दिल्ली में डिजिटल एडटेक फ्रेशर्स की भर्ती 50%, मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की मांग 48%; जानें कौन-सी स्किल्स दिलाएंगी नौकरी

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Delhi leads festive ad-tech fresher hiring at 50%, while Mumbai records 48% (AI generated image)

त्योहारी सीजन में देश के डिजिटल विज्ञापन और मार्केटिंग सेक्टर में नए उम्मीदवारों के लिए रोजगार के अवसर सामने आ रहे हैं। कंपनियां ऐसे फ्रेशर्स को प्राथमिकता दे रही हैं, जिन्हें डिजिटल कैंपेन चलाने, विज्ञापन का प्रदर्शन समझने और डेटा के आधार पर मार्केटिंग रणनीति बनाने का व्यावहारिक अनुभव हो। TeamLease EdTech की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रोग्रामेटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट और मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव फ्रेशर्स के लिए प्रमुख मांग वाले पदों में शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में प्रोग्रामेटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट पद के लिए कंपनियों का भर्ती इरादा 50 प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं, मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव पद के लिए यह आंकड़ा 48 प्रतिशत है। ये आंकड़े कंपनियों की भर्ती संबंधी मंशा को दर्शाते हैं, न कि इन पदों पर नियुक्त हो चुके उम्मीदवारों का प्रतिशत।

TeamLease EdTech की Career Outlook Report for HY2 2026 में जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए भर्ती रुझानों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि डिजिटल मार्केटिंग में केवल सामान्य जानकारी रखने के बजाय व्यावहारिक कौशल और विज्ञापन अभियानों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों की उपयोगिता बढ़ रही है।

मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग सेक्टर में कितनी है भर्ती की मांग?

रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग सेक्टर में फ्रेशर्स को नियुक्त करने का इरादा 59 प्रतिशत दर्ज किया गया है। साल की पहली छमाही में यह आंकड़ा 62 प्रतिशत था। यानी सेक्टर में भर्ती का इरादा तीन प्रतिशत अंक कम हुआ है।

इसके बावजूद डिजिटल विज्ञापन से जुड़े विशेष पद कंपनियों की भर्ती योजनाओं में महत्वपूर्ण बने हुए हैं। इसकी एक वजह त्योहारी सीजन भी है। इस दौरान ऑनलाइन खरीदारी, ई-कॉमर्स गतिविधियों और ब्रांड प्रचार में तेजी आती है। कंपनियां ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचने, विज्ञापन बजट का बेहतर इस्तेमाल करने और बिक्री बढ़ाने के लिए डिजिटल कैंपेन पर ध्यान देती हैं।

ऐसे माहौल में उन उम्मीदवारों की मांग बढ़ सकती है, जिन्हें विज्ञापन अभियान तैयार करने, सही ग्राहकों तक विज्ञापन पहुंचाने और कैंपेन के नतीजों का विश्लेषण करने की समझ हो।

दिल्ली और मुंबई में कौन-सी नौकरियां प्रमुख हैं?

दिल्ली में प्रोग्रामेटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट का पद डिजिटल विज्ञापन से जुड़ा है। इस भूमिका में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन अभियान चलाने, सही ऑडियंस चुनने, विज्ञापन प्रदर्शन पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार कैंपेन में बदलाव करने जैसे काम शामिल हो सकते हैं।

दूसरी ओर, मुंबई में डिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की भूमिका प्रमुख मांग वाले पदों में शामिल है। इस पद पर काम करने वाले उम्मीदवारों को सोशल मीडिया, सर्च इंजन और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए ब्रांड या उत्पाद का प्रचार करने में मदद करनी पड़ सकती है।

शहरप्रमुख फ्रेशर पदभर्ती का इरादा
दिल्लीप्रोग्रामेटिक एडवरटाइजिंग एसोसिएट50%
मुंबईडिजिटल मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव48%

ये आंकड़े संबंधित शहरों में इन पदों के लिए रिपोर्ट में दर्ज भर्ती इरादे को दर्शाते हैं। इन्हें नौकरी मिलने की व्यक्तिगत संभावना या वास्तविक नियुक्तियों की दर नहीं समझना चाहिए।

फ्रेशर्स के लिए कौन-सी स्किल्स जरूरी हैं?

