Hundred) के मुकाबले भी इसी स्क्वायर पर खेले जाने हैं।
लॉर्ड्स टेस्ट: इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड (कम्प्लीट मैच स्कोरकार्ड)
न्यूजीलैंड (पहली पारी): 132/10 (42.4 ओवर)
| बल्लेबाज | आउट होने का तरीका | रन | गेंदें | 4s | 6s |
| टॉम लाथम | का. बेयरस्टो बो. एंडरसन | 14 | 35 | 2 | 0 |
| विल यंग | का. रूट बो. ब्रॉड | 12 | 24 | 1 | 0 |
| केन विलियमसन (C) | बो. पॉट्स | 2 | 11 | 0 | 0 |
| डेरिल मिचेल | बो. पॉट्स | 13 | 28 | 2 | 0 |
| टॉम ब्लंडेल (WK) | एलबीडब्ल्यू (lbw) बो. एंडरसन | 38 | 74 | 5 | 0 |
| माइकल ब्रेसवेल | का. स्टोक्स बो. ब्रॉड | 25 | 39 | 4 | 0 |
| अन्य/अतिरिक्त | 28 | ||||
| कुल योग | सभी आउट | 132 |
इंग्लैंड गेंदबाजी (पहली पारी): जेम्स एंडरसन 12-3-32-4, स्टुअर्ट ब्रॉड 13-2-45-3, मैथ्यू पॉट्स 11.4-1-28-3।
इंग्लैंड (पहली पारी): 141/10 (44.3 ओवर)
| बल्लेबाज | आउट होने का तरीका | रन | गेंदें | 4s | 6s |
| एलेक्स लीस | बो. साउदी | 20 | 48 | 3 | 0 |
| जैक क्रॉली | का. ब्लंडेल बो. बोल्ट | 43 | 56 | 7 | 0 |
| ओली पोप | का. ब्लंडेल बो. जैमीसन | 7 | 15 | 1 | 0 |
| जो रूट | का. मिचेल बो. डी ग्रैंडहोम | 11 | 22 | 1 | 0 |
| बेन स्टोक्स (C) | का. ब्लंडेल बो. साउदी | 16 | 32 | 2 | 0 |
| जॉनी बेयरस्टो | बो. बोल्ट | 1 | 8 | 0 | 0 |
| अन्य/अतिरिक्त | 43 | ||||
| कुल योग | सभी आउट | 141 |
न्यूजीलैंड गेंदबाजी (पहली पारी): ट्रेंट बोल्ट 13.3-2-38-3, टिम साउदी 14-3-42-4, काइल जैमीसन 10-1-30-2।
न्यूजीलैंड (दूसरी पारी): 169/10 (51.1 ओवर)
| बल्लेबाज | आउट होने का तरीका | रन | गेंदें | 4s | 6s |
| टॉम लाथम | बो. एंडरसन | 4 | 12 | 1 | 0 |
| विल यंग | बो. ब्रॉड | 1 | 9 | 0 | 0 |
| टॉम ब्लंडेल | का. बेयरस्टो बो. पॉट्स | 54 | 112 | 6 | 0 |
| कोलिन डी ग्रैंडहोम | रन आउट | 27 | 45 | 3 | 1 |
| अन्य/अतिरिक्त | 83 | ||||
| कुल योग | सभी आउट | 169 |
इंग्लैंड गेंदबाजी (दूसरी पारी): स्टुअर्ट ब्रॉड 16-4-52-4, जेम्स एंडरसन 15-3-41-3।
इंग्लैंड (दूसरी पारी – लक्ष्य 161 रन): 162/5 (29 ओवर)
| बल्लेबाज | आउट होने का तरीका | रन | गेंदें | 4s | 6s |
| एलेक्स लीस | बो. साउदी | 20 | 31 | 4 | 0 |
| ओली पोप | बो. बोल्ट | 10 | 14 | 2 | 0 |
| जो रूट | नाबाद | 68 | 92 | 8 | 0 |
| बेन स्टोक्स | का. ब्लंडेल बो. जैमीसन | 32 | 24 | 3 | 1 |
| बेन फोक्स | नाबाद | 18 | 14 | 2 | 0 |
| अन्य/अतिरिक्त | 14 | ||||
| कुल योग | 5 विकेट पर (इंग्लैंड 5 विकेट से जीता) | 162 |
न्यूजीलैंड गेंदबाजी (दूसरी पारी): टिम साउदी 11-1-58-2, ट्रेंट बोल्ट 9-0-46-2।
इंग्लैंड ने पूर्व कप्तान जो रूट की शानदार नाबाद 68 रनों की अर्धशतकीय पारी की बदौलत दूसरी पारी में 5 विकेट खोकर 162 रन बनाए और इस लो-स्कोरिंग मैच को 5 विकेट से अपने नाम कर लिया। जो रूट को मैच में उनके जुझारू योगदान के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
