
हरियाणा के फरीदाबाद से चाइनीज मांझे से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। बाइक से जा रहे 25 वर्षीय युवक की गर्दन अचानक पतंग के मांझे की चपेट में आ गई। मांझा इतना धारदार था कि युवक की गर्दन पर करीब 11 सेंटीमीटर गहरा कट लग गया। हादसे में उसके माथे पर भी गंभीर चोट आई। घटना के बाद घायल युवक को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक के बावजूद इसके इस्तेमाल को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इस तरह का मांझा सड़क पर चलने वाले बाइक सवारों, पैदल यात्रियों और पक्षियों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
बाइक से जा रहा था युवक
जानकारी के मुताबिक घायल युवक की पहचान पंकज कुमार के रूप में हुई है। वह फरीदाबाद के पल्ला पावर हाउस इलाके का रहने वाला है। घटना के समय पंकज अपनी बाइक से ओल्ड फरीदाबाद स्थित अपनी आंटी के घर जा रहा था। वह सामान्य तरीके से सड़क पर बाइक चला रहा था, लेकिन ओल्ड फरीदाबाद फ्लाईओवर के पास अचानक हवा में उड़ रही पतंग का मांझा उसकी गर्दन में उलझ गया।
शुरुआत में पंकज को यह पता ही नहीं चला कि मांझा उसकी गर्दन में फंस चुका है। इसी वजह से उसने बाइक नहीं रोकी और आगे बढ़ता रहा। बाइक की रफ्तार और मांझे की धार ने कुछ ही समय में स्थिति गंभीर कर दी।
मांझे से गर्दन में 11 सेंटीमीटर गहरा घाव
बाइक चलते रहने के कारण मांझा गर्दन पर रगड़ता रहा और उसने गहरा घाव कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार पंकज की गर्दन में करीब 11 सेंटीमीटर गहरा कट लगा। इसके अलावा उसके माथे पर भी करीब 5 सेंटीमीटर का गहरा घाव हुआ।
घटना के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और खून निकलने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने जब उसे घायल अवस्था में देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। स्थानीय लोगों ने उसे संभाला और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
बीके अस्पताल से दिल्ली किया गया रेफर
हादसे के तुरंत बाद पंकज को फरीदाबाद के बीके अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। लेकिन गर्दन पर लगी गंभीर चोट को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया। फिलहाल उसका इलाज दिल्ली में चल रहा है।
गर्दन पर गहरा कट लगने की वजह से इस घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सड़क पर चलते समय अचानक दिखाई न देने वाली पतंग की डोर बाइक सवार के लिए बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकती है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। ओल्ड फरीदाबाद पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने घटना के संबंध में जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार की ओर से आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि जिस मांझे की वजह से हादसा हुआ, वह कहां से आया और प्रतिबंध के बावजूद उसका इस्तेमाल कैसे हो रहा था।
इस हादसे ने एक बार फिर चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से ऐसे मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर इसके इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
चाइनीज मांझा सामान्य पतंग की डोर की तुलना में ज्यादा मजबूत और धारदार माना जाता है। यही वजह है कि सड़क पर अचानक इसके संपर्क में आने वाला व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो सकता है। बाइक सवारों के लिए खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है, क्योंकि तेज गति से चलती बाइक के दौरान डोर अचानक सामने आने पर संभलने का समय बहुत कम मिलता है।
बाइक सवारों के लिए बढ़ा खतरा
पतंग उड़ाने के दौरान अक्सर मांझा सड़क के ऊपर या आसपास के खुले हिस्सों में पहुंच जाता है। यदि यह डोर दिखाई न दे तो बाइक सवार के सामने अचानक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
फरीदाबाद की यह घटना बताती है कि केवल प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है। प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर प्रभावी निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन भी जरूरी है। बाजारों में इसकी उपलब्धता पर रोक लगाने के साथ-साथ लोगों को भी ऐसे मांझे का इस्तेमाल नहीं करने के लिए जागरूक करना जरूरी है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे मांझे की बिक्री करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सड़क पर निकलने वाले लोगों के लिए खतरा बना रहेगा।
पंकज के साथ हुआ हादसा इसी खतरे की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। एक सामान्य सफर के दौरान अचानक पतंग की डोर गर्दन में फंसने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। फिलहाल उसका दिल्ली में इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि पतंग उड़ाते समय ऐसी डोर का इस्तेमाल न किया जाए जो किसी दूसरे व्यक्ति की जान के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही प्रशासन के सामने चुनौती है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
