सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की रविवार को मौत हो गई। इस हमले में उनके दो बच्चे भी घायल हुए हैं। भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की है और कहा है कि वह परिवार के संपर्क में है। दूतावास मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने की व्यवस्था में मदद करेगा।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मृतक की पहचान मोहम्मद यूसुफ अली के रूप में की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हादसे में यूसुफ अली के परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। शनिवार को हुए इस हमले में कुल 12 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
भारतीय परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
असदुद्दीन ओवैसी के अनुसार, मोहम्मद यूसुफ अली के एक बेटे के घुटने की सर्जरी की जा रही है, जबकि उनका दूसरा बेटा भी अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि एक बेटे के पैर की तीन उंगलियां कट गई हैं। यूसुफ अली की पत्नी और बेटी सुरक्षित हैं, जबकि उनके साथ मौजूद चाची के सिर में चोट आई थी। हालांकि, चाची की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
हमले में घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति जानने के लिए भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों और अस्पतालों के संपर्क में है। इससे पहले रविवार को दूतावास ने जानकारी दी थी कि हमले में कम से कम 11 भारतीय घायल हुए हैं। बाद में घायल भारतीयों में से एक की मौत हो गई।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया और पीड़ित परिवार को रियाद स्थित भारतीय मिशन की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया।
एक सप्ताह में एयरपोर्ट पर तीसरा हमला
रियाद एयरपोर्ट पर शनिवार को हुआ हमला एक सप्ताह के भीतर इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तीसरा हमला बताया गया है। यह घटना सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है।
हमले के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा और उड़ानों के संचालन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सऊदी अधिकारियों ने नुकसान और सुरक्षा परिस्थितियों का आकलन करने के लिए हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रियाद में स्कूलों को भी रविवार से गुरुवार तक ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
हूती समूह ने हमले के बाद एयरलाइंस, यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बचने की चेतावनी भी दी है। समूह ने दावा किया कि इन क्षेत्रों में आगे भी हमले का खतरा बना हुआ है। यह चेतावनी हूती समूह की ओर से जारी की गई है।
भारत ने हमले की कड़ी निंदा की
भारत के विदेश मंत्रालय ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बार-बार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने 10 अक्टूबर के हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है और ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए।
भारत ने हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता के समर्थन और क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद भी जताई।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया कि नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर बार-बार हमले नहीं होने चाहिए। भारत ने सऊदी अरब की सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका
रियाद एयरपोर्ट पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हूतियों द्वारा लाल सागर के तटीय क्षेत्र में रणनीतिक इलाकों पर कब्जा किए जाने के बाद सऊदी अरब ने सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं।
हूती नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि सऊदी अरब यमन में सैन्य कार्रवाई और हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तो इसके और गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इस बयान से क्षेत्र में संघर्ष के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि, सुरक्षा चिंताओं के बावजूद रियाद में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। फिलहाल एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और भारतीय दूतावास प्रभावित परिवार की सहायता में जुटा है।
मोहम्मद यूसुफ अली की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके बच्चों का इलाज जारी है। हमले की परिस्थितियों और आगे की सुरक्षा कार्रवाई को लेकर अधिक जानकारी का इंतजार है।
