जॉर्डन में चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग, 7 की मौत; किंग अब्दुल्ला ने आतंकी हमला बताया

WORLD NEWS
चर्च में फायरिंग में 7 लोगों की मौत. (Photo: Video grab)

जॉर्डन में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया। दक्षिणी जॉर्डन के कराक प्रांत में स्थित हमूद चर्च के पास बंदूकधारियों ने अंतिम संस्कार में शामिल लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस हमले में सात लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, बाद में जॉर्डन के सुरक्षा अधिकारियों ने छह लोगों की मौत और 28 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। शुरुआती आंकड़ों और आधिकारिक जानकारी में अंतर के कारण मृतकों की संख्या को लेकर रिपोर्टें अलग-अलग रहीं।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने इस घटना को आतंकी हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है। सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।

अंतिम संस्कार के दौरान हमला

यह घटना कराक प्रांत के हमूद चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई। उस समय चर्च में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हथियारबंद हमलावरों ने कुछ मिनट तक लोगों पर गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि हमलावर एक वाहन से उतरे और अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को निशाना बनाया। गोलीबारी की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मृतकों और घायलों की संख्या पर अलग-अलग रिपोर्ट

घटना के तुरंत बाद जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन चैनल अल-ममलका ने सात लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में देश के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय ने छह लोगों की मौत और 28 लोगों के घायल होने की बात कही।

अमेरिकी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में सात लोगों की मौत और 34 लोगों के घायल होने का भी उल्लेख किया गया। घायलों में कई लोगों को अस्पताल में उपचार दिया जा रहा था।

शुरुआती और बाद की रिपोर्टों में आंकड़ों का अंतर सामने आने के कारण घटना में हताहत हुए लोगों की अंतिम संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

राजा अब्दुल्ला ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि कराक में हुए इस आतंकी कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

राजा ने देश की एकता पर जोर देते हुए कहा कि हिंसा के जरिए जॉर्डन के लोगों को बांटने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

जॉर्डन के अधिकारियों और संसद के कई सदस्यों ने भी घटना की निंदा की।

हमलावरों की तलाश में जुटे सुरक्षा बल

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में कार्रवाई शुरू की और संदिग्ध हमलावरों की तलाश की। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले की जिम्मेदारी तत्काल किसी संगठन ने नहीं ली थी। अधिकारियों ने भी शुरुआत में हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी।

सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने लोगों से घटना के संबंध में अपुष्ट जानकारी प्रसारित नहीं करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जांच से जुड़ी जानकारी आधिकारिक बयानों के जरिए ही साझा की जाएगी।

जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए अभियोजक जनरल ने मामले की जांच और उससे संबंधित सूचनाओं के प्रकाशन पर भी प्रतिबंध लगाया।

जॉर्डन में दुर्लभ हैं ऐसे हमले

जॉर्डन को मध्य पूर्व के अपेक्षाकृत स्थिर देशों में गिना जाता है। हालांकि, देश में पहले भी सुरक्षा संबंधी गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं। कराक क्षेत्र में वर्ष 2016 में हुए हमलों में 10 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें सात पुलिसकर्मी शामिल थे।

जॉर्डन में ईसाई समुदाय अल्पसंख्यक है। देश में कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जहां दुनिया भर से ईसाई श्रद्धालु पहुंचते हैं।

कराक के चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुई गोलीबारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल, घटना की जांच और संदिग्धों की तलाश जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *