हिटलर से प्रेरित है HYDRAA: तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर मचा राजनीतिक बवाल, भाजपा-बीआरएस हमलावर

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Revanth Reddy sparks controversy over Hitler remark

Bharat / बेंगलुरु/हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ए. रेवंत रेड्डी अपने एक ताजा बयान को लेकर बड़े राजनीतिक विवादों में घिर गए हैं। बेंगलुरु में शनिवार को आयोजित एक कॉन्क्लेव में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि तेलंगाना की अतिक्रमण विरोधी टास्क फोर्स ‘HYDRAA’ का नाम और उसकी अवधारणा जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर से प्रेरित है। इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत राष्ट्र समिति (BRS) सहित विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस आलाकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

सीएम रेवंत रेड्डी का विवादित बयान

बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद डिजास्टर रिस्पांस एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के नामकरण को लेकर एक हैरान करने वाला तर्क दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा:

“हाइड्रा (Hydra) शब्द हिटलर का सबसे पसंदीदा शब्द था। उसकी कोर टीम को ‘हाइड्रा’ कहा जाता था, जो किसी की भी हत्या कर सकती थी। इसलिए, मैंने हिटलर से प्रेरणा लेते हुए इस एजेंसी का नाम HYDRAA रखा है।”

इतिहासकारों ने दावों को नकारा:

मुख्यमंत्री के इस बयान के तुरंत बाद ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। इतिहास के जानकारों और विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एडोल्फ हिटलर या उसके आंतरिक गुट (Inner Circle) का ‘हाइड्रा’ शब्द से जुड़े होने का कोई ऐतिहासिक या तथ्यात्मक प्रमाण नहीं है। वास्तव में, ‘हाइड्रा’ शब्द का संदर्भ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के खिलाफ ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स द्वारा चलाए गए एक बमबारी मिशन (Operation Hydra) से जुड़ा हुआ है।

भाजपा का तीखा पलटवार: “यह कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता है”

रेवंत रेड्डी के इस बयान के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री पर चौतरफा हमला बोला। पूनावाला ने मुख्यमंत्री पर तानाशाही और आपातकाल (Emergency) की मानसिकता से ग्रसित होने का आरोप लगाया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखते हुए पूनावाला ने कहा:

“कांग्रेस की खतरनाक ‘हिटलर और आपातकाल’ वाली मानसिकता एक बार फिर सबके सामने आ गई है। रेवंत रेड्डी अब खुलेआम शेखी बघार रहे हैं कि हिटलर ने उन्हें HYDRAA बनाने के लिए प्रेरित किया। यह कांग्रेस का असली तानाशाही रवैया है—इंदिरा गांधी के आपातकाल से लेकर रेवंत रेड्डी द्वारा पत्रकारों और छात्रों पर की जा रही दमनकारी कार्रवाई तक, सब कुछ इसी मानसिकता का हिस्सा है।”

पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या वे अपने मुख्यमंत्री के इस ‘हिटलर प्रेम’ वाले बयान पर कोई दंडात्मक कार्रवाई करेंगे?

‘उत्तर बनाम दक्षिण’ के बयान पर भी छिड़ा विवाद

भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस बयान को भी आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने देश के नेतृत्व और टैक्स बंटवारे को लेकर क्षेत्रीय असमानता का मुद्दा उठाया था। कॉन्क्लेव में कथित तौर पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि देश के शीर्ष नेतृत्व में उत्तर भारत का वर्चस्व है और दक्षिण के राज्यों पर टैक्स का भारी बोझ डाला जा रहा है।

रेवंत रेड्डी ने कहा था, “राष्ट्रपति उत्तर भारत से हैं, प्रधानमंत्री उत्तर भारत से हैं। हम केवल टैक्स चुकाने और दिल्ली को सलाम करने वाले दोयम दर्जे के नागरिक बनकर नहीं रहना चाहते।”

भाजपा ने इस बयान को देश को तोड़ने वाला बताया। शहजाद पूनावाला ने रेवंत रेड्डी की तुलना मोहम्मद अली जिन्ना से करते हुए कहा, “मौजूदा प्रधानमंत्री गुजरात (पश्चिम भारत) से हैं और हमारी पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति ओडिशा (पूर्वी भारत) से हैं। लेकिन डीके सुरेश (कर्नाटक के कांग्रेस नेता) के बाद अब रेवंत रेड्डी भी ‘भारत तोड़ो’ और ‘टुकड़े-टुकड़े’ की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं।”

HYDRAA के अतिक्रमण विरोधी अभियानों को लेकर तेलंगाना में पहले से ही माहौल गरमाया हुआ है, और अब मुख्यमंत्री के इस बयान ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े सियासी विवाद में तब्दील कर दिया है।

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