डिजिटल मार्केटिंग में करियर बनाने की योजना बना रहे युवाओं के लिए केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं हो सकता। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को महत्व दे सकती हैं, जिन्हें वास्तविक परियोजनाओं पर काम करने और डिजिटल विज्ञापन टूल्स को समझने का अनुभव हो।

रिपोर्ट में डिजिटल विज्ञापन और मार्केटिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण स्किल्स पर जोर दिया गया है।

1. कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन: विज्ञापन अभियान के नतीजों का विश्लेषण करके उसकी प्रभावशीलता सुधारना। इसमें यह समझना शामिल है कि किस विज्ञापन से ज्यादा क्लिक, ग्राहक या बिक्री मिल रही है।

2. ऑडियंस टारगेटिंग: उत्पाद या सेवा के संभावित ग्राहकों की पहचान करना और उनके अनुरूप विज्ञापन दिखाने की रणनीति बनाना।

3. मीडिया प्लानिंग: विज्ञापन के लिए सही डिजिटल प्लेटफॉर्म चुनना और बजट को इस तरह बांटना कि अभियान के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।

4. सर्च मार्केटिंग: सर्च इंजन पर विज्ञापन चलाने और ऑनलाइन खोज के जरिए ग्राहकों तक पहुंचने की प्रक्रिया को समझना।

5. एड परफॉर्मेंस एनालिटिक्स: विज्ञापन अभियान से मिले आंकड़ों का विश्लेषण करना और यह समझना कि खर्च के मुकाबले कितने प्रभावी परिणाम मिले।

इन कौशलों का व्यावहारिक ज्ञान उम्मीदवारों को नौकरी के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।

कौन-से कोर्स कर सकते हैं युवा?

TeamLease EdTech की रिपोर्ट में एडवांस्ड सर्टिफिकेशन इन डिजिटल मार्केटिंग एंड एनालिटिक्स को रोजगार के लिए उपयोगी प्रशिक्षण विकल्पों में शामिल किया गया है। इसके अलावा परफॉर्मेंस मार्केटिंग एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांड मैनेजमेंट और प्रोडक्ट एनालिटिक्स जैसे विषय भी इस क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

हालांकि, किसी कोर्स को पूरा करना नौकरी की गारंटी नहीं है। उम्मीदवारों को कोर्स चुनते समय उसकी फीस, पाठ्यक्रम, व्यावहारिक प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र की मान्यता की जानकारी भी जांचनी चाहिए।

फ्रेशर्स अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए छोटे डिजिटल प्रोजेक्ट भी तैयार कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, किसी स्थानीय दुकान के लिए सोशल मीडिया कैंपेन की योजना बनाना, काल्पनिक विज्ञापन बजट तैयार करना या किसी वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण करना व्यावहारिक सीखने के तरीके हो सकते हैं।

देशभर में फ्रेशर्स की भर्ती का इरादा बढ़ा

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2026 की दूसरी छमाही के दौरान फ्रेशर्स की भर्ती का कुल इरादा 75 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पहली छमाही में यह आंकड़ा 73 प्रतिशत था। इस तरह राष्ट्रीय स्तर पर भर्ती के इरादे में दो प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

यह रुझान पहली बार नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत देता है। हालांकि, अलग-अलग सेक्टरों में भर्ती की स्थिति अलग हो सकती है। मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग सेक्टर में भर्ती का इरादा पहली छमाही के मुकाबले थोड़ा कम हुआ है, लेकिन डिजिटल मार्केटिंग से जुड़े विशेष पद अब भी कंपनियों की योजनाओं में शामिल हैं।

नौकरी पाने के लिए अभी से क्या करें?

डिजिटल मार्केटिंग में नौकरी तलाश रहे उम्मीदवारों को अपनी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्हें विज्ञापन अभियानों की बुनियादी जानकारी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सर्च मार्केटिंग और डेटा विश्लेषण की समझ विकसित करनी चाहिए।

इसके साथ ही एक छोटा पोर्टफोलियो तैयार करना उपयोगी हो सकता है, जिसमें किए गए प्रोजेक्ट, कैंपेन की योजना, विश्लेषण और सीखी गई स्किल्स का विवरण हो। नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवार अपने रिज्यूमे में केवल कोर्स का नाम लिखने के बजाय यह भी बता सकते हैं कि उन्होंने उस दौरान क्या व्यावहारिक काम किया है।

TeamLease EdTech की रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि डिजिटल विज्ञापन और मार्केटिंग में फ्रेशर्स के लिए अवसर मौजूद हैं, लेकिन कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करना महत्वपूर्ण है। दिल्ली और मुंबई के आंकड़े इस क्षेत्र में विशेष भूमिकाओं की मांग को सामने लाते हैं। उम्मीदवारों के लिए सही रणनीति यही होगी कि वे अपनी योग्यता के साथ कैंपेन मैनेजमेंट, ऑप्टिमाइजेशन और एनालिटिक्स जैसी व्यावहारिक क्षमताओं को मजबूत करें।

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