मुल्लांपुर टेस्ट में भारत के दबदबे के बीच मोहम्मद सलीम का छह विकेटों वाला शानदार प्रदर्शन चमका

Saleem picked six of India’s eight wickets in the first innings. ©BCCI

KhelNews/मुल्लांपुर टेस्ट (भारत बनाम अफगानिस्तान): भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के शुरुआती दो दिन पूरी तरह से भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहे। भारत ने अपनी पहली पारी 564 रन (8 विकेट के नुकसान पर) बनाकर घोषित की। इस विशाल स्कोर और भीषण गर्मी के बीच जहां अफगानिस्तान के अन्य गेंदबाज संघर्ष करते दिखे, वहीं 23 वर्षीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम (Mohammad Saleem) ने अपनी अनुशासित गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया। अपना दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे सलीम ने 27 ओवरों में 140 रन देकर 6 विकेट चटकाए, यानी भारत के गिरने वाले 8 विकेटों में से 6 विकेट अकेले सलीम के नाम रहे।

करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और पृष्ठभूमि

  • दो साल बाद वापसी: मोहम्मद सलीम ने फरवरी 2024 में श्रीलंका के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उसके बाद से (लगभग दो साल से अधिक समय तक) उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। भारत के खिलाफ मिला यह अवसर उनके करियर का केवल दूसरा टेस्ट मैच था, जिसे उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में बदल दिया।
  • पिच की परिस्थितियां: मुल्लांपुर की यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए बहुत मददगार नहीं थी। यहां न तो बहुत अधिक गति (Pace) मिल रही थी और ना ही कोई खास मूवमेंट। इसके अलावा मुल्लांपुर की भीषण और थका देने वाली गर्मी (Extreme Heat) तेज गेंदबाजों की सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा ले रही थी।

सफलता का मूल मंत्र: निरंतरता और अनुशासन

मोहम्मद सलीम की सफलता का राज उनकी अत्यधिक गति (145-150 किमी/घंटा) या चमत्कारी गेंदें नहीं थीं, बल्कि एक ही सटीक टप्पे पर लगातार गेंदबाजी करना था। उन्होंने पिच के मिजाज को जल्दी भांप लिया और लगातार ‘गुड लेंथ’ पर गेंदें फेंककर भारतीय बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया।

अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस का बयान

मैच के बाद अफगानिस्तान के मुख्य कोच रिचर्ड पायबस ने मोहम्मद सलीम की जमकर तारीफ की और पहले दिन की खराब गेंदबाजी पर नाराजगी भी जताई।

पायबस ने कहा:

“आज मुझे सलीम की जिस बात ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह थी उनकी निरंतरता। वे कोई 145 या 150 की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले बॉलर नहीं हैं, लेकिन वे बेहद सुसंगत (Super Consistent) हैं। पहले दिन हमारी गेंदबाजी टेस्ट स्तर की नहीं थी, हम काफी भटके हुए थे।”

कोच ने आगे पिच और गेंद की स्थिति पर बात करते हुए कहा:

“इस मैच में हम जिस गेंद का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका सीम (Seam) काफी उभरा हुआ है, जो पिच पर ग्रिप बनाता है। अगर आप लगातार एक ही लेंथ पर हिट करते हैं, तो पिच और सीम आपको इतनी मदद जरूर दे देते हैं कि बल्लेबाज के बल्ले का बाहरी किनारा (Edge) लिया जा सके। सलीम ने ठीक ऐसा ही किया। ऐसी भीषण गर्मी में भारत की मजबूत बल्लेबाजी के खिलाफ 6 विकेट लेना न केवल उनके लिए बल्कि हमारी पूरी टीम के भविष्य के लिए बहुत अच्छे संकेत हैं।”

भारतीय खेमे से वाशिंगटन सुंदर ने की सराहना

मैच के दौरान क्रीज पर वक्त बिताने वाले भारतीय ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर ने एक बल्लेबाज के नजरिए से मोहम्मद सलीम की गेंदबाजी का विश्लेषण किया और उनकी तारीफ की।

सुंदर ने कहा:

“ईमानदारी से कहूं तो यह बेहद उच्च स्तरीय (High-Quality) गेंदबाजी थी। इस भीषण गर्मी में और एक ऐसी पिच पर जहां सीमर्स के लिए कुछ खास नहीं था, वहां लगातार सीम पर गेंद को लैंड कराना बहुत मुश्किल काम है। पिच से तभी मदद मिल सकती थी जब आप लंबे समय तक एक ही टप्पे पर सीम हिट करें, और इसके लिए बेहतरीन कौशल (Skill sets) के साथ-साथ एक मजबूत मानसिकता (Attitude) की जरूरत होती है।”

सलीम के लंबे स्पैल और उनकी शारीरिक क्षमता पर सुंदर ने कहा:

“उन्होंने हर बार लंबे स्पैल फेंके। अपने प्रत्येक स्पैल में उन्होंने 4, 5 और यहां तक कि एक स्पैल में लगातार 6 ओवर भी डाले। इससे पता चलता है कि वे चरित्र के रूप में कितने मजबूत और जुझारू खिलाड़ी हैं, टेस्ट क्रिकेट में आपसे इसी की उम्मीद की जाती है। भारत आकर एक तेज गेंदबाज के रूप में 6 विकेट (Six-for) लेना वाकई एक अलग और बेहद खास उपलब्धि है।”

भले ही यह मैच पूरी तरह से भारतीय टीम के दबदबे वाला रहा हो, लेकिन मोहम्मद सलीम ने विपरीत परिस्थितियों में 6 विकेट लेकर अफगानिस्तान के लिए एक यादगार प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि उनमें टेस्ट क्रिकेट का एक लंबा और सफल गेंदबाज बनने की पूरी क्षमता है।

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