मुल्लांपुर टेस्ट (भारत बनाम अफगानिस्तान)

Manav Suthar had 3 for 21 from his 15.5 overs in his first day with the ball in an India shirt ©AFP

KhelNews / मुल्लांपुर टेस्ट (भारत बनाम अफगानिस्तान): भारतीय क्रिकेट में 15 साल बाद एक ऐसा मौका आया जब टीम इंडिया आर अश्विन और रवींद्र जडेजा (Ashwin-Jadeja) के बिना किसी घरेलू टेस्ट मैच में उतरी। ऐसे में सभी की नजरें राजस्थान के 23 वर्षीय बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार (Manav Suthar) पर थीं, जो अपना टेस्ट डेब्यू कर रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच के दूसरे दिन मानव सुथार ने न केवल खुद को साबित किया, बल्कि वे दोनों टीमों की तरफ से सबसे प्रभावशाली स्पिनर बनकर उभरे। उन्होंने 15.5 ओवर में मात्र 21 रन देकर 3 विकेट झटके और 7 मेडन ओवर फेंके।

आंकड़ों में मानव सुथार का दबदबा (Suthar vs अन्य स्पिनर्स)

दूसरे दिन के खेल में मानव सुथार ने कुल 95 गेंदें फेंकी, जिसमें उनका डॉट-बॉल प्रतिशत 89.4% रहा, जो सभी छह स्पिनरों में सर्वश्रेष्ठ था। उनका इकोनॉमी रेट महज 1.32 का रहा।

स्पिनरों का तुलनात्मक प्रदर्शन:

खिलाड़ीफेंकी गई गेंदेंदिए गए रनरन-रेट (Eco)विकेटडॉट %फॉल्स शॉट %
मानव सुथार (IND)95211.32389.4%29.4%
वाशिंगटन सुंदर (IND)24123.00083.3%12.5%
कुलदीप यादव (IND)42294.14076.1%9.5%
हशमतुल्लाह शाहिदी (AFG)144913.79160.4%6.9%
नांगियालिया खरोटे (AFG)1381155.00059.4%10.8%
अब्दुल मलिक (AFG)46395.08058.6%8.6%

सही लेंथ और फॉल्स शॉट (False Shot) का विश्लेषण

मानव सुथार की सफलता का मुख्य कारण उनका अपनी लेंथ पर सटीक नियंत्रण था। उन्होंने अपनी 95 गेंदों में से 94 गेंदें ‘गुड-लेंथ’ (Good Length) और ‘बैक-ऑफ-ए-लेंथ’ (Back of a length) क्षेत्रों में लैंड कराईं।

  • गुड-लेंथ का प्रभाव: जब सुथार ने गुड-लेंथ पर गेंदें फेंकी, तो उन्होंने बल्लेबाजों को 26.6% गेंदों पर फॉल्स शॉट (गलत शॉट) खेलने के लिए मजबूर किया।
  • बैक-ऑफ-ए-लेंथ का प्रभाव: जब उन्होंने अपनी लेंथ को थोड़ा छोटा (Shorter) किया, तो यह फॉल्स शॉट का प्रतिशत बढ़कर 30.6% हो गया।
  • तुलना: सुथार का कुल फॉल्स शॉट प्रतिशत 29.4% था। उनके बाद भारतीय स्पिनरों में वाशिंगटन सुंदर (12.5%) और कुलदीप यादव (9.5%) ही थे, जो सुथार के दबाव के आसपास भी नहीं दिखे।

सुथार के तीन महत्वपूर्ण विकेट

  1. अब्दुल मलिक: चायकाल (Tea break) से ठीक पहले छठे ओवर में सुथार को आक्रमण पर लाया गया। उन्होंने नई गेंद से तीखी टर्न प्राप्त की। मलिक ने सुथार के खिलाफ स्वीप शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद टॉप-एज लेकर सीधे फील्डर के हाथ में चली गई। यह सुथार का पहला टेस्ट विकेट था।
  2. रहमानुल्लाह गुरबाज़: गुरबाज़ ने सुथार को एक छक्का जरूर मारा, लेकिन सुथार ने लगातार 13 ओवर का स्पैल डालकर उन पर दबाव बनाए रखा। अंततः एक गेंद जो तेजी से टर्न लेते हुए बाहर निकली, गुरबाज़ के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे दूसरे स्लिप में चली गई।
  3. अफसार ज़ज़ाई: दिन की आखिरी गेंद पर सुथार ने ज़ज़ाई को आउट कर अफगानिस्तान को तीसरा झटका दिया। इस गेंद में उनकी सटीक लेंथ, शार्प टर्न और फ्लाइट का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला।

साथी खिलाड़ी और विपक्षी कोच ने की तारीफ

वाशिंगटन सुंदर (भारतीय ऑलराउंडर):

“मानव के पास एक जेन्युइन स्पिनर वाले बेहतरीन स्किल्स हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद पर रेवेन्यू (Revs/रोटेशन) लाना और उसे अधिक से अधिक स्पिन कराना है। वे गेंदबाजी करते समय अपने पूरे शरीर की ऊर्जा गेंद पर लगा देते हैं, जो उनके लोड-अप और रिलीज पॉइंट से साफ दिखाई देता है। रेड-बॉल क्रिकेट में उनका पिछला घरेलू रिकॉर्ड (29 मैचों में 129 विकेट) शानदार रहा है।”

रिचर्ड पायबस (अफगानिस्तान के हेड कोच):

“समानव सुथार ने आज बेहतरीन गेंदबाजी की। उन्होंने अपनी लेंथ को बहुत अच्छे से नियंत्रित रखा। पिच से मिट्टी उड़ रही थी और टर्न मिल रहा था, जिसका उन्होंने सही फायदा उठाया। उनकी निरंतरता के कारण भारतीय टीम एक छोर से हम पर लगातार दबाव बनाने में सफल रही।”

स्वयं मानव सुथार की रणनीति

मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए मानव सुथार ने अपनी सरल रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मेरा प्लान बिल्कुल साफ था। विकेट से मदद मिल रही थी और गेंद को टर्न कराना ही मेरी ताकत है। इसलिए मेरा ध्यान पिच की मदद से अधिकतम टर्न निकालने पर था। इसके साथ ही मैं लगातार सही क्षेत्रों (Ideal Length) में गेंदबाजी करना चाहता था क्योंकि पिच से मदद वहीं से मिल रही थी।”

यद्यपि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव सुथार के करियर का पहला ही दिन था, लेकिन अश्विन और जडेजा जैसे दिग्गजों की अनुपस्थिति में उन्होंने अपनी कमान, नियंत्रण और टर्न से यह साबित कर दिया है कि भारतीय स्पिन गेंदबाजी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

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