
UP Outsourced Employees Salary Hike 2026: उत्तर प्रदेश में परिवहन निगम में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत कुछ आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। बढ़ा हुआ मानदेय जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से संबंधित कर्मचारियों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।
यह फैसला खास तौर पर परिवहन निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के पदों पर काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए किया गया है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने मानदेय में बढ़ोतरी की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों को लेकर संवेदनशील है।
जुलाई 2026 से मिलेगा बढ़े हुए मानदेय का लाभ
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की व्यवस्था पहले से निर्धारित है। इसके तहत सालभर में कुल 10 प्रतिशत तक मानदेय वृद्धि का प्रावधान है। इसमें जनवरी में 5 प्रतिशत और जुलाई में 5 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है।
इसी व्यवस्था के तहत जुलाई 2026 में भी 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यानी जिन पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को इस वृद्धि का लाभ मिलेगा, उनके मानदेय में जुलाई से संशोधित राशि लागू होगी।
सरकार के इस निर्णय को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब परिवहन निगम की विभिन्न सेवाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों की भूमिका लगातार बढ़ी है। कंप्यूटर संचालन से लेकर लेखा और तकनीकी कार्यों तक कई जिम्मेदारियां इन कर्मचारियों द्वारा संभाली जाती हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ परिवहन निगम के तीन प्रमुख पदों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर शामिल हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर
परिवहन निगम में कार्यरत 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को इस वृद्धि का लाभ मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार इन कर्मचारियों का मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये हो जाएगा।
कंप्यूटर ऑपरेटर परिवहन निगम के कार्यालयों में कंप्यूटर से जुड़े विभिन्न कार्यों को संभालते हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि से उन्हें हर महीने अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।
लेखाकार कम टैली ऑपरेटर
मानदेय वृद्धि का लाभ 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों को भी मिलेगा। इन कर्मचारियों का मानदेय उनकी वरिष्ठता के आधार पर अलग-अलग है और बढ़ोतरी के बाद यह लगभग 20 हजार रुपये से 26 हजार रुपये के दायरे में बताया गया है।
लेखा संबंधी कामकाज में इन कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। परिवहन निगम की वित्तीय और रिकॉर्ड से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने में इनकी तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल किया जाता है।
प्रोग्रामर
इसके अलावा परिवहन निगम में कार्यरत 26 प्रोग्रामरों को भी 5 प्रतिशत बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक प्रोग्रामर का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये हो जाएगा।
प्रोग्रामर परिवहन निगम की तकनीकी और डिजिटल व्यवस्थाओं को संचालित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। परिवहन सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ ऐसे तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता भी बढ़ी है।
हर साल 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की व्यवस्था
परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मानदेय वृद्धि की यह व्यवस्था एक नियमित प्रक्रिया के तहत लागू की जाती है। सरकार के अनुसार हर वर्ष कुल 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान है।
इसमें वर्ष के दौरान दो चरणों में मानदेय बढ़ाया जाता है। पहला 5 प्रतिशत जनवरी में और दूसरा 5 प्रतिशत जुलाई में दिया जाता है। जुलाई 2026 की वृद्धि इसी व्यवस्था का हिस्सा है।
इसका मतलब यह है कि पात्र कर्मचारियों को साल में दो बार मानदेय वृद्धि का लाभ मिल सकता है। हालांकि वास्तविक राशि कर्मचारी के पद और लागू मानदेय के आधार पर अलग-अलग होगी।
सरकार ने बताई कर्मचारियों की अहम भूमिका
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारु, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का मानना है कि इन कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता और सेवाओं से निगम के रोजमर्रा के कामकाज को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलती है।
सरकार के मुताबिक मानदेय में नियमित वृद्धि से कर्मचारियों को आर्थिक संबल मिलेगा। साथ ही इससे उनके काम के प्रति उत्साह और प्रतिबद्धता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का सबसे सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय करीब 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये होने पर हर महीने लगभग 765 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी।
इसी तरह प्रोग्रामर का मानदेय करीब 42,000 रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये होने पर लगभग 1,313 रुपये प्रतिमाह का अंतर आएगा। हालांकि अलग-अलग कर्मचारियों के मामले में वास्तविक राशि उनके लागू मानदेय के अनुसार हो सकती है।
यह वृद्धि भले ही प्रतिशत के हिसाब से सीमित दिखाई दे, लेकिन नियमित रूप से मिलने वाली बढ़ोतरी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए लंबे समय में आर्थिक राहत प्रदान कर सकती है।
परिवहन सेवाओं में बढ़ रही तकनीकी भूमिका
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में अब तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। टिकटिंग, रिकॉर्ड प्रबंधन, लेखा व्यवस्था और अन्य डिजिटल कार्यों के लिए तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत रहती है।
कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे कर्मचारी इन व्यवस्थाओं को चलाने में योगदान देते हैं, जबकि लेखाकार कम टैली ऑपरेटर वित्तीय रिकॉर्ड और लेखा संबंधी कार्यों में भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकार द्वारा इन पदों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि को कर्मचारियों के योगदान को प्रोत्साहित करने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला परिवहन निगम के संबंधित आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। जुलाई 2026 से 5 प्रतिशत मानदेय वृद्धि का लाभ कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलेगा।
कंप्यूटर ऑपरेटर के 249, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के 35 और प्रोग्रामर के 26 कर्मचारियों को इस वृद्धि का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। सरकार के अनुसार यह वृद्धि परिवहन निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए लागू सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि की व्यवस्था के तहत की गई है।
सरकार का कहना है कि नियमित मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे परिवहन निगम की सेवाओं को बेहतर बनाने में और अधिक उत्साह के साथ योगदान कर सकेंगे।